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पांच घंटे लगाया जाम, की तोड़फोड़
Sat, 08 Jun 2019 02:06 AM IST
देवेंद्र कुमार
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Sat, 08 Jun 2019 02:06 AM IST
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- फोटो : demo
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झांसी। गोरामछिया स्थित खदान में ब्लास्ट होने से दो लोगों की मौत के बाद शुक्रवार को ग्रामीणों ने कानपुर मार्ग पर जमकर हंगामा किया। पांच घंटे तक वह जाम लगाए रहे। इस दौरान पुलिसकर्मियों पर हमला बोला। पथराव किया। पत्थर लगने से दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। इतना ही नहीं भीड़ ने वाहनों पर भी पथराव कर दिया जिससे कांच टूट गए। मौके पर जमा भारी पुलिस फोर्र्स ने भीड़ को काबू में करने के लिए बल का प्रयोग किया। इस बीच पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया है, जबकि मौके से कई लोग लोग भाग निकले। पुलिस ने जाम खुलवाकर शवों को अंतिम संस्कार को भेजा। देर रात मारपीट, पथराव, तोड़फोड़ करने वालों पर मुकदमा दर्ज करने की तैयारी पुलिस ने शुरू कर दी है।
थाना बड़ागांव के गोरामछिया स्थित खदान में काम करते समय मिथुन (25) व राजीव (20) की मौत के बाद झांसी - कानपुर राजमार्ग पर भारी तादाद में लोग धरने पर बैठे गए थे। वे बड़ागांव पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर पचास लाख रुपये मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे पुलिस समेत प्रशासन के अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बन सकी। इसके बाद जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी व एसएसपी डॉ. ओपी सिंह नेे मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाते हुए जाम खुलवाने को कहा, लेकिन यहां भी लोग अपनी मांगों पर डटे रहे। अभी वार्ता चल रही थी, तभी अचानक भीड़ ने आपा खोने के बाद पुलिसकर्मियों पर हमला बोल दिया। अभी पुलिसकर्मी कुछ समझ पाते, तभी भीड़ ने मारपीट करने के बाद पथराव कर दिया।
अधिकारी समेत पुलिसकर्मी किसी तरह मौके से भागे, तभी पत्थर लगने से दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। भीड़ ने जाम में फंसे वाहनों पर भी पथराव कर दिया, जिससेे एक दर्जन से अधिक वाहनों के कांच टूटने के साथ ही वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। कई लोग तो ऐसे भी थे, जो वाहन छोड़कर अंधेरों में खेतोें की तरफ भागे। इसके बाद मौके पर मौजूद भारी पुलिस फोर्र्स ने भीड़ पर नियंत्रण पाने के लिए लाठीचार्ज कर खदेड़ा, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई। पुलिस ने जाम खुलवाने के बाद किसी तरह वाहनों को निकलवाया। इस बीच पुलिस ने पथराव करने के मामले में कई लोगों को हिरासत में ले लिया है।
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इसके बाद पुलिस ने परिजनों को बुलाकर शवों को अंतिम संस्कार करने को भेजा। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे डीआईजी सुभाष सिंह बघेल ने भी घटना की जानकारी लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। देर रात पुलिस बवालियों पर कार्रर्वाई की तैयारी में जुटी रही।
150 फीट गहरी खदान में चल रहा था काम
परिजनों का आरोप है कि जिस खदान में ब्लॉस्टिंग हुई है, वह 150 फिट गहरी है। इतनी गहरी खदान में सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर काम कराया जा रहा था वह भी रात के समय। परिजनाें का आरोप है कि इस घटना में अन्य साथी मजदूर भी बच गए। परिजनों ने यह भी बताया कि लंबे समय से दोनाें खदान में काम कर रहे थे, लेकिन घटना वाली रात दोनाें काम करने जाने के लिए राजी नहीं थे। दोनों ने खदान पर काम करने से जान को मना कर दिया था। जब दोनों खदान पर नहीं पहुंचे तो खदान मालिक मोहर सिंह यादव जबरन उन्हें अपने साथ ले गया था।
आरोपी छोड़ने पर बिगड़ा मामला
बताया गया हैै कि मुकदमा दर्ज करने से पहले आरोपी खदान मालिक बड़ागांव पुलिस के पास था। परिजनों का आरोप है कि मुकदमा दर्ज करने से पहले आरोपी को छोड़ दिया गया। इस कारण लोगों में पुलिस के प्रति आक्रोश पैदा हो गया था। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने लेनदेन कर आरोपी को छोड़ दिया। आरोपी मृतक के परिजनों को भी मुआवजा देने को तैयार था, लेकिन पुलिस के छोड़ देने के कारण आरोपी भी निकल गया। यदि बड़ागांव पुलिस आरोेपी को गिरफ्तार कर लेती तो शायद बवाल नहीं होता।
जालौन से पुलिस बुलाई
घटना के बाद जालौन से भी पुलिस बुला ली गई है। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस तैनात है। लोगों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
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थाना बड़ागांव के गोरामछिया स्थित खदान में काम करते समय मिथुन (25) व राजीव (20) की मौत के बाद झांसी - कानपुर राजमार्ग पर भारी तादाद में लोग धरने पर बैठे गए थे। वे बड़ागांव पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर पचास लाख रुपये मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे पुलिस समेत प्रशासन के अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बन सकी। इसके बाद जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी व एसएसपी डॉ. ओपी सिंह नेे मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाते हुए जाम खुलवाने को कहा, लेकिन यहां भी लोग अपनी मांगों पर डटे रहे। अभी वार्ता चल रही थी, तभी अचानक भीड़ ने आपा खोने के बाद पुलिसकर्मियों पर हमला बोल दिया। अभी पुलिसकर्मी कुछ समझ पाते, तभी भीड़ ने मारपीट करने के बाद पथराव कर दिया।
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अधिकारी समेत पुलिसकर्मी किसी तरह मौके से भागे, तभी पत्थर लगने से दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। भीड़ ने जाम में फंसे वाहनों पर भी पथराव कर दिया, जिससेे एक दर्जन से अधिक वाहनों के कांच टूटने के साथ ही वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। कई लोग तो ऐसे भी थे, जो वाहन छोड़कर अंधेरों में खेतोें की तरफ भागे। इसके बाद मौके पर मौजूद भारी पुलिस फोर्र्स ने भीड़ पर नियंत्रण पाने के लिए लाठीचार्ज कर खदेड़ा, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई। पुलिस ने जाम खुलवाने के बाद किसी तरह वाहनों को निकलवाया। इस बीच पुलिस ने पथराव करने के मामले में कई लोगों को हिरासत में ले लिया है।
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इसके बाद पुलिस ने परिजनों को बुलाकर शवों को अंतिम संस्कार करने को भेजा। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे डीआईजी सुभाष सिंह बघेल ने भी घटना की जानकारी लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। देर रात पुलिस बवालियों पर कार्रर्वाई की तैयारी में जुटी रही।
150 फीट गहरी खदान में चल रहा था काम
परिजनों का आरोप है कि जिस खदान में ब्लॉस्टिंग हुई है, वह 150 फिट गहरी है। इतनी गहरी खदान में सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर काम कराया जा रहा था वह भी रात के समय। परिजनाें का आरोप है कि इस घटना में अन्य साथी मजदूर भी बच गए। परिजनों ने यह भी बताया कि लंबे समय से दोनाें खदान में काम कर रहे थे, लेकिन घटना वाली रात दोनाें काम करने जाने के लिए राजी नहीं थे। दोनों ने खदान पर काम करने से जान को मना कर दिया था। जब दोनों खदान पर नहीं पहुंचे तो खदान मालिक मोहर सिंह यादव जबरन उन्हें अपने साथ ले गया था।
आरोपी छोड़ने पर बिगड़ा मामला
बताया गया हैै कि मुकदमा दर्ज करने से पहले आरोपी खदान मालिक बड़ागांव पुलिस के पास था। परिजनों का आरोप है कि मुकदमा दर्ज करने से पहले आरोपी को छोड़ दिया गया। इस कारण लोगों में पुलिस के प्रति आक्रोश पैदा हो गया था। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने लेनदेन कर आरोपी को छोड़ दिया। आरोपी मृतक के परिजनों को भी मुआवजा देने को तैयार था, लेकिन पुलिस के छोड़ देने के कारण आरोपी भी निकल गया। यदि बड़ागांव पुलिस आरोेपी को गिरफ्तार कर लेती तो शायद बवाल नहीं होता।
जालौन से पुलिस बुलाई
घटना के बाद जालौन से भी पुलिस बुला ली गई है। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस तैनात है। लोगों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।