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Jhansi: जल निगम कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों को पीटा, शहर में जलापूर्ति बंद, ऑडियो हो रहा वायरल
Fri, 22 Aug 2025 10:56 AM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Fri, 22 Aug 2025 10:56 AM IST
सार
वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट पर पंप ऑपरेटर को पीटा और जान से मारने की धमकी दी है। इन लोगों ने पाइप लाइन के कार्य को रुकवा दिया है इस कारण डब्ल्यूटीपी से होने वाले जलापूर्ति रोक दी गई है।
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नल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शहर में जल निगम से पोषित इलाकों में शुक्रवार से जलापूर्ति नहीं हो सकेगी। इससे करीब पांच-छह हजार की आबादी प्रभावित होगी। जल निगम की कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों को सीमावर्ती इलाके के दबंगों के पीटकर काम रुकवाने से कार्यदायी संस्था ने जलापूर्ति सुचारु रखने में असमर्थता जता दी है। अब जल निगम के अफसर मामले को सुलझाने के प्रयास में लगे हुए हैं। जल निगम की ओर से पानी की आपूर्ति के लिए पेयजल लाइनें डालने का काम झांसी-मध्य प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में चल रहा है। कार्यदायी संस्था टहल के अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती इलाके के कुछ दबंग लोग पंप ऑपरेटर और अन्य कर्मचारियों पर अनुचित दबाव बना रहे हैं। आवेदन के साथ मारपीट करते हैं। 19 अगस्त को दबंगों ने फिर वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट पर पंप ऑपरेटर को पीटा और जान से मारने की धमकी दी है। इन लोगों ने पाइप लाइन के कार्य को रुकवा दिया है इस कारण डब्ल्यूटीपी से होने वाले जलापूर्ति रोक दी गई है।
ऑडियो भी हो रहा वायरल
सीमावर्ती इलाके में जल निगम के कार्य को रुकवाने के मामले में सोशल मीडिया पर एक ऑडियो भी वायरल हो रहा है। इसमें कार्यदायी संस्था का अधिकारी एक नेता पर कार्य रुकवाने का आरोप लगा रहा है। कह रहा है कि यहां काम करना बेहद मुश्किल है। ऑडियो में नेता पर रंगदारी मांगने का आरोप लगा रहा है। हालांकि, इस ऑडियो की पुष्टि नहीं की जा सकती है।
दो साल से डाली जा रही हैं बाधाएं
जल निगम ने शहर के कुछ हिस्सों में इसी साल से 40 किलोमीटर पाइप लाइन डालकर टेस्टिंग के तौर पर जलापूर्ति शुरू की थी। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों का कहना है कि दो साल से इलाके के दबंग और प्रभावशाली लोग और उनके गुर्गे जल निगम के कार्य में बाधा डाल रहे हैं। इस कारण परियोजना की लागत पहले ही दो करोड़ रुपये बढ़ चुकी है। यही हाल रहा तो इस परियोजना का पूरा होना भी संभव नहीं होगा। इससे झांसी के सीपरी बाजार के कुछ हिस्से, भवनपुरा, मसीहागंज, सागर गेट. आदि इलाकों में अनिश्चितकाल के लिए आपूर्ति बंद रहेगी। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों का कहना है कि जल आपूर्ति तभी संभव हो सकेगी, जब इस समस्या का स्थायी समाधान होगा। संबंध में कार्यदायी संस्था ने जल निगम के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत करा दिया है।
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इस संबंध में अधिशासी अभियंता मुकेश पाल का कहना है कि कार्य रुकवाने की शिकायतें मिली हैं। उच्चाधिकारियों और प्रशासनिक अफसरों से वार्ता करके समस्या का हल निकालने की कोशिश की जा रही है। जहां पानी का संकट होगा, वहां टैंकरों से आपूर्ति हो सकेगी।
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ऑडियो भी हो रहा वायरल
सीमावर्ती इलाके में जल निगम के कार्य को रुकवाने के मामले में सोशल मीडिया पर एक ऑडियो भी वायरल हो रहा है। इसमें कार्यदायी संस्था का अधिकारी एक नेता पर कार्य रुकवाने का आरोप लगा रहा है। कह रहा है कि यहां काम करना बेहद मुश्किल है। ऑडियो में नेता पर रंगदारी मांगने का आरोप लगा रहा है। हालांकि, इस ऑडियो की पुष्टि नहीं की जा सकती है।
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दो साल से डाली जा रही हैं बाधाएं
जल निगम ने शहर के कुछ हिस्सों में इसी साल से 40 किलोमीटर पाइप लाइन डालकर टेस्टिंग के तौर पर जलापूर्ति शुरू की थी। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों का कहना है कि दो साल से इलाके के दबंग और प्रभावशाली लोग और उनके गुर्गे जल निगम के कार्य में बाधा डाल रहे हैं। इस कारण परियोजना की लागत पहले ही दो करोड़ रुपये बढ़ चुकी है। यही हाल रहा तो इस परियोजना का पूरा होना भी संभव नहीं होगा। इससे झांसी के सीपरी बाजार के कुछ हिस्से, भवनपुरा, मसीहागंज, सागर गेट. आदि इलाकों में अनिश्चितकाल के लिए आपूर्ति बंद रहेगी। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों का कहना है कि जल आपूर्ति तभी संभव हो सकेगी, जब इस समस्या का स्थायी समाधान होगा। संबंध में कार्यदायी संस्था ने जल निगम के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत करा दिया है।
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इस संबंध में अधिशासी अभियंता मुकेश पाल का कहना है कि कार्य रुकवाने की शिकायतें मिली हैं। उच्चाधिकारियों और प्रशासनिक अफसरों से वार्ता करके समस्या का हल निकालने की कोशिश की जा रही है। जहां पानी का संकट होगा, वहां टैंकरों से आपूर्ति हो सकेगी।