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कल्याण सिंह ने ही शुरू की बुंदेलखंड विकास निधि
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पूर्व मंत्री रवींद्र शुक्ला के घर भोजन पर आए कल्याण सिंह का फाइल फोटो।
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झांसी। बुंदेलखंड के विकास के लिए प्रतिबद्ध पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता रहे कल्याण सिंह ने ही बुंदेलखंड विकास निधि की शुरूआत की थी। उनका मानना था कि पिछड़ा क्षेत्र होने के नाते यहां पर विकास के लिए अलग निधि दी जानी जरूरी है। झांसी समेत बुंदेलखंड को सिंचाई से जुड़ी कई सौगातें दीं। कल्याण सिंह से जुड़ाव रखने वाले तमाम भाजपा नेताओं ने अमर उजाला से उनसे जुड़े संस्मरण साझा करते हुए अहम जानकारियां दीं।
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का शनिवार को निधन हो गया। झांसी से उनका गहरा नाता रहा है। झांसी के तमाम भाजपा कार्यकर्ताओं को वह नाम से पहचानते थे। वह बुंदेलखंड के विकास के प्रबल पैरोकार माने जाते थे। भाजपा के तीन बार जिलाध्यक्ष रहे और मंडल संयोजक रहे अरिदमन सिंह बताते हैं कि झांसी, ललितपुर में सिंचाई के लिए कई प्रोजेक्ट लाए। उन्होंने बताया कि कल्याण सिंह खाने में तड़के वाली दाल के साथ दो मुठ्ठी गेहूं और एक मुठ्ठी चने का आटा मिलाकर खाते थे। रात में सोते समय उन्हें ठंडा दूध पीना पसंद था। एक संस्मरण सुनाते हुए उन्होंने बताया कि निवर्तमान मुख्यमंत्री रहते हुए तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष कलराज मिश्रा समेत तमाम बड़े पदाधिकारियों के साथ वो बैठक लेने के लिए झांसी आए थे। सुरक्षा कारणों से उन्हें सर्किट हाउस और बाकी नेताओं को होटल में रुकने का इंतजाम किया। इस पर उन्होंने साफ इंकार कर दिया। होटल में ही सभी के साथ रुके। कल्याण सिंह की सरकार में मंत्री रहे भाजपा नेता रवींद्र शुक्ल ने बताया कि उत्तर प्रदेश में आने वाले बुंदेलखंड के सातों जनपदों के विकास के लिए कल्याण सिंह ने मुख्यमंत्री विकास निधि की शुरुआत की थी। इसके लिए उन्होंने अलग से बजट का आवंटन किया था, जो अब भी चली आ रही है। उनका जाना भाजपा ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए बड़ी क्षति है। गरौठा विधायक जवाहर राजपूत भी कल्याण सिंह के करीबी रहे हैं। बतौर राज्यपाल रहते हुए भी वह उनसे मिले। विधायक ने बताया कि कल्याण सिंह हमेशा गुंडागर्दी और अराजकता के खिलाफ रहे हैं। झांसी में भी कई दबंगों के खिलाफ उन्होंने कार्रवाई की है। एक किस्सा सुनाते हुए विधायक ने बताया कि मुख्यमंत्री रहते हुए जब कल्याण सिंह झांसी आए तो एक पुलिस अधिकारी की किसी ने माफियाओं के साथ सांठगांठ की शिकायत कर दी। कल्याण सिंह ने अधिकारी को फटकार लगाई और कहा कि जनता के लिए काम करने पर तैनाती दी है, माफियाओं के साथ के लिए नहीं। दोबारा शिकायत मिली तो सस्पेंड कर दूंगा। कल्याण सिंह के संपर्क में रहे परगना के पूर्व प्रधान शिवनारायण राजपूत ने बताया कि जब पूर्व मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय क्रांति दल के नाम से नई पार्टी बना ली थी, तब वो तमाम कार्यकर्ताओं के साथ उस पार्टी में शामिल हो गए थे। तब पूर्व सीएम ने उन्हें झांसी का जिलाध्यक्ष बनाया था। पूर्व प्रधान ने बताया कि जब कल्याण सिंह राजस्थान के राज्यपाल थे तब वो उनसे अलीगढ़ स्थित आवास पर मिले थे। तब उन्होंने समथर के बाबूलाल स्वर्णकार समेत झांसी के कई साथियों के हालचाल के बारे में पूछा था। महानगर अध्यक्ष मुकेश मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री रहते हुए कल्याण सिंह झांसी आए तो दर्जनों कार्यकर्ताओं को को बुलाते थे। उनका ये अंदाज सबको भा जाता था।
भाजपा ने 24 तक के कार्यक्रम निरस्त किए
कल्याण सिंह के निधन के बाद भाजपा ने अपने 24 अगस्त तक के सभी कार्यक्रम निरस्त कर दिए हैं। महानगर अध्यक्ष मुकेश मिश्रा ने बताया कि 23 को बूथ संपर्क अभियान था, जिसे राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को संबोधित करना था। इसे निरस्त कर दिया है। साथ ही आगामी तीन दिनों तक कोई कार्यक्रम नहीं होगा।
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प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का शनिवार को निधन हो गया। झांसी से उनका गहरा नाता रहा है। झांसी के तमाम भाजपा कार्यकर्ताओं को वह नाम से पहचानते थे। वह बुंदेलखंड के विकास के प्रबल पैरोकार माने जाते थे। भाजपा के तीन बार जिलाध्यक्ष रहे और मंडल संयोजक रहे अरिदमन सिंह बताते हैं कि झांसी, ललितपुर में सिंचाई के लिए कई प्रोजेक्ट लाए। उन्होंने बताया कि कल्याण सिंह खाने में तड़के वाली दाल के साथ दो मुठ्ठी गेहूं और एक मुठ्ठी चने का आटा मिलाकर खाते थे। रात में सोते समय उन्हें ठंडा दूध पीना पसंद था। एक संस्मरण सुनाते हुए उन्होंने बताया कि निवर्तमान मुख्यमंत्री रहते हुए तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष कलराज मिश्रा समेत तमाम बड़े पदाधिकारियों के साथ वो बैठक लेने के लिए झांसी आए थे। सुरक्षा कारणों से उन्हें सर्किट हाउस और बाकी नेताओं को होटल में रुकने का इंतजाम किया। इस पर उन्होंने साफ इंकार कर दिया। होटल में ही सभी के साथ रुके। कल्याण सिंह की सरकार में मंत्री रहे भाजपा नेता रवींद्र शुक्ल ने बताया कि उत्तर प्रदेश में आने वाले बुंदेलखंड के सातों जनपदों के विकास के लिए कल्याण सिंह ने मुख्यमंत्री विकास निधि की शुरुआत की थी। इसके लिए उन्होंने अलग से बजट का आवंटन किया था, जो अब भी चली आ रही है। उनका जाना भाजपा ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए बड़ी क्षति है। गरौठा विधायक जवाहर राजपूत भी कल्याण सिंह के करीबी रहे हैं। बतौर राज्यपाल रहते हुए भी वह उनसे मिले। विधायक ने बताया कि कल्याण सिंह हमेशा गुंडागर्दी और अराजकता के खिलाफ रहे हैं। झांसी में भी कई दबंगों के खिलाफ उन्होंने कार्रवाई की है। एक किस्सा सुनाते हुए विधायक ने बताया कि मुख्यमंत्री रहते हुए जब कल्याण सिंह झांसी आए तो एक पुलिस अधिकारी की किसी ने माफियाओं के साथ सांठगांठ की शिकायत कर दी। कल्याण सिंह ने अधिकारी को फटकार लगाई और कहा कि जनता के लिए काम करने पर तैनाती दी है, माफियाओं के साथ के लिए नहीं। दोबारा शिकायत मिली तो सस्पेंड कर दूंगा। कल्याण सिंह के संपर्क में रहे परगना के पूर्व प्रधान शिवनारायण राजपूत ने बताया कि जब पूर्व मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय क्रांति दल के नाम से नई पार्टी बना ली थी, तब वो तमाम कार्यकर्ताओं के साथ उस पार्टी में शामिल हो गए थे। तब पूर्व सीएम ने उन्हें झांसी का जिलाध्यक्ष बनाया था। पूर्व प्रधान ने बताया कि जब कल्याण सिंह राजस्थान के राज्यपाल थे तब वो उनसे अलीगढ़ स्थित आवास पर मिले थे। तब उन्होंने समथर के बाबूलाल स्वर्णकार समेत झांसी के कई साथियों के हालचाल के बारे में पूछा था। महानगर अध्यक्ष मुकेश मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री रहते हुए कल्याण सिंह झांसी आए तो दर्जनों कार्यकर्ताओं को को बुलाते थे। उनका ये अंदाज सबको भा जाता था।
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भाजपा ने 24 तक के कार्यक्रम निरस्त किए
कल्याण सिंह के निधन के बाद भाजपा ने अपने 24 अगस्त तक के सभी कार्यक्रम निरस्त कर दिए हैं। महानगर अध्यक्ष मुकेश मिश्रा ने बताया कि 23 को बूथ संपर्क अभियान था, जिसे राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को संबोधित करना था। इसे निरस्त कर दिया है। साथ ही आगामी तीन दिनों तक कोई कार्यक्रम नहीं होगा।
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