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एरच की प्राचीन धरोहर सुरक्षित रखना जरूरी : हरगोविंद
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- महोत्सव के अंतिम दिन राई नृत्य के कलाकारों ने बांधा समां, प्रतिभागियों का किया सम्मान, बेतवा की महाआरती के साथ महोत्सव का समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
एरच। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के उपाध्यक्ष राज्यमंत्री हरगोविंद कुशवाहा ने कहा कि एरच में कई ईसा पूर्व की प्राचीन धरोहर है। इसका नाम प्राचीन इतिहास के पन्नों में दर्ज होने के बाद भी यह नगर दुनिया के पर्यटन मानचित्र में दर्ज नहीं है। इससे यहां की धरोहर रखरखाव के अभाव में विलुप्त हो रही है। इसे संरक्षित रखने की जरूरत है। प्राचीन ग्रंथों में एरच दुनिया की पहली राजधानी के रूप में विकसित था। यहां की धरोहर को संरक्षित रखने के लिए वह पूरी तरह से प्रयास करेंगे। इस नगर का सर्वांगीण विकास किया जाना भी बहुत जरूरी है। ा
राज्यमंत्री ने कलाकारों को सम्मानित करते हुए कहा कि इस प्राचीन नगर में तीन देवताओं ने अवतार लिए हैं। इस नगर को तीर्थ स्थल बनाया जाना जरूरी है। उन्होने कहा कि प्राचीन ग्रंथों के अनुसार एरच दुनिया की प्रथम राजधानी थी। इस नगर के विकास के लिए प्रदेश सरकार लगातार प्रयासरत है, इसके साथ ही विधायक जवाहर लाल राजपूत ने भी लोगों को भरोसा दिलाया कि इस नगर की प्राचीन धरोहर को संजोए रखने और एरच नगर का सर्वांगीण विकास कराने के लिए वह पूरी तरह से जुटे हुए हैं, जल्द ही होली एरच महोत्सव को प्रांतीय दर्जा मिलेगा। इसके साथ ही राज्य महिला आयोग की सदस्य अनुपमा सिंह लोधी ने भी यहां की प्राचीन धरोहर को संवारने की बात कही। ज्योतिषाचार्य दीपेंद्र अड़जरिया ने भी कहा कि यह नगर प्राचीन काल के दौरान यह प्राचीन नगर के साथ तीर्थ स्थल के रूप में जाना जाता था।
इस मौके पर अवधेश शर्मा, उमेशदत्त शांडिल्य, नगर पंचायत अध्यक्ष जयचंद्र राजपूत, पूर्व प्राचार्य परशुराम यादव, नगर पंचायत लिपिक धर्मेंद्र वाजपेयी, भक्त प्रहलाद जन कल्याण संस्थान के अध्यक्ष अमित चौरसिया, सहकारी बैक के पूर्व चेयरमैन ओमकार सिंह, अजय शुक्ला मौजूद रहे।
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इनका हुआ सम्मान
बुंदेलखंड विकास बोर्ड के सदस्य जगदीश सिंह चौहान, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि केशव सिंह ने सुकदेव व्यास, ओमकार सिंह, रामकुमार सिंह, अरूण चतुर्वेदी, सरजूशरण पाठक, अखिलेश तिवारी, शिशुपाल सिंह सरस, सोम मिश्रा का स्वागत किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
एरच। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के उपाध्यक्ष राज्यमंत्री हरगोविंद कुशवाहा ने कहा कि एरच में कई ईसा पूर्व की प्राचीन धरोहर है। इसका नाम प्राचीन इतिहास के पन्नों में दर्ज होने के बाद भी यह नगर दुनिया के पर्यटन मानचित्र में दर्ज नहीं है। इससे यहां की धरोहर रखरखाव के अभाव में विलुप्त हो रही है। इसे संरक्षित रखने की जरूरत है। प्राचीन ग्रंथों में एरच दुनिया की पहली राजधानी के रूप में विकसित था। यहां की धरोहर को संरक्षित रखने के लिए वह पूरी तरह से प्रयास करेंगे। इस नगर का सर्वांगीण विकास किया जाना भी बहुत जरूरी है। ा
राज्यमंत्री ने कलाकारों को सम्मानित करते हुए कहा कि इस प्राचीन नगर में तीन देवताओं ने अवतार लिए हैं। इस नगर को तीर्थ स्थल बनाया जाना जरूरी है। उन्होने कहा कि प्राचीन ग्रंथों के अनुसार एरच दुनिया की प्रथम राजधानी थी। इस नगर के विकास के लिए प्रदेश सरकार लगातार प्रयासरत है, इसके साथ ही विधायक जवाहर लाल राजपूत ने भी लोगों को भरोसा दिलाया कि इस नगर की प्राचीन धरोहर को संजोए रखने और एरच नगर का सर्वांगीण विकास कराने के लिए वह पूरी तरह से जुटे हुए हैं, जल्द ही होली एरच महोत्सव को प्रांतीय दर्जा मिलेगा। इसके साथ ही राज्य महिला आयोग की सदस्य अनुपमा सिंह लोधी ने भी यहां की प्राचीन धरोहर को संवारने की बात कही। ज्योतिषाचार्य दीपेंद्र अड़जरिया ने भी कहा कि यह नगर प्राचीन काल के दौरान यह प्राचीन नगर के साथ तीर्थ स्थल के रूप में जाना जाता था।
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इस मौके पर अवधेश शर्मा, उमेशदत्त शांडिल्य, नगर पंचायत अध्यक्ष जयचंद्र राजपूत, पूर्व प्राचार्य परशुराम यादव, नगर पंचायत लिपिक धर्मेंद्र वाजपेयी, भक्त प्रहलाद जन कल्याण संस्थान के अध्यक्ष अमित चौरसिया, सहकारी बैक के पूर्व चेयरमैन ओमकार सिंह, अजय शुक्ला मौजूद रहे।
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इनका हुआ सम्मान
बुंदेलखंड विकास बोर्ड के सदस्य जगदीश सिंह चौहान, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि केशव सिंह ने सुकदेव व्यास, ओमकार सिंह, रामकुमार सिंह, अरूण चतुर्वेदी, सरजूशरण पाठक, अखिलेश तिवारी, शिशुपाल सिंह सरस, सोम मिश्रा का स्वागत किया।