{"_id":"6a72e4c5ec4be9b7c40229a2","slug":"jhansi-a-bill-of-2-45-lakh-was-issued-for-the-old-meter-of-a-dilapidated-house-2026-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi: जर्जर मकान के पुराने मीटर पर आया 2.45 लाख का बिल, बुजुर्ग मकान मालिक ने अफसरों से लगाई गुहार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi: जर्जर मकान के पुराने मीटर पर आया 2.45 लाख का बिल, बुजुर्ग मकान मालिक ने अफसरों से लगाई गुहार
Wed, 05 Aug 2026 12:55 PM IST
दीपक महाजन
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Wed, 05 Aug 2026 12:55 PM IST
सार
बिजली बिल मिलने पर हैरान रह गईं बुजुर्ग मकान मालिक ने अफसरों से गुहार लगाई है। बिजली विभाग मामले की जांच में जुट गया है।
विज्ञापन
स्मार्ट मीटर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
तलैया मोहल्ला निवासी वृद्धा के जर्जर मकान पर लगे पुराने मीटर से एक साल में बिजली बिल 103 रुपये से बढ़कर 2.45 लाख रुपये हो गया। एक साल में इतना भारी-भरकम बिल देखकर वह परेशान हो उठीं। मंगलवार को उन्होंने मुख्य अभियंता कार्यालय पहुंचकर गुहार लगाई। मुख्य अभियंता ने मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
तलैया मोहल्ला निवासी लक्ष्मी देवी ने मुख्य अभियंता (बिजली वितरण) ज्ञानेंद्र सिंह को बताया कि उनका बिजली का मीटर वर्षों पुराना था। करीब एक साल पहले उसे स्मार्ट मीटर में बदलवाया गया था। उस वक्त उनका बिजली बिल महज 103 रुपये आया था, लेकिन एक साल बाद यह बिल बढ़कर 2.45 लाख रुपये हो गया। उनका कहना था कि मकान में कोई नहीं रहता है और मकान भी ध्वस्त होने की कगार पर है, ऐसे में इतना बिल कैसे आ गया।
मुख्य अभियंता ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि प्रकरण को अधिशासी अभियंता के पास जांच के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि मीटर में स्टोर रीडिंग सक्रिय हो गई थी, जिसकी वजह से यह त्रुटि हुई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद बिल को ठीक किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
तलैया मोहल्ला निवासी लक्ष्मी देवी ने मुख्य अभियंता (बिजली वितरण) ज्ञानेंद्र सिंह को बताया कि उनका बिजली का मीटर वर्षों पुराना था। करीब एक साल पहले उसे स्मार्ट मीटर में बदलवाया गया था। उस वक्त उनका बिजली बिल महज 103 रुपये आया था, लेकिन एक साल बाद यह बिल बढ़कर 2.45 लाख रुपये हो गया। उनका कहना था कि मकान में कोई नहीं रहता है और मकान भी ध्वस्त होने की कगार पर है, ऐसे में इतना बिल कैसे आ गया।
विज्ञापन
मुख्य अभियंता ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि प्रकरण को अधिशासी अभियंता के पास जांच के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि मीटर में स्टोर रीडिंग सक्रिय हो गई थी, जिसकी वजह से यह त्रुटि हुई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद बिल को ठीक किया जाएगा।
विज्ञापन