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जेल में सामान पाना है आसान
Jhansi
Updated Mon, 11 Dec 2017 01:17 AM IST
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- फोटो : demo
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झांसी। जेल में कैदियों को कुछ भी सामान पाना आसान है, बशर्ते उनके पास पैसा हो। ये कहना है कैदियों के रिश्तेदारों का जो रविवार को उनसे मिलने गए थे। उनका कहना है कि वह अगर इसकी शिकायत करेंगे तो जेल में कैद उनके रिश्तेदारों को परेशानी होगी। जेल के अंदर का वीडियो वायरल होने के बाद हमने सच्चाई की पड़ताल की।
जिला कारागार में बंद अपने पति से मिलने आई एक महिला ने बताया कि मिलाई पर्ची यदि नहीं बने तो सौ रुपये देकर अंदर कैदी से मुलाकात हो जाती है। वहीं एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि यहां तैनात सिपाहियों ने ही अपने स्तर से सामान अंदर ले जाने के रेट तय कर रखे हैं। किसी भी सामान को अंदर ले जाने के लिए प्रति नग दस रुपये देने पड़ते हैं। चाय पत्ती के बीस रुपये, सब्जियों के बीस रुपये प्रति किलो देना होता है। गुटका, बीड़ी, सिगरेट, पान, तंबाकू सब जेल के अंदर दो गुने रेट पर आसानी से मिल जाता है।
बॉक्स
आरोप गलत
जेलर राजीव शुक्ला का कहना है कि उनके कार्यकाल में जेल के अंदर कोई भी आपत्तिजनक चीज नहीं जा सकी है। नियमावली का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। वायरल वीडियो काफी पुराना है। उसमें जो कैदी दिख रहे हैं, उनमें से कई अब जिला कारागार में नहीं है।
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बैरकों की हुई जांच
शनिवार को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद जेल में सख्ती कर दी गई। यह सख्ती कैदियों के लिए नहीं बल्कि उनसे मिलने आने वाले लोगों पर भी बरती गई। जेल में एक-एक बैरक की सघन चेकिंग की गई। प्रत्येक बैरक की जांच के लिए टीम बनाई गई थी। जांच में कोई आपत्तिजनक चीज नहीं मिली।
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जिला कारागार में बंद अपने पति से मिलने आई एक महिला ने बताया कि मिलाई पर्ची यदि नहीं बने तो सौ रुपये देकर अंदर कैदी से मुलाकात हो जाती है। वहीं एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि यहां तैनात सिपाहियों ने ही अपने स्तर से सामान अंदर ले जाने के रेट तय कर रखे हैं। किसी भी सामान को अंदर ले जाने के लिए प्रति नग दस रुपये देने पड़ते हैं। चाय पत्ती के बीस रुपये, सब्जियों के बीस रुपये प्रति किलो देना होता है। गुटका, बीड़ी, सिगरेट, पान, तंबाकू सब जेल के अंदर दो गुने रेट पर आसानी से मिल जाता है।
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आरोप गलत
जेलर राजीव शुक्ला का कहना है कि उनके कार्यकाल में जेल के अंदर कोई भी आपत्तिजनक चीज नहीं जा सकी है। नियमावली का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। वायरल वीडियो काफी पुराना है। उसमें जो कैदी दिख रहे हैं, उनमें से कई अब जिला कारागार में नहीं है।
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शनिवार को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद जेल में सख्ती कर दी गई। यह सख्ती कैदियों के लिए नहीं बल्कि उनसे मिलने आने वाले लोगों पर भी बरती गई। जेल में एक-एक बैरक की सघन चेकिंग की गई। प्रत्येक बैरक की जांच के लिए टीम बनाई गई थी। जांच में कोई आपत्तिजनक चीज नहीं मिली।