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28 गांवों में कम पानी में इस्रराइल की तकनीक पर होगी खेती
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झांसी। जिले के बड़ागांव और बबीना ब्लाक में पहूंज नदी के किनारे बसे 28 गांवों में इस्रराइल की कम पानी में खेती करने की तकनीकी को विकसित किया जाएगा। इसके लिए इस्रराइल के प्रतिनिधिमंडल ने बड़ागांव के ग्राम आरी का भ्रमण किया।
इस्रराइल के हेड काउंसलर डॉन एल्फ व डा. लियो ने बताया कि हाल ही में इस्रराइल एवं भारत सरकार के बीच कम पानी में फसल उत्पादन को लेकर साझा रणनीति तैयार करने का अनुबंध किया गया है। इस्रराइल में जिन तकनीकी के माध्यम से कम पानी में खेती की जा रही है, उसी तरह यहां पर भी कम पानी में बेहतर फसल उत्पादन किया जाएगा। बड़ागांव एवं बबीना ब्लाक के पहूंज नदी के किनारे बसे 28 गांवाें में उसी तरह खेती करने की तकनीकी विकसित की जाएगी। इस पायलट प्रोजेक्ट में स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर कार्ययोजना बनाने का कार्य किया जा रहा है। जल्द ही यहां की स्थिति के अनुसार आगे का कार्य किया जाएगा। जल सहेली अंजू व सुखदेवी ने बताया कि गांवों में पानी की बचत के लिए जन जागरूकता और स्वच्छता के कार्य कर रहे हैं तथा जल संरक्षण का काम कर रहे हैं।
मुख्य विकास अधिकारी शैलेष कुमार ने कहा कि इस पायलट प्रोजेक्ट से पानी की बचत होगी, जो किसानों और लोगों के हित में होगा। संचालन परमार्थ समाजसेवी संस्थान के सिद्धगोपाल सिंह ने किया। ग्राम प्रधान राघवेंद्र सिंह तोमर ने प्रतिनिधियों का स्वागत किया। इस दौरान अधिशासी अभियंता शशांक शेखर सिंह, लघु सिंचाई विभाग, कृषि विभाग और उद्यान विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
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इस्रराइल के हेड काउंसलर डॉन एल्फ व डा. लियो ने बताया कि हाल ही में इस्रराइल एवं भारत सरकार के बीच कम पानी में फसल उत्पादन को लेकर साझा रणनीति तैयार करने का अनुबंध किया गया है। इस्रराइल में जिन तकनीकी के माध्यम से कम पानी में खेती की जा रही है, उसी तरह यहां पर भी कम पानी में बेहतर फसल उत्पादन किया जाएगा। बड़ागांव एवं बबीना ब्लाक के पहूंज नदी के किनारे बसे 28 गांवाें में उसी तरह खेती करने की तकनीकी विकसित की जाएगी। इस पायलट प्रोजेक्ट में स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर कार्ययोजना बनाने का कार्य किया जा रहा है। जल्द ही यहां की स्थिति के अनुसार आगे का कार्य किया जाएगा। जल सहेली अंजू व सुखदेवी ने बताया कि गांवों में पानी की बचत के लिए जन जागरूकता और स्वच्छता के कार्य कर रहे हैं तथा जल संरक्षण का काम कर रहे हैं।
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मुख्य विकास अधिकारी शैलेष कुमार ने कहा कि इस पायलट प्रोजेक्ट से पानी की बचत होगी, जो किसानों और लोगों के हित में होगा। संचालन परमार्थ समाजसेवी संस्थान के सिद्धगोपाल सिंह ने किया। ग्राम प्रधान राघवेंद्र सिंह तोमर ने प्रतिनिधियों का स्वागत किया। इस दौरान अधिशासी अभियंता शशांक शेखर सिंह, लघु सिंचाई विभाग, कृषि विभाग और उद्यान विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
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