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विदेशी बालाओं के जाल में फंसे झांसी के कारोबारी गंवा बैठे मोटी रकम
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झांसी। फेसबुक पर विदेशी बालाएं फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने के बाद दोस्ती कर लोगों को फंसा रही हैं। इन विदेशी बालाआें ने पचास से अधिक लोगों को फंसा कर मदद के नाम पर रकम मंगा ली। ठगी का अहसास होने के बाद सभी शिकायत लेकर साइबर थाने पहुंचे। बदनामी के डर से अब मुकदमा दर्ज कराने में कतरा रहे हैं। साइबर थाना पुलिस मामलों की पड़ताल में जुट गई है।
झांसी जिले में रहने वाले एक नेता के फेसबुक पर एक विदेशी महिला की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। नेता जी ने बिना जांच पड़ताल किए दोस्त बना लिया। कुछ दिन बीतने के बाद फेसबुक पर बातों का सिलसिला शुरू हो गया। बातों ही बातों में दोनों तरफ से व्हाट्सएप नंबर का भी आदान-प्रदान हुआ। गहरी दोस्ती होने के बाद ही विदेशी बाला ने भारत आकर मिलने की बात रखी। जिसे सुनकर नेता खुश हो गए। चंद घंटे बाद ही युवती ने अपनी परेशानी बताते हुए आने से इंकार कर दिया। ज्यादा पूछताछ के बाद उसने कहा कि कुछ पैसे कम पड़ रहे हैं, अगर वह मदद कर दें तो भारत आकर वापस कर देगी। नेताजी ने खाते में 55 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद बातों का सिलसिला पूरी तरह बंद हो गया। जहां उनको पता चला कि वह ठगी का शिकार हो चुके हैं। नेताजी ने साइबर थाना पुलिस से शिकायत की है, लेकिन मुकदमा दर्ज कराने के लिए मना कर दिया है। नेता जी की तरह, कई लोग विदेशी युवतियों का शिकार हो चुके हैं।
केस नंबर 1
सदर बाजार निवासी एक एक व्यक्ति की फेसबुक पर केलिफोर्निया की एक युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। फेसबुक पर चेटिंग के बाद मामला व्हाट्सएप तक पहुंच गया। युवती ने अश्लील मेसेज भी भेजे। वीडियो कॉल पर भी बात की। इसके बाद मिलने की बात कहकर खाते में 30 हजार रुपये जमा करा लिए।
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केस नंबर 2
थाना प्रेमनगर क्षेत्र में रहने वाले एक शिक्षक को भी फंसा लिया गया। दोस्ती होने के बाद उनको विदेशी करेंसी कम कीमत पर देने का लालच दिया। उनसे कहा गया कि वह जल्द ही भारत आएगी। ऐसे में बातों में फंसाकर उनसे तीन लाख रुपये की रकम ले ली। ठगी की जानकारी होने के बाद उन्होंने साइबर थाना पुलिस से शिकायत की है।
केस नंबर 3
एक कारोबारी को भी विदेशी युवती ने फंसा लिया। उनसे दोस्ती होने के बाद उनसे मोबाइल पर वीडियो कॉल कर अश्लील बातें करने लगी। इसके बाद उनको परेशानी बताकर मदद के नाम पर हजाराें रुपये हड़प लिए। अब वह रकम पाने के लिए साइबर थाने के चक्कर काट रहे हैं।
यह सावधानी जरूर बरतें
- फेक आईडी पकड़ने के लिए सबसे पहले उस अकाउंट की प्रोफाइाल फोटों पर गौर करें।
- अगर पूरे अकाउंट में सिर्फ एक ही प्रोफाइल फोटो हो तो यह साफ है कि यह फेक व फर्जी अकाउंट है।
- फेक आईडी की सबसे बड़ी पकड़ यह है कि ऐसे आईडी वाले लोग लंबे समय तक अपना स्टे्टस अपडेट नहीं करते।
- ऐसा फेसबुक अकाउंट जिसके द्वारा ना तो कोई पोस्ट की गई हो ना किसी फ्रेंड के स्टेट्स पर कमेंट किया हो, तो यह साफ है कि यह फेक अकाउंट है।
फेसबुक समेत अन्य साइटों पर ऐसे अकाउंटों की भरमार है। परिचित लोगों से ही दोस्ती करें। विदेशी लड़कियां सिर्फ अश्लीलता परोस कर ठगने का काम करती हैं। ऐसे में सतर्क रहने की जरुरत है। ऐसी शिकायतें साइबर थाने में आ रही हैं। इनकी जांच की जा रही है।
विवेक कुमार त्रिपाठी, एसपी सिटी व नोडल अधिकारी साइबर थाना
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झांसी जिले में रहने वाले एक नेता के फेसबुक पर एक विदेशी महिला की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। नेता जी ने बिना जांच पड़ताल किए दोस्त बना लिया। कुछ दिन बीतने के बाद फेसबुक पर बातों का सिलसिला शुरू हो गया। बातों ही बातों में दोनों तरफ से व्हाट्सएप नंबर का भी आदान-प्रदान हुआ। गहरी दोस्ती होने के बाद ही विदेशी बाला ने भारत आकर मिलने की बात रखी। जिसे सुनकर नेता खुश हो गए। चंद घंटे बाद ही युवती ने अपनी परेशानी बताते हुए आने से इंकार कर दिया। ज्यादा पूछताछ के बाद उसने कहा कि कुछ पैसे कम पड़ रहे हैं, अगर वह मदद कर दें तो भारत आकर वापस कर देगी। नेताजी ने खाते में 55 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद बातों का सिलसिला पूरी तरह बंद हो गया। जहां उनको पता चला कि वह ठगी का शिकार हो चुके हैं। नेताजी ने साइबर थाना पुलिस से शिकायत की है, लेकिन मुकदमा दर्ज कराने के लिए मना कर दिया है। नेता जी की तरह, कई लोग विदेशी युवतियों का शिकार हो चुके हैं।
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केस नंबर 1
सदर बाजार निवासी एक एक व्यक्ति की फेसबुक पर केलिफोर्निया की एक युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। फेसबुक पर चेटिंग के बाद मामला व्हाट्सएप तक पहुंच गया। युवती ने अश्लील मेसेज भी भेजे। वीडियो कॉल पर भी बात की। इसके बाद मिलने की बात कहकर खाते में 30 हजार रुपये जमा करा लिए।
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केस नंबर 2
थाना प्रेमनगर क्षेत्र में रहने वाले एक शिक्षक को भी फंसा लिया गया। दोस्ती होने के बाद उनको विदेशी करेंसी कम कीमत पर देने का लालच दिया। उनसे कहा गया कि वह जल्द ही भारत आएगी। ऐसे में बातों में फंसाकर उनसे तीन लाख रुपये की रकम ले ली। ठगी की जानकारी होने के बाद उन्होंने साइबर थाना पुलिस से शिकायत की है।
केस नंबर 3
एक कारोबारी को भी विदेशी युवती ने फंसा लिया। उनसे दोस्ती होने के बाद उनसे मोबाइल पर वीडियो कॉल कर अश्लील बातें करने लगी। इसके बाद उनको परेशानी बताकर मदद के नाम पर हजाराें रुपये हड़प लिए। अब वह रकम पाने के लिए साइबर थाने के चक्कर काट रहे हैं।
यह सावधानी जरूर बरतें
- फेक आईडी पकड़ने के लिए सबसे पहले उस अकाउंट की प्रोफाइाल फोटों पर गौर करें।
- अगर पूरे अकाउंट में सिर्फ एक ही प्रोफाइल फोटो हो तो यह साफ है कि यह फेक व फर्जी अकाउंट है।
- फेक आईडी की सबसे बड़ी पकड़ यह है कि ऐसे आईडी वाले लोग लंबे समय तक अपना स्टे्टस अपडेट नहीं करते।
- ऐसा फेसबुक अकाउंट जिसके द्वारा ना तो कोई पोस्ट की गई हो ना किसी फ्रेंड के स्टेट्स पर कमेंट किया हो, तो यह साफ है कि यह फेक अकाउंट है।
फेसबुक समेत अन्य साइटों पर ऐसे अकाउंटों की भरमार है। परिचित लोगों से ही दोस्ती करें। विदेशी लड़कियां सिर्फ अश्लीलता परोस कर ठगने का काम करती हैं। ऐसे में सतर्क रहने की जरुरत है। ऐसी शिकायतें साइबर थाने में आ रही हैं। इनकी जांच की जा रही है।
विवेक कुमार त्रिपाठी, एसपी सिटी व नोडल अधिकारी साइबर थाना