{"_id":"69e71c0b4a129e68b906cb25","slug":"jhansi-for-the-first-time-in-the-history-of-the-municipal-corporation-the-house-was-boycotted-2026-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi: नगर निगम के इतिहास में पहली बार सदन का बहिष्कार, पार्षदों ने अपनी ही सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi: नगर निगम के इतिहास में पहली बार सदन का बहिष्कार, पार्षदों ने अपनी ही सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
Tue, 21 Apr 2026 12:11 PM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Tue, 21 Apr 2026 12:11 PM IST
सार
साढ़े तीन महीने बाद आयोजित सदन की बैठक का सत्ता पक्ष के पार्षदों ने ही बहिष्कार कर दिया, जिसे विपक्ष का भी साथ मिला। पार्षदों का आरोप था कि उन्हें सदन में बैठाकर महापौर और अधिकारी बंद कमरों में मशविरा कर रहे हैं।
विज्ञापन
नगर निगम, झांसी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
झांसी नगर निगम के इतिहास में सोमवार को ऐसा अध्याय जुड़ा जो पहले कभी नहीं देखा गया। साढ़े तीन महीने बाद आयोजित सदन की बैठक का सत्ता पक्ष के पार्षदों ने ही बहिष्कार कर दिया, जिसे विपक्ष का भी साथ मिला। पार्षदों का आरोप था कि उन्हें सदन में बैठाकर महापौर और अधिकारी बंद कमरों में मशविरा कर रहे हैं। इस हंगामे और बहिष्कार के चलते नगर के विकास से जुड़ा वार्षिक बजट भी पास नहीं हो सका।
सवा 12 बजे तक कार्यवाही शुरू नहीं होने पर बिफरे पार्षद
सुबह 11:45 बजे का समय बैठक के लिए तय था। पार्षद समय पर सदन पहुंच गए, लेकिन महापौर बिहारी लाल आर्य अपने कक्ष में अधिकारियों और चुनिंदा पार्षदों के साथ चर्चा में व्यस्त रहे। जब सवा 12 बजे तक कार्यवाही शुरू नहीं हुई, तो पार्षदों का धैर्य जवाब दे गया। ''''पार्षद एकता जिंदाबाद'''' के नारों के साथ सदन खाली हो गया। सदन कक्ष में नगर आयुक्त आकांक्षा राणा और अन्य आला अधिकारी मूकदर्शक बने बैठे रहे।
पहली बार आए मनोनीत पार्षद भी प्रदर्शन में कूदे
दिलचस्प बात यह रही कि हाल ही में शपथ लेने वाले भाजपा के 10 मनोनीत पार्षद अपने पहले सदन में विकास कार्यों के प्रस्ताव लेकर पहुंचे थे। लेकिन माहौल देखकर वे भी पीछे नहीं रहे और अनुभवी पार्षदों के साथ सुर में सुर मिलाकर नारेबाजी करने लगे।
विज्ञापन
मेयर की सफाई : अक्षय तृतीया का दिया हवाला
पूरे घटनाक्रम पर महापौर बिहारी लाल आर्य ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश करते हुए कहा कि अक्षय तृतीया होने के कारण पार्षदों ने सामाजिक कार्यक्रमों में व्यस्तता की बात कही थी, इसलिए सदन स्थगित करने का अनुरोध किया गया था। वह कक्ष में अगली तिथि तय करने पर ही चर्चा कर रहे थे।
बैठक का बहिष्कार करते पार्षद...
विज्ञापन
सवा 12 बजे तक कार्यवाही शुरू नहीं होने पर बिफरे पार्षद
सुबह 11:45 बजे का समय बैठक के लिए तय था। पार्षद समय पर सदन पहुंच गए, लेकिन महापौर बिहारी लाल आर्य अपने कक्ष में अधिकारियों और चुनिंदा पार्षदों के साथ चर्चा में व्यस्त रहे। जब सवा 12 बजे तक कार्यवाही शुरू नहीं हुई, तो पार्षदों का धैर्य जवाब दे गया। ''''पार्षद एकता जिंदाबाद'''' के नारों के साथ सदन खाली हो गया। सदन कक्ष में नगर आयुक्त आकांक्षा राणा और अन्य आला अधिकारी मूकदर्शक बने बैठे रहे।
विज्ञापन
पहली बार आए मनोनीत पार्षद भी प्रदर्शन में कूदे
दिलचस्प बात यह रही कि हाल ही में शपथ लेने वाले भाजपा के 10 मनोनीत पार्षद अपने पहले सदन में विकास कार्यों के प्रस्ताव लेकर पहुंचे थे। लेकिन माहौल देखकर वे भी पीछे नहीं रहे और अनुभवी पार्षदों के साथ सुर में सुर मिलाकर नारेबाजी करने लगे।
विज्ञापन
मेयर की सफाई : अक्षय तृतीया का दिया हवाला
पूरे घटनाक्रम पर महापौर बिहारी लाल आर्य ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश करते हुए कहा कि अक्षय तृतीया होने के कारण पार्षदों ने सामाजिक कार्यक्रमों में व्यस्तता की बात कही थी, इसलिए सदन स्थगित करने का अनुरोध किया गया था। वह कक्ष में अगली तिथि तय करने पर ही चर्चा कर रहे थे।
बैठक का बहिष्कार करते पार्षद...
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन