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जलसंस्थान: टैंकर भेजने से खींच लिए हाथ, अब कैसे बुझेगी महानगर की प्यास

Mon, 22 Aug 2022 12:54 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 22 Aug 2022 12:54 AM IST
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jalsansthan water crises
झांसी। शहर में वर्षों से पानी का संकट झेल रहे लोगों के लिए जलसंस्थान से आने वाले टैंकर ही सहारा हैं। असल में बजट का रोना रो रहे जलसंस्थान के अधिकारियों ने गर्मी के चार माह तो टैंकरों का संचालन किया, लेकिन इसके बाद भी जल संकट अबतक बना हुआ है। अब विभाग ने टैंकर संचालन कराने से हाथ खींच लिए हैं।
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झांसी शहर की आबादी करीब छह लाख है। यहां ऊंचे इलाकों समेत आधे से ज्यादा शहर में जलसंस्थान वर्षों से लोगों की प्यास बुझाने के लिए टैंकरों का सहारा लेता है। ये टैंकर पानी लेकर सुबह-शाम इलाकों में दौड़ लगाते हैं। तब कहीं जाकर लोगों को कुछ पानी मिल पाता है, इसके बाद भी हाय तौबा मची रहती है। अब चक्कर न लगने महानगर के लोगों को पानी के लिए जुगत लगानी पड़ रही है। हालांकि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जहां से भी डिमांड आएगी। वहां विभाग के टैंकरों से सप्लाई कराई जाएगी।
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इन मोहल्लों में है पानी की भीषण किल्लत
करगुवां जी, पिछोर, गुमनावारा, महाराणा प्रताप नगर, वकील कॉलोनी, राजपूत कालोनी, वीरांगना नगर, मयूर विहार कॉलोनी, सराय, सिलवटगंज, डड़ियापुरा, मद्रासी कॉलोनी, सत्यम कॉलोनी, भगवंतपुरा, कोछाभांवर, सिमरधा, गड़ियागांव, वीरांगना नगर, पाल कॉलोनी, सिद्धेश्वर नगर, अलीगोल, मेवातीपुरा, बाहर उन्नाव गेट, सीपरी बाजार क्षेत्र के मसीहागंज समेत कई छोटी कॉलोनियों में पानी की समस्या है।
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आंकड़ों में शहर
-कुल आबादी छह लाख
-वार्ड की संख्या 60
-घरेलू जल कनेक्शन 47 हजार
-हैंडपंपों की संख्या 3286
-टंकियों की कुल संख्या 13
नलकूपों की संख्या 29
बातचीत
टैंकर नहीं आते तो पानी के लिए घर से दूर लगे हैंडपंप तक जाना पड़ता है। वृद्धों के लिए अधिक मुश्किल होती है। - प्रतीक्षा
पानी की समस्या पिछले कई साल से झेल रहा हूं। अब टैंकरों से पानी की व्यवस्था नहीं हो पाएगी तो और बड़ा संकट पैदा हो जाएगा। - रेखा
मद्रासी कॉलोनी में पाइपलाइन है नहीं। अकेले टैंकरों के माध्यम से ही जलापूर्ति की जाती है लेकिन अब टैंकर नहीं आ रहे हैं। - नरेश
बड़ागांव गेट बाहर स्थाई समाधान न होने की वजह से बारिश में ही पेयजल संकट रहता है, टैंकर यहां 12 महीने चलने चाहिए। - धीरज
गर्मियों के लिए राहत आपदा कोष से पैसा जारी किया गया था। अप्रैल से 15 अगस्त तक टैंकरों का संचालन कराया गया है। अब बारिश होने की वजह से टैंकरों की मांग घट गई है, इसके बाद भी कहीं से डिमांड आती है तो विभागीय टैंकरों के माध्यम से सप्लाई कराई जाएगी। - आरएस बादलीवाल, अधिशासी अभियंता, जलसंस्थान।
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