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Jhansi: सीबीआई जांच में नोटबंदी के समय पांच लाख के राजस्व की गड़बड़ी का आरोप सिद्ध, खजांची बर्खास्त
Thu, 09 Jun 2022 09:39 PM IST
अनुराग सक्सेना
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Thu, 09 Jun 2022 09:39 PM IST
सार
प्रवर डाक अधीक्षक बीके पाण्डेय ने बताया कि रमेश प्रसाद 2016 में सदर स्थित प्रधान डाकघर में खजांची पद पर कार्यरत थे। नवंबर 2016 में नोटबंदी के दौरान उन पर करीब पांच लाख रुपए की हेरफेर करने का आरोप लगा था। उसकी जांच सीबीआई कर रही थी।
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सीबीआई
- फोटो : फाइल
विस्तार
डाकघर के तत्कालीन खजांची आईटीआई निवासी रमेश प्रसाद को बर्खास्त कर दिया गया है। उसपर नोटबंदी के दौरान करीब पांच लाख रुपये के हेरफेर करने का आरोप था। सीबीआई जांच में आरोप सिद्ध होने पर निदेशक डाकसेवा मंडल ने उसको बर्खास्त कर दिया है।
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प्रवर डाक अधीक्षक बीके पाण्डेय ने बताया कि रमेश प्रसाद 2016 में सदर स्थित प्रधान डाकघर में खजांची पद पर कार्यरत थे। नवंबर 2016 में नोटबंदी के दौरान उन पर करीब पांच लाख रुपए की हेरफेर करने का आरोप लगा था।
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रमेश प्रसाद को सस्पेंड कर मामले की जांच बैठाई गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच की थी। इसका पर्दाफाश करते हुए मुख्यालय में रिपोर्ट भेजी थी। रमेश जमानत पर बाहर थे। अब फिलहाल झांसी कैंट उप डाकघर में पोस्ट मास्टर के पद पर काम कर रहे थे। उनको बर्खास्त कर दिया गया है।
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