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Jhansi: पूर्व केंद्रीय मंत्री के भतीजे को नेकचलनी की सजा, 2013 में बिजली कटौती के विरोध में दिया था धरना
Tue, 23 Sep 2025 11:38 AM IST
दीपक महाजन
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Tue, 23 Sep 2025 11:38 AM IST
सार
बिजली कटौती के विरोध में 11 जून 2013 को पारीछा पावर कॉरपोरेशन के प्रवेश द्वार पर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ने अपने कार्यकर्ता और समर्थकों के साथ धरना दिया था।
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कोर्ट का फैसला
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
विस्तार
बिजली कटौती के विरोध में 11 जून 2013 को पारीछा पावर कॉरपोरेशन के प्रवेश द्वार पर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ने अपने कार्यकर्ता और समर्थकों के साथ धरना दिया था। पुलिस ने पूर्व मंत्री और उनके साथ 12 लोगों के अलावा 250 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने मंत्री के नाबालिग भतीजे को भी आरोपी बनाया था। सोमवार को जुवेनाइल कोर्ट ने उसे नेकचलनी की सजा सुनाई। एक साल तक किसी आपराधिक गतिविधि में उसका नाम नहीं आना चाहिए।
सपा शासनकाल में प्रदीप जैन आदित्य केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री पद पर थे। जनपद में उस वक्त बिजली कटौती के खिलाफ उन्होंने मोर्चा खोला था। 11 जून 2013 को वह अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ पारीछा पावर प्लांट पहुंचे और धरना प्रदर्शन करने लगे थे। इस कारण झांसी से कानपुर और कानपुर से झांसी जाने वाले वाले वाहनों के पहिये थम गए थे। कई घंटे बीत जाने के बाद भी जाम नहीं खुला था।
पूर्व मंत्री और उनके समर्थकों को हटाने के लिए कई थानों की पुलिस के अलावा प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे थे। इसके बाद पूर्व मंत्री और उनके समर्थकों के खिलाफ बड़ागांव थाने में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था, इसमें पूर्व मंत्री का भतीजा भी शामिल था। उस वक्त नाबालिग होने के नाते सुनवाई जुवेनाइल कोर्ट में हुई। सोमवार को अदालत ने उसे नेकचलनी पर छोड़ दिया।
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13 सितंबर को अन्य को सुनाई गई थी दो साल की सजा
शुक्रवार 13 सितंबर को उक्त मामले में सभी 13 नामजद कोर्ट में पेश हुए थे, जहां सभी को दोषी मानकर दो साल की सजा सुनाई गई थी। सजा के बाद सभी को 20-20 हजार के मुचलके पर जमानत दे दी गई थी। साथ ही एक सप्ताह में बांड पेश करने का फैसला सुनाया था, इनमें प्रदीप जैन आदित्य, रजनीश श्रीवास्तव, वीरेंद्र सिंह, राहुल राय, नावेद खान, सादाब अहमद, राहुल गुप्ता, नरेश चंद्र विवल्हारिया, सलमान अहमद, सुहैल जैन, हरीश कपूर उर्फ टीटू, शेर खान और मनोज कुमार शामिल थे।
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सपा शासनकाल में प्रदीप जैन आदित्य केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री पद पर थे। जनपद में उस वक्त बिजली कटौती के खिलाफ उन्होंने मोर्चा खोला था। 11 जून 2013 को वह अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ पारीछा पावर प्लांट पहुंचे और धरना प्रदर्शन करने लगे थे। इस कारण झांसी से कानपुर और कानपुर से झांसी जाने वाले वाले वाहनों के पहिये थम गए थे। कई घंटे बीत जाने के बाद भी जाम नहीं खुला था।
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पूर्व मंत्री और उनके समर्थकों को हटाने के लिए कई थानों की पुलिस के अलावा प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे थे। इसके बाद पूर्व मंत्री और उनके समर्थकों के खिलाफ बड़ागांव थाने में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था, इसमें पूर्व मंत्री का भतीजा भी शामिल था। उस वक्त नाबालिग होने के नाते सुनवाई जुवेनाइल कोर्ट में हुई। सोमवार को अदालत ने उसे नेकचलनी पर छोड़ दिया।
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13 सितंबर को अन्य को सुनाई गई थी दो साल की सजा
शुक्रवार 13 सितंबर को उक्त मामले में सभी 13 नामजद कोर्ट में पेश हुए थे, जहां सभी को दोषी मानकर दो साल की सजा सुनाई गई थी। सजा के बाद सभी को 20-20 हजार के मुचलके पर जमानत दे दी गई थी। साथ ही एक सप्ताह में बांड पेश करने का फैसला सुनाया था, इनमें प्रदीप जैन आदित्य, रजनीश श्रीवास्तव, वीरेंद्र सिंह, राहुल राय, नावेद खान, सादाब अहमद, राहुल गुप्ता, नरेश चंद्र विवल्हारिया, सलमान अहमद, सुहैल जैन, हरीश कपूर उर्फ टीटू, शेर खान और मनोज कुमार शामिल थे।