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झांसी अग्निकांड: बड़ा खुलासा...विभाग ने प्रतिबंधित एल्युमिनियम वायर की फिटिंग मिलने पर जताई थी अनहोनी की आशंका
Tue, 19 Nov 2024 02:03 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 19 Nov 2024 02:03 PM IST
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मेडिकल में जांच करने आई शासन की टीम प्राचार्य एनएस सेंगर से पूछताछ करती हुई
- फोटो : अमर उजाला
झांसी मेडिकल कॉलेज में आग लगने के कारणों का पता लगाने लखनऊ की चार सदस्यीय टीम सोमवार को पहुंची। मंगलवार को भी टीम ने जांच की। सामने आया है कि विद्युत सुरक्षा विभाग में जून में ही मेडिकल कॉलेज को ऑडिट रिपोर्ट में अनहोनी की आशंका जताई थी।
स्पष्ट कहा गया है कि प्रतिबंधित एल्युमिनियम तारों की फिटिंग हो रही है, जिससे हादसे की आशंका है। इसके साथ ही रिपोर्ट में कहा गया था कि कॉपर वायर का इंसुलेशन कई जगह पर कमजोर है। मेडिकल कॉलेज में लगे ट्रांसफार्मर से लेकर वॉर्ड, ओपीडी आदि स्थानों पर तारों का बिछाया जाल मानक के अनुरूप नहीं है।
सहायक निदेशक विद्युत सुरक्षा सीबी चौबे ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के अंदर तमाम जगहों पर प्रतिबंधित एल्युमिनियम वायर की फिटिंग हो रही है, जो गलत है। इसके बाबत जून में कालेज प्रशासन को रिपोर्ट सौंपी है।
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अब यह रिपोर्ट डिप्टी डायरेक्टर विद्युत सुरक्षा ने कब्जे में ले ली है। चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक किंजल सिंह ने विद्युत सुरक्षा विभाग द्वारा सौंपी रिपोर्ट में खामियां मिलने की बात स्वीकार की है। उन्होंने बताया कि दो पन्ने की रिपोर्ट में इसका जिक्र है। इसको लेकर कालेज प्राचार्य से पूछा है कि इस मामले में क्या कदम उठाए थे और क्या कार्रवाई की।
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स्पष्ट कहा गया है कि प्रतिबंधित एल्युमिनियम तारों की फिटिंग हो रही है, जिससे हादसे की आशंका है। इसके साथ ही रिपोर्ट में कहा गया था कि कॉपर वायर का इंसुलेशन कई जगह पर कमजोर है। मेडिकल कॉलेज में लगे ट्रांसफार्मर से लेकर वॉर्ड, ओपीडी आदि स्थानों पर तारों का बिछाया जाल मानक के अनुरूप नहीं है।
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सहायक निदेशक विद्युत सुरक्षा सीबी चौबे ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के अंदर तमाम जगहों पर प्रतिबंधित एल्युमिनियम वायर की फिटिंग हो रही है, जो गलत है। इसके बाबत जून में कालेज प्रशासन को रिपोर्ट सौंपी है।
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अब यह रिपोर्ट डिप्टी डायरेक्टर विद्युत सुरक्षा ने कब्जे में ले ली है। चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक किंजल सिंह ने विद्युत सुरक्षा विभाग द्वारा सौंपी रिपोर्ट में खामियां मिलने की बात स्वीकार की है। उन्होंने बताया कि दो पन्ने की रिपोर्ट में इसका जिक्र है। इसको लेकर कालेज प्राचार्य से पूछा है कि इस मामले में क्या कदम उठाए थे और क्या कार्रवाई की।
हर अस्पताल में नए सिरे से परखे जाएंगे आग से बचाव के इंतजाम
झांसी मेडिकल कालेज में अग्निकांड के बाद सरकार ने प्रदेश के अस्पतालों की सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने हर अस्पताल का नए सिरे से अग्नि सुरक्षा आडिट कराने का निर्देश दिया है। सभी अस्पतालों से सुरक्षा से जुड़े 20 बिंदुओं पर चेकलिस्ट तैयार कर जवाब देने का निर्देश दिया है।
सोमवार को एनेक्सी में चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी अस्पताल में तार लटकते मिलने, स्विच खराब या क्षमता से कम मिलने पर संबंधित अधीक्षक और निदेशक जिम्मेदार होंगे।
झांसी मेडिकल कालेज में अग्निकांड के बाद सरकार ने प्रदेश के अस्पतालों की सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने हर अस्पताल का नए सिरे से अग्नि सुरक्षा आडिट कराने का निर्देश दिया है। सभी अस्पतालों से सुरक्षा से जुड़े 20 बिंदुओं पर चेकलिस्ट तैयार कर जवाब देने का निर्देश दिया है।
सोमवार को एनेक्सी में चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी अस्पताल में तार लटकते मिलने, स्विच खराब या क्षमता से कम मिलने पर संबंधित अधीक्षक और निदेशक जिम्मेदार होंगे।
उप मुख्यमंत्री ने अफसरों को टीमचेतावनी देते हुए कहा कि हर अस्पताल की सुरक्षा आडिट से सामने आने वाली कमियों को तत्काल दूर किया जाए। हर अधिकारी और चिकित्साधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाए। समय-समय पर मॉकड्रिल कराई जाए। उपकरणों की नियमित जांच हो। हर दिन चिकित्साधिकारी अपनी विशेषज्ञ टीम के साथ अस्पताल परिसर का राउंड लें।
झांसी जैसी चूक कहीं और नहीं होगी
झांसी की घटना से मन व्यथित है। सरकार पूरी तरह से पीड़ित परिजनों के साथ है। उन्हें हर संभव मदद उपलब्ध कराई जा रही है। विभाग की उच्चस्तरीय टीम की जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। वहां मिलने वाली चूक किसी और अस्तपताल में नहीं होने देंगे। - ब्रजेश पाठक, उप मुख्यमंत्री
झांसी की घटना से मन व्यथित है। सरकार पूरी तरह से पीड़ित परिजनों के साथ है। उन्हें हर संभव मदद उपलब्ध कराई जा रही है। विभाग की उच्चस्तरीय टीम की जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। वहां मिलने वाली चूक किसी और अस्तपताल में नहीं होने देंगे। - ब्रजेश पाठक, उप मुख्यमंत्री