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Jhansi: तीन साल नहीं बोल सकी बिटिया, फिर हुआ ऐसा... मुंह से निकला मम्मी-पापा, सुन फफक कर रो पड़े मां-बाप

Fri, 29 Aug 2025 12:00 PM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: दीपक महाजन Updated Fri, 29 Aug 2025 12:00 PM IST
सार

किशोरी तीन साल से न भोजन खा रही थी और न ही बोल पा रही थी। जिंदा रखने के लिए स्ट्रॉ पीने की पाइप फसाकर या चम्मच से किसी तरह तरल पदार्थ दे रहे थे।
 

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Jhansi: After three years of successful operation, the jaw opened, came out of the daughter's mouth... mom and
रानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज झांसी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

रानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज से भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है। 15 साल की बिटिया का तीन साल पहले चोट लगने की वजह से जबड़ा लॉक हो गया था। जटिल ऑपरेशन के बाद जब बोलने के लिए बिटिया का मुंह खुला तो उसका पहला शब्द मम्मी पापा निकाला। लंबे समय बाद जब माता-पिता ने बेटी के मुंह से यह शब्द सुने तो उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। वहां पर मौजूद स्टाफ यह देखकर भावुक हो गया।

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किशोरी तीन साल से न भोजन खा रही थी और न ही बोल पा रही थी। जिंदा रखने के लिए स्ट्रॉ पीने की पाइप फसाकर या चम्मच से किसी तरह तरल पदार्थ दे रहे थे। मेडिकल कॉलेज में 5 घंटे तक किशोरी का ऑपरेशन चला। बृहस्पतिवार को किशोरी का मुंह खुलवाकर देखा गया। जब उसे बुलवाया तो पहला शब्द मम्मी-पापा निकला। यह सुनकर मां-बाप रो पड़े।
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मेडिकल कॉलेज के ईएनटी (नाक-कान-गला रोग) विभागाध्यक्ष डॉ. एसके कश्यप ने बताया कि विगत दिनों ओपीडी में किशोरी को लेकर परिजन आए थे। उन्होंने बताया वह सामान्य जीवनयापन कर रही थी। बचपन में गिरने से उसके जबड़े में चोट लग गई। चोट सही हो गई मगर धीरे-धीरे उसका मुंह बंद होने लगा और बोलने में दिक्कत होने लगी। करीब तीन साल पहले उसका मुंह खुलना बंद हो गया था। वह न खाना खा पाती थी और न बोल पाती है। उसे तरल पदार्थ दिया जा रहा था, जो कभी स्ट्रा तो कभी दांतों के बीच में चम्मच फंसाकर दिया जा रहा है।
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कई जगह उसका उपचार करा चुके हैं। मगर कोई राहत नहीं मिल रही है। जब डॉ. कश्यप ने उसकी जांच कराई तो पता चला कि दोनों जबड़ों के ज्वाइंट (टेम्पोरो मैडिबुलर ज्वाइंट फ्यूज) जुड़ गए हैं, जिसकी वजह से उसका मुंह खोलना संभव नहीं हो रहा है। इस पर उसे भर्ती करके मंगलवार को 5 घंटे से ज्यादा समय तक दोनों जबड़ों का ऑपरेशन किया।

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