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जलसंस्थान : ठेकेदारों का अटका लाखों का भुगतान
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jalsansthan: contracter ka atka paisa
झांसी। तीन साल बीतने के बाद भी जल संस्थान पानी के टैंकरों का संचालन करने वाले ठेकेदारों का कुल 2.30 करोड़ का भुगतान नहीं कर पाया है। ऐसे में ठेकेदार आश्वासन के भरोसे ही महानगर की जनता को पानी पिला रहे हैं। डीएम ने उनके भुगतान के लिए शासन को पत्र लिखा है। भुगतान कब तक होगा, कुछ भी कह पाना संभव नहीं है।
महानगर में गर्मियों में पानी का संकट हो जाता है। इस कारण टैंकरों के सहारे जलापूर्ति होती है। इसके लिए जल संस्थान टेंडर निकालता है। ठेकेदार टेंडर प्रक्रिया में भाग लेकर जलापूर्ति करते हैं। पिछले तीन साल से जलसंस्थान की माली हालत ठीक नहीं है। इस कारण टेंडर होने के बाद भी ठेकेदारों का भुगतान नहीं हो पाया है। ठेकेदार 2019 से पानी के टैंकरों का बकाया पाने के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन, अब तक उन्हें फूटी कोड़ी भी नहीं मिली है। लगातार शासन को पत्राचार करने के बाद भी अब तक कोई नतीजा नहीं निकला है।
परेशान ठेकेदारों ने अपनी समस्या जिलाधिकारी को बताई। लेकिन, कोई नतीजा नहीं निकला। इस कारण ठेकेदारों ने अबकी बार मन बना लिया था कि टेंडर प्रक्रिया में भाग नहीं लेंगे। फिर किसी तरह उन्हें मनाया गया। जिलाधिकारी ने शासन को पत्र लिखा कि ठेकेदारों को पानी का बकाया 2.30 करोड़ रुपये जल्द भुगतान कर दिया जाए। उम्मीद जताई जा रही है कि अब ठेकेदारों का भुगतान जल्द हो जाएगा।
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जिलाधिकारी ने शासन को पत्र भेजा है। 2.30 करोड़ रुपये की डिमांड की गई है। उम्मीद है कि इसी महीने या मई में शासन से ठेकेदारों का भुगतान जारी हो जाएगा। - कुलदीप कुमार, अधिशासी अभियंता जलसंस्थान
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महानगर में गर्मियों में पानी का संकट हो जाता है। इस कारण टैंकरों के सहारे जलापूर्ति होती है। इसके लिए जल संस्थान टेंडर निकालता है। ठेकेदार टेंडर प्रक्रिया में भाग लेकर जलापूर्ति करते हैं। पिछले तीन साल से जलसंस्थान की माली हालत ठीक नहीं है। इस कारण टेंडर होने के बाद भी ठेकेदारों का भुगतान नहीं हो पाया है। ठेकेदार 2019 से पानी के टैंकरों का बकाया पाने के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन, अब तक उन्हें फूटी कोड़ी भी नहीं मिली है। लगातार शासन को पत्राचार करने के बाद भी अब तक कोई नतीजा नहीं निकला है।
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परेशान ठेकेदारों ने अपनी समस्या जिलाधिकारी को बताई। लेकिन, कोई नतीजा नहीं निकला। इस कारण ठेकेदारों ने अबकी बार मन बना लिया था कि टेंडर प्रक्रिया में भाग नहीं लेंगे। फिर किसी तरह उन्हें मनाया गया। जिलाधिकारी ने शासन को पत्र लिखा कि ठेकेदारों को पानी का बकाया 2.30 करोड़ रुपये जल्द भुगतान कर दिया जाए। उम्मीद जताई जा रही है कि अब ठेकेदारों का भुगतान जल्द हो जाएगा।
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जिलाधिकारी ने शासन को पत्र भेजा है। 2.30 करोड़ रुपये की डिमांड की गई है। उम्मीद है कि इसी महीने या मई में शासन से ठेकेदारों का भुगतान जारी हो जाएगा। - कुलदीप कुमार, अधिशासी अभियंता जलसंस्थान