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Jhansi: रिहा हुए भाजपा नेता आशीष उपाध्याय परिवार संग अज्ञातवास में गए, 49 दिन बाद जेल से निकले बाहर
Sat, 20 Jun 2026 12:41 PM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Sat, 20 Jun 2026 12:41 PM IST
सार
रिहाई के तुरंत बाद ही आशीष पूरे परिवार के साथ झांसी से बाहर चले गए। उनके समर्थकों ने भी उनके बारे में किसी तरह की जानकारी से इन्कार किया है।
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भाजपा नेता आशीष उपाध्याय।
- फोटो : फेसबुक
विस्तार
भाजपा नेता आशीष उपाध्याय 49 दिन जेल में काटने के बाद शुक्रवार शाम जिला कारागार से रिहा कर दिए गए।
आशीष को पुलिस ने पहले 1 मई को दिल्ली से सट्टा गिरोह से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस मामले में उसे झांसी जेल भेजा गया था। 13 मई को थाना प्रेमनगर में उधम सिंह नामक व्यक्ति ने रंगदारी एवं लूट के आरोप में आशीष समेत उसके तीन साथियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी। सट्टा मामले में जमानत मिलने पर जेल से रिहा होने के चंद मिनट बाद ही प्रेमनगर पुलिस ने 14 मई को उसे दोबारा जेल के बाहर से ही गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद आशीष को फिर से जेल भेज दिया गया। लूट की रकम बरामद करने के लिए पुलिस ने उसे कस्टडी में भी लिया लेकिन, लूट की रकम बरामद नहीं हो सकी थी।
बचाव पक्ष ने इसी को आधार बनाते हुए जिला न्यायालय के विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र नेत्रपाल सिंह की कोर्ट के सामने जमानत अर्जी प्रस्तुत की। इसकी सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश ने जमानत के लिए पर्याप्त आधार मानते हुए उसकी याचिका मंजूर कर दी। शुक्रवार शाम आशीष की रिहाई हो गई हालांकि रिहाई के तुरंत बाद ही आशीष पूरे परिवार के साथ झांसी से बाहर चले गए। उनके समर्थकों ने भी उनके बारे में किसी तरह की जानकारी से इन्कार किया है।
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आशीष को पुलिस ने पहले 1 मई को दिल्ली से सट्टा गिरोह से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस मामले में उसे झांसी जेल भेजा गया था। 13 मई को थाना प्रेमनगर में उधम सिंह नामक व्यक्ति ने रंगदारी एवं लूट के आरोप में आशीष समेत उसके तीन साथियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी। सट्टा मामले में जमानत मिलने पर जेल से रिहा होने के चंद मिनट बाद ही प्रेमनगर पुलिस ने 14 मई को उसे दोबारा जेल के बाहर से ही गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद आशीष को फिर से जेल भेज दिया गया। लूट की रकम बरामद करने के लिए पुलिस ने उसे कस्टडी में भी लिया लेकिन, लूट की रकम बरामद नहीं हो सकी थी।
बचाव पक्ष ने इसी को आधार बनाते हुए जिला न्यायालय के विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र नेत्रपाल सिंह की कोर्ट के सामने जमानत अर्जी प्रस्तुत की। इसकी सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश ने जमानत के लिए पर्याप्त आधार मानते हुए उसकी याचिका मंजूर कर दी। शुक्रवार शाम आशीष की रिहाई हो गई हालांकि रिहाई के तुरंत बाद ही आशीष पूरे परिवार के साथ झांसी से बाहर चले गए। उनके समर्थकों ने भी उनके बारे में किसी तरह की जानकारी से इन्कार किया है।
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