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सड़कों पर सन्नाटा, घर-घर जागरूकता, कोरोना के लिए रास्ते बंद-बंद-बंद
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जनता कर्फ्यू में सीपरी बाजार के टंडन रोड पर भी लोगों का पूरा सहयोग दिखा।
झांसी। कोरोना वायरस के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर रविवार को लगाया गया जनता कर्फ्यू अभूतपूर्व रूप से सफल रहा। वाहनों की रेलमपेल से दिन भर गुलजार रहने वालीं महानगर की सड़कों व चौराहों पर सन्नाटे का आलम रहा। गली - मुहल्लों और कॉलोनियों में भी यही स्थिति रही। लोग दरवाजे बंद कर दिन भर घरों में रहे। बच्चे भी बाहर नहीं निकले। कई कॉलोनियों के तो मुख्य द्वारों पर ही ताले लटके रहे।
सुबह 11 बजे: स्वामीपुरम कॉलोनी
कॉलोनी का मुख्य द्वारा खुला हुआ था, लेकिन इसके अंदर बैरियर गिरा हुआ था। चौकीदार पूरी तरह से चौकन्ना था। कॉलोनी के भीतर सभी घरों के दरवाजे बंद थे। पूरी कॉलोनी में एक व्यक्ति तक घर के बाहर नजर नहीं आया। यहां तक की घर की छत और बालकनी तक सूनीं थीं।
सुबह 11.15 बजे: बंसल कॉलोनी
मुख्य द्वार के आगे बढ़ते ही बैरियर गिरा हुआ था। कॉलोनी की अंदर की सड़कों के किनारों पर लोगों के चौपहिया वाहन खड़े हुए थे। दरवाजे बंद कर सभी घरों के भीतर थे। कुछ घरों से टीवी की आवाज आ रही थी, लेकिन बाहर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा था। गार्ड ने बताया कि गेट से सुबह से एक व्यक्ति का भी आवागमन नहीं हुआ।
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सुबह 11.25 बजे मिशन कंपाउंड
ग्वालियर रोड पर स्थित सीपी मिशन कंपाउंड में शहर की बड़ी आबादी रहती है। कंपाउंड में मुख्य सड़क के अलावा कई गलियां भी हैं। इससे आम दिनों में यहां दिन भर वाहन सरपट दौड़ते नजर आते हैं। लेकिन, जनता कर्फ्यू के दौरान आवाजाही ठप रही, केवल दो युवक एक बाइक से जाते नजर आए।
दोपहर 12.40 बजे: कैलाश रेजीडेंसी
आम दिनों में कॉलोनी का मुख्य द्वार बंद रहता है, जो किसी के अंदर जाने और बाहर आने पर गार्ड द्वारा खोल दिया जाता है। लेकिन, जनता कर्फ्यू के दौरान मुख्य द्वार पर ताला लटका हुआ था। ये ताला सोसायटी की ओर से लगाया गया था, जो रात तक एक बार भी नहीं खुला।
दोपहर 02.30 बजे: सदर बाजार
सदर बाजार में आम दिनों में दुपहिया वाहन कम और चौपहिया ज्यादा नजर आते हैं। आर्मी की गाड़ियों की चहलकदमी भी देखने को मिलती है। लेकिन, जनता कर्फ्यू के दौरान बाजार की दोनों सड़कों पर सन्नाटे की स्थिति थी। शिव मंदिर के पास एक गली कुछ युवक सड़क पर आए, लेकिन कुछ ही देर में वापस गली में हो लिए।
दोपहर 02.55 बजे: सीपरी बाजार
ओवरब्रिज के नीचे इक्का-दुक्का वाहनों की आवाजाही थी। अंदर सुभाष मार्केंट सन्नाटे के आगोश में थी। आर्यकन्या चौराहे पर भी यही स्थिति थी। अक्सर जाम रहने वाली टंडन रोड भी चौड़ी और सपाट नजर आ रही थी। दुकानों पर ताले लटके थे और सड़कों पर सन्नाटे का डेरा था।
दोपहर 03.15 बजे: प्रेमनगर
गरिया फाटक से प्रेमनगर में दाखिल होते ही वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ जाती थी। लेकिन, जनता कर्फ्यू के दरम्यान गाड़ी पर ब्रेक लगाने की जरूरत नहीं पड़ी। सड़क खाली पड़ी हुई थी और घर - दुकानें बंद थीं। दुकानों के बाहर दो - तीन जगह जरूर कुछ लोग बैठे हुए थे, बाकी सब सन्नाटा था।
दोपहर 03.30 बजे: आवास विकास कॉलोनी
नदंनपुरा, आवासी विकास, खातीबाबा, केकेपुरी कॉलोनी क्षेत्र भी दिन भी सन्नाटे की स्थिति में रहे। घर और दुकान सब बंद थे। न कोई आने वाला था और न कोई जाने वाला। पूरी तरह से सन्नाटा के आगोश में रहा शहर। मुख्य सड़क शिवपुरी रोड पर जरूर इक्कादुक्का बड़ी - छोटी गाड़ियां दौड़ती नजर आ रहीं थीं।
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सुबह 11 बजे: स्वामीपुरम कॉलोनी
कॉलोनी का मुख्य द्वारा खुला हुआ था, लेकिन इसके अंदर बैरियर गिरा हुआ था। चौकीदार पूरी तरह से चौकन्ना था। कॉलोनी के भीतर सभी घरों के दरवाजे बंद थे। पूरी कॉलोनी में एक व्यक्ति तक घर के बाहर नजर नहीं आया। यहां तक की घर की छत और बालकनी तक सूनीं थीं।
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सुबह 11.15 बजे: बंसल कॉलोनी
मुख्य द्वार के आगे बढ़ते ही बैरियर गिरा हुआ था। कॉलोनी की अंदर की सड़कों के किनारों पर लोगों के चौपहिया वाहन खड़े हुए थे। दरवाजे बंद कर सभी घरों के भीतर थे। कुछ घरों से टीवी की आवाज आ रही थी, लेकिन बाहर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा था। गार्ड ने बताया कि गेट से सुबह से एक व्यक्ति का भी आवागमन नहीं हुआ।
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सुबह 11.25 बजे मिशन कंपाउंड
ग्वालियर रोड पर स्थित सीपी मिशन कंपाउंड में शहर की बड़ी आबादी रहती है। कंपाउंड में मुख्य सड़क के अलावा कई गलियां भी हैं। इससे आम दिनों में यहां दिन भर वाहन सरपट दौड़ते नजर आते हैं। लेकिन, जनता कर्फ्यू के दौरान आवाजाही ठप रही, केवल दो युवक एक बाइक से जाते नजर आए।
दोपहर 12.40 बजे: कैलाश रेजीडेंसी
आम दिनों में कॉलोनी का मुख्य द्वार बंद रहता है, जो किसी के अंदर जाने और बाहर आने पर गार्ड द्वारा खोल दिया जाता है। लेकिन, जनता कर्फ्यू के दौरान मुख्य द्वार पर ताला लटका हुआ था। ये ताला सोसायटी की ओर से लगाया गया था, जो रात तक एक बार भी नहीं खुला।
दोपहर 02.30 बजे: सदर बाजार
सदर बाजार में आम दिनों में दुपहिया वाहन कम और चौपहिया ज्यादा नजर आते हैं। आर्मी की गाड़ियों की चहलकदमी भी देखने को मिलती है। लेकिन, जनता कर्फ्यू के दौरान बाजार की दोनों सड़कों पर सन्नाटे की स्थिति थी। शिव मंदिर के पास एक गली कुछ युवक सड़क पर आए, लेकिन कुछ ही देर में वापस गली में हो लिए।
दोपहर 02.55 बजे: सीपरी बाजार
ओवरब्रिज के नीचे इक्का-दुक्का वाहनों की आवाजाही थी। अंदर सुभाष मार्केंट सन्नाटे के आगोश में थी। आर्यकन्या चौराहे पर भी यही स्थिति थी। अक्सर जाम रहने वाली टंडन रोड भी चौड़ी और सपाट नजर आ रही थी। दुकानों पर ताले लटके थे और सड़कों पर सन्नाटे का डेरा था।
दोपहर 03.15 बजे: प्रेमनगर
गरिया फाटक से प्रेमनगर में दाखिल होते ही वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ जाती थी। लेकिन, जनता कर्फ्यू के दरम्यान गाड़ी पर ब्रेक लगाने की जरूरत नहीं पड़ी। सड़क खाली पड़ी हुई थी और घर - दुकानें बंद थीं। दुकानों के बाहर दो - तीन जगह जरूर कुछ लोग बैठे हुए थे, बाकी सब सन्नाटा था।
दोपहर 03.30 बजे: आवास विकास कॉलोनी
नदंनपुरा, आवासी विकास, खातीबाबा, केकेपुरी कॉलोनी क्षेत्र भी दिन भी सन्नाटे की स्थिति में रहे। घर और दुकान सब बंद थे। न कोई आने वाला था और न कोई जाने वाला। पूरी तरह से सन्नाटा के आगोश में रहा शहर। मुख्य सड़क शिवपुरी रोड पर जरूर इक्कादुक्का बड़ी - छोटी गाड़ियां दौड़ती नजर आ रहीं थीं।