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Jhansi: सुलह की मेज पर सिमटै 2.78 लाख वाद, राष्ट्रीय लोक अदालत में 15 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली

Sun, 13 Sep 2026 11:39 AM IST
दीपक महाजन संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी Published by: दीपक महाजन Updated Sun, 13 Sep 2026 11:39 AM IST
सार

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत में 2,78,154 वादों का निस्तारण किया गया। इनमें पक्षकारों ने सुलह-समझौते के जरिये विवाद खत्म किए। 

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Jhansi: 2.78 lakh cases settled through conciliation; over ₹15 crore recovered in National Lok Adalat.
दीप प्रज्ज्वलित करतीं जनपद न्यायाधीश कमलेश कच्छल। - फोटो : संवाद

विस्तार

विवादों के लंबे खिंचते सिलसिले को आपसी सहमति ने आखिरकार विराम दिया। शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत में 2,78,154 वादों का निस्तारण किया गया। इनमें पक्षकारों ने सुलह-समझौते के जरिये विवाद खत्म किए। विभिन्न मामलों में 15 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि वसूल की गई।
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जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष कमलेश कच्छल ने राष्ट्रीय लोक अदालत का सुबह 10:30 बजे उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि आपसी सहमति से विवादों का निस्तारण होने से लोगों को शीघ्र राहत मिलती है और सामाजिक सौहार्द बढ़ता है। नोडल अधिकारी एडीजे शरद कुमार चौधरी और प्राधिकरण की सचिव ईशा त्रिपाठी ने लोक अदालत के महत्व की जानकारी दी। प्रशासन की ओर से एडीएम (न्यायिक) अरुण कुमार गौड़ और पुलिस की ओर से एसपी सिटी प्रीति सिंह मौजूद रहीं।
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बिजली से लेकर वैवाहिक विवाद तक सुलझे
दिनभर चली लोक अदालत में 49 वैवाहिक प्रकरण और 67 अन्य सिविल वादों का निस्तारण हुआ। 7,049 अन्य वाद और 8,641 शमनीय आपराधिक वाद भी सुलझाए गए। राजस्व एवं दांडिक न्यायालयों में 144 राजस्व और 1,309 आपराधिक वाद निस्तारित हुए। विद्युत उपभोक्ताओं से जुड़े 10,816 वाद और 149 श्रम विवाद भी आपसी सहमति से सुलझाए गए। जनहित गारंटी अधिनियम के तहत सबसे अधिक 94,885 वादों का निस्तारण हुआ।
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वाद दायर होने से पहले ही सुलझे
अदालत पहुंचने से पहले ही विवाद खत्म करने से संबंधित मामलों में भी सुनवाई हुई। इसमें 1,349 बैंक ऋण और छह मोबाइल बिल संबंधी वादों का निस्तारण किया गया। इन मामलों से संबंधित 2,86,77,026 रुपये की धनराशि थी। बैंक ऋण के रूप में 12.39 करोड़ रुपये और अन्य मामलों में 2.93 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जमा हुई।

किसानों को कर्ज में 50 फीसदी तक राहत
लोक अदालत में बैंक ऋण से जुड़े मामलों में किसानों को भी राहत मिली। निकोनी गांव निवासी जयराम को बैंक कर्ज में 50 फीसदी की छूट मिली। वहीं पलरा गांव निवासी उमराव के पीएनबी के 1.30 लाख रुपये के कर्ज में भी 50 फीसदी राहत देने का निर्णय हुआ।

सीजेएम ने सबसे अधिक वाद निपटाए
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधा यादव ने सर्वाधिक 3,119 वादों का निस्तारण किया। अपर सिविल जज अनिल कुमार सप्तम ने 2,009 और अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (रेलवे) प्रतीक त्रिपाठी ने 1,980 वाद निपटाए। सिविल जज गरौठा मयंक प्रकाश ने 1,475 और सृष्टि शुक्ला ने 1,419 वादों का निस्तारण किया।

एसीजेएम सुमित पाराशर ने 1,157, सिविल जज मऊरानीपुर गरिमा सक्सेना ने 1,103 और न्यायिक मजिस्ट्रेट खुशबू धनकर ने 1,058 वाद निपटाए। विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट शिवकुमार तिवारी ने 208, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी मनराज सिंह ने 55 और ग्राम न्यायालय टहरौली के न्यायाधिकारी श्रेयांश निगम ने 515 वादों का निस्तारण किया।


पीठों का निरीक्षण कर वादकारियों को किया प्रेरित
जनपद न्यायाधीश कमलेश कच्छल ने लोक अदालत की विभिन्न पीठों और स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने वादकारियों को आपसी सुलह के लिए प्रेरित किया। एडीजे शरद कुमार चौधरी और सचिव ईशा त्रिपाठी ने लोक अदालत की सफलता के लिए न्यायिक अधिकारियों, प्रशासन एवं पुलिस, बैंक और विद्युत विभाग के अधिकारियों, स्वास्थ्य टीम, बार संघ पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं के सहयोग की सराहना की।
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