झांसी सामूहिक दुष्कर्म कांड की गूंज पहुंची शासन तक, हरकत में आया पुलिस प्रशासन
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हाथरस कांड में यूपी पुलिस की किरकिरी के बाद झांसी में छात्रा के साथ पॉलीटेक्निक में सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने शासन तक की चूलें हिला दीं। सूचना मिलते ही डीजीपी समेत पूरा अमला हरकत में आया। झांसी के अफसरों पर लखनऊ से इस कदर दबाव था कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीमें लगातार देर रात तक दबिश देती रहीं। एलआईयू से लेकर पुलिस के सूचना तंत्र तक का सहयोग लिया गया। आरोपी कहीं मध्यप्रदेश बार्डर के रास्ते न निकल जाएं इसलिए वहां भी चाक चौबंद व्यवस्था कर दी गई थी। इसी सक्रियता के चलते रात तक सात आरोपी धर लिए गए थे। लखनऊ से आलाधिकारी पल-पल की खबर लेते रहे।
हाथरस की घटना की आग अभी ठंडी भी नहीं हो पाई कि झांसी में रविवार को एक नाबालिग बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आ गई। पॉलीटेक्निक के छात्रों ने दिन दहाड़े हास्टल में इस घटना को अंजाम दिया। जबकि, चंद कदम की दूरी पर ही पॉलीटेक्निक में लोक सेवा आयोग की परीक्षा चल रही थी, जिससे वहां पुलिस की भी मौजूद थी। बावजूद, बेखौफ होकर आरोपी अपने मंसूबों को अंजाम देने में जुटे रहे। हाथरस की घटना की तरह कहीं फजीहत न हो जाए इसलिए घटना के बाद पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज की और घटना की पूरी जानकारी उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी खुद इस पूरे घटनाक्रम पर निगाह बनाए रहे। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से पूरी वारदात की जानकारी ली। डीजीपी का जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी पर जोर रहा।
पुलिस ने भी बगैर कोताही बरते आरोपियों का पूरा रिकॉर्ड कॉलेज से खंगाला। पहले मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उसके बाद कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए अन्य आरोपियों को भी दबोच लिया। देर रात तक घटना को अंजाम देने वालों में सात आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके थे। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी देर रात तक पुलिस की दबिशें जारी रहीं। झांसी ही नहीं, बल्कि आसपास के इलाकों में भी पुलिस ने दबिश थी। साथ ही कानपुर, औरैया के साथ-साथ दतिया और ग्वालियर की पुलिस से भी संपर्क साधे रही।
परिवार की हिम्मत ने आरोपियों को पहुंचाया अंजाम तक
पालीटेक्निक कॉलेज के हॉस्टल में सामूहिक दुष्कर्म की शिकार नाबालिग बेटी और उसके परिवार ने हिम्मत से काम लिया। बेटी ने घटना पर चुप्पी साधने की बजाय इसकी पूरी जानकारी परिवार और पुलिस को दी। पुलिस ने भी परिवार का भरोसा बढ़ाया। बदनामी के डर से पीड़िता के परिजन एफआईआर दर्ज कराने से हिचकिचा रहे थे, परंतु पुलिस ने बताया कि पीड़िता का नाम पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा। आरोपियों को उनके अंजाम तक पहुंचाने के लिए एफआईआर दर्ज की जानी बेहद जरूरी है। पीड़िता ने पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
शहर में गूंजा पॉलीटेक्निक कांड
पॉलीटेक्निक कॉलेज के छात्रावास में नाबालिग छात्रा के साथ ही दुष्कर्म की घटना चंद घंटे बाद ही पूरे शहर में फैल गई। लोग एक दूसरे से घटना के बारे में जानकारी लेते रहे। साथ ही, महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े करते रहे।