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Jhansi News: मेडिकल कॉलेज में इंटरनेट सेवाएं ठप, नहीं बन पा रहे जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र
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शाम छह बजे से ऑनलाइन पर्चे बनने भी हो गए बंद
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में सर्वर ठप हो जाने से वेबसाइट नहीं चल पा रही है। सबसे ज्यादा परेशानी जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं बन पाने की वजह से हो रही है। प्रमाणपत्र बनवाने के लिए परिजन लगातार मेडिकल कॉलेज के चक्कर काट रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में करीब दस दिनों से सर्वर की समस्या बनी हुई है। अब तक ऑनलाइन पर्चा बनाने में बीच-बीच में परेशानी हो रही थी। बृहस्पतिवार की शाम छह बजे दिक्कत इतनी बढ़ गई कि पर्चा बनने ही बंद हो गए। न तो किसी भी जांच की बिलिंग हो सकी। ऐसे में मैनुअल पर्चा बनाने और बिलिंग का काम शुरू हुआ। कॉलेज में डिलीवरी होने पर बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र और मरीज की मौत हो जाने पर मृत्यु प्रमाणपत्र बनते हैं। रोजाना करीब सात से आठ प्रमाणपत्र बन जाते हैं। मगर सर्वर ठप हो जाने से अब ये प्रमाणपत्र भी नहीं बन पा रहे हैं। कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सचिन माहुर का कहना है कि बृहस्पतिवार को देर रात तक एनआईसी द्वारा सर्वर ठीक करने की बात कही गई है। इसके बाद हर तरह की समस्याएं दूर हो जाएंगी। प्रमाणपत्र भी बनने शुरू हो जाएंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में सर्वर ठप हो जाने से वेबसाइट नहीं चल पा रही है। सबसे ज्यादा परेशानी जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं बन पाने की वजह से हो रही है। प्रमाणपत्र बनवाने के लिए परिजन लगातार मेडिकल कॉलेज के चक्कर काट रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में करीब दस दिनों से सर्वर की समस्या बनी हुई है। अब तक ऑनलाइन पर्चा बनाने में बीच-बीच में परेशानी हो रही थी। बृहस्पतिवार की शाम छह बजे दिक्कत इतनी बढ़ गई कि पर्चा बनने ही बंद हो गए। न तो किसी भी जांच की बिलिंग हो सकी। ऐसे में मैनुअल पर्चा बनाने और बिलिंग का काम शुरू हुआ। कॉलेज में डिलीवरी होने पर बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र और मरीज की मौत हो जाने पर मृत्यु प्रमाणपत्र बनते हैं। रोजाना करीब सात से आठ प्रमाणपत्र बन जाते हैं। मगर सर्वर ठप हो जाने से अब ये प्रमाणपत्र भी नहीं बन पा रहे हैं। कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सचिन माहुर का कहना है कि बृहस्पतिवार को देर रात तक एनआईसी द्वारा सर्वर ठीक करने की बात कही गई है। इसके बाद हर तरह की समस्याएं दूर हो जाएंगी। प्रमाणपत्र भी बनने शुरू हो जाएंगे।
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