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सर्दियों में कमजोर हो जाती है बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता, घेर सकती वायरल और एलर्जिक बीमारियां, ऐसे रखें ध्यान
Tue, 19 Jan 2021 02:11 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 19 Jan 2021 02:11 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता सर्दियों में कमजोर हो जाती है। ऐसे में इस सीजन में बच्चों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। वरना, वायरल और एलर्जिक बीमारियां बच्चों को घेर सकती हैं। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में इन दिनों बुखार, खांसी, उल्टी, दस्त, श्वांस की बीमारियां से पीड़ित बच्चे उपचार कराने के लिए ज्यादा आ रहे हैं।
इस सीजन में सर्दी, खांसी, बुखार आम बात है, लेकिन कोविड को देखते हुए विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ओमशंकर चौरसिया ने बताया कि सर्दी में गले और सीने में तकलीफ जल्दी हो जाती है, इसलिए बच्चों को गुनगुना पानी पिलाते रहें। पैरों में गर्म मोजे और जूते हमेशा पहनाएं। अच्छी धूप खिलने पर हाथ-पैरों को सूरज की रोशनी में कुछ समय खुला छोड़ें, ताकि विटामिन डी की कमी पूरी हो सके। सिर को भी ठंड से बचाना जरूरी है। बाहर निकलने से पहले टोपी जरूर पहनाएं।
बढ़ती सर्दी में बच्चों को कोल्ड डायरिया और सांस लेने में तकलीफ हो जाती है। जिन बच्चों को किसी तरह की एलर्जी है या जो पहले से अस्थमा पीड़ित हैं, उनको सांस लेने में तकलीफ जैसी दिक्कतें काफी बढ़ जाती है। ऐसे बच्चों को थोड़ा भी संक्रमण होने तुरंत चिकित्सीय सलाह लें। यदि परिवार में किसी को खांसी, जुकाम या बुखार हो तो वह बच्चों से दूर रहें।
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ये रखें ध्यान
- बच्चों को गुनगुना पानी पिलाते रहें।
- जितना हो सके गर्म कपड़ों में रखें।
- बच्चों को हरी सब्जियां और फल खिलाएं।
- पोषक तत्वों से भरपूर ताजा, गर्म खाना खिलाएं।
- पैरों में गर्म मोजे और जूते हमेशा पहनाएं।
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इस सीजन में सर्दी, खांसी, बुखार आम बात है, लेकिन कोविड को देखते हुए विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ओमशंकर चौरसिया ने बताया कि सर्दी में गले और सीने में तकलीफ जल्दी हो जाती है, इसलिए बच्चों को गुनगुना पानी पिलाते रहें। पैरों में गर्म मोजे और जूते हमेशा पहनाएं। अच्छी धूप खिलने पर हाथ-पैरों को सूरज की रोशनी में कुछ समय खुला छोड़ें, ताकि विटामिन डी की कमी पूरी हो सके। सिर को भी ठंड से बचाना जरूरी है। बाहर निकलने से पहले टोपी जरूर पहनाएं।
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बढ़ती सर्दी में बच्चों को कोल्ड डायरिया और सांस लेने में तकलीफ हो जाती है। जिन बच्चों को किसी तरह की एलर्जी है या जो पहले से अस्थमा पीड़ित हैं, उनको सांस लेने में तकलीफ जैसी दिक्कतें काफी बढ़ जाती है। ऐसे बच्चों को थोड़ा भी संक्रमण होने तुरंत चिकित्सीय सलाह लें। यदि परिवार में किसी को खांसी, जुकाम या बुखार हो तो वह बच्चों से दूर रहें।
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ये रखें ध्यान
- बच्चों को गुनगुना पानी पिलाते रहें।
- जितना हो सके गर्म कपड़ों में रखें।
- बच्चों को हरी सब्जियां और फल खिलाएं।
- पोषक तत्वों से भरपूर ताजा, गर्म खाना खिलाएं।
- पैरों में गर्म मोजे और जूते हमेशा पहनाएं।