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Jhansi News: प्रवेश के साथ छात्रवृत्ति आवेदन में भी पिछड़ गए आईटीआई संस्थान
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। राजकीय और निजी आईटीआई संस्थानों में इस सत्र में कुल सीटों के मुकाबले आधे से भी कम प्रवेश हुए हैं। इसके चलते छात्रवृत्ति में भी यह संस्थान पिछड़ते जा रहे हैं। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने शुरूआती आंकलन में पाया कि आईटीआई संस्थानों सहित अन्य तकनीकी शिक्षा संस्थानों में विद्यार्थियों की भारी कमी है।
बता दें कि तकनीकी शिक्षा देने वाले औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान और पॉलिटेक्निक संस्थानों से युवाओं का मोह भंग हो रहा है। सत्र 2022-23 के लिए इस बार जिले के आईटीआई संस्थानों में 12 हजार से अधिक सीट की तुलना में लगभग छह हजार प्रवेश ही हुए हैं। वहीं यहां पढ़ने वाले पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने में भी बहुत अधिक रुचि नहीं दिखाई है। इस स्थिति के चलते पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अफसर भी परेशान हैं। पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी केपी सिंह ने बताया कि आईटीआई संस्थानों में सबसे कम आवेदन हुए हैं। साथ ही विद्यार्थी भी आवेदन करने में हीलाहवाली कर रहे हैं। अन्य शिक्षण संस्थानों में भी आवेदन की स्थिति बहुत अधिक अच्छी दिखाई नहीं दे रही है। अभी तक 9 से 10वीं कक्षा के 5,702, 11 से 12वीं कक्षा के 5,752, तकनीकी शिक्षा, स्नातक और परास्नातक संस्थानों के 9,284 विद्यार्थियों ने आवेदन किए हैं।
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झांसी। राजकीय और निजी आईटीआई संस्थानों में इस सत्र में कुल सीटों के मुकाबले आधे से भी कम प्रवेश हुए हैं। इसके चलते छात्रवृत्ति में भी यह संस्थान पिछड़ते जा रहे हैं। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने शुरूआती आंकलन में पाया कि आईटीआई संस्थानों सहित अन्य तकनीकी शिक्षा संस्थानों में विद्यार्थियों की भारी कमी है।
बता दें कि तकनीकी शिक्षा देने वाले औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान और पॉलिटेक्निक संस्थानों से युवाओं का मोह भंग हो रहा है। सत्र 2022-23 के लिए इस बार जिले के आईटीआई संस्थानों में 12 हजार से अधिक सीट की तुलना में लगभग छह हजार प्रवेश ही हुए हैं। वहीं यहां पढ़ने वाले पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने में भी बहुत अधिक रुचि नहीं दिखाई है। इस स्थिति के चलते पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अफसर भी परेशान हैं। पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी केपी सिंह ने बताया कि आईटीआई संस्थानों में सबसे कम आवेदन हुए हैं। साथ ही विद्यार्थी भी आवेदन करने में हीलाहवाली कर रहे हैं। अन्य शिक्षण संस्थानों में भी आवेदन की स्थिति बहुत अधिक अच्छी दिखाई नहीं दे रही है। अभी तक 9 से 10वीं कक्षा के 5,702, 11 से 12वीं कक्षा के 5,752, तकनीकी शिक्षा, स्नातक और परास्नातक संस्थानों के 9,284 विद्यार्थियों ने आवेदन किए हैं।
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