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होली पर छाया मातम: खेती में हुआ नुकसान तो किसान ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, क्षत-विक्षत अवस्था में मिला शव
Sat, 19 Mar 2022 03:00 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Sat, 19 Mar 2022 03:00 PM IST
सार
मृत किसान के छोटे भाई ने बताया कि खेती में हुए नुकसान की वजह से गौरीशंकर ने मालगाड़ी के आगे कूदकर अपनी जान दे दी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
झांसी के पूंछ थाना इलाके से होली के दिन एक परिवार के लिए मातम की खबर सामने आई। यहां खेती में हुए नुकसान से परेशान चल रहे एक किसान के आत्महत्या की खबर सामने से पूरे इलाके में सनसनी मच गई।
झांसी के पूंछ थाना इलाके के ग्राम चितगुवां निवासी गौरीशंकर राजपूत (50) पेश से किसान थे। वे 10 बीघा जमीन के काश्तकार थे। रबी सीजन में उन्होंने अपनी 10 बीघा जमीन में से आठ बीघा में मटर और दो बीघा में गेहूं की बुवाई की थी। हाल ही में फसल की कटाई की गई तो आठ बीघा में महज आठ क्विंटल मटर ही निकली।
छोटे भाई लक्ष्मण ने बताया कि कृषि में नुकसान होने की वजह से वे मानसिक रूप से परेशान थे। शुक्रवार की सुबह बगैर किसी को बताए घर से निकल गए थे। कुछ समय बाद उनका शव गांव के पास से गुजरने वाले रेलवे ट्रैक पर क्षत-विक्षत अवस्था में पड़ा मिला। भाई ने बताया कि खेती में हुए नुकसान की वजह से गौरीशंकर ने मालगाड़ी के आगे कूदकर अपनी जान दे दी।
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झांसी के पूंछ थाना इलाके के ग्राम चितगुवां निवासी गौरीशंकर राजपूत (50) पेश से किसान थे। वे 10 बीघा जमीन के काश्तकार थे। रबी सीजन में उन्होंने अपनी 10 बीघा जमीन में से आठ बीघा में मटर और दो बीघा में गेहूं की बुवाई की थी। हाल ही में फसल की कटाई की गई तो आठ बीघा में महज आठ क्विंटल मटर ही निकली।
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छोटे भाई लक्ष्मण ने बताया कि कृषि में नुकसान होने की वजह से वे मानसिक रूप से परेशान थे। शुक्रवार की सुबह बगैर किसी को बताए घर से निकल गए थे। कुछ समय बाद उनका शव गांव के पास से गुजरने वाले रेलवे ट्रैक पर क्षत-विक्षत अवस्था में पड़ा मिला। भाई ने बताया कि खेती में हुए नुकसान की वजह से गौरीशंकर ने मालगाड़ी के आगे कूदकर अपनी जान दे दी।
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