{"_id":"6670a14383ecbe2d060247d4","slug":"instead-of-exorcising-bring-the-snakebite-patient-directly-to-the-medical-college-jhansi-news-c-11-1-roh1021-334844-2024-06-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: झाड़-फूंक नहीं सीधे मेडिकल कॉलेज लाएं सर्पदंश रोगी को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: झाड़-फूंक नहीं सीधे मेडिकल कॉलेज लाएं सर्पदंश रोगी को
विज्ञापन
- मेडिकल कॉलेज में सर्पदंश के रोगियों को बचाने का ग्राफ सबसे बेहतर
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। पठारी क्षेत्र की वजह से बुंदेलखंड में सांप ज्यादा है। लोग अक्सर सर्पदंश का शिकार होते हैं। बारिश में सर्पदंश के मामले बढ़ जाते हैं। सर्पदंश का मेडिकल कॉलेज में बेहतर उपचार है। सर्पदंश के रोगी को झाड़-फूंक कराने के बजाए सीधे मेडिकल कॉलेज में उपचार कराने के लिए लाएं।
बुंदेलखंड में करैत और कोबरा जैसे विषैले सांप निकलते रहते हैं, जो आएदिन लोगों को शिकार बनाते हैं। कहते हैं कि गर्मी के मौसम में सांप बिल में छिपे रहते हैं और बारिश के मौसम में पानी भर जाने पर बाहर निकलते हैं। बुंदेलखंड में गर्मी में भी लोग सर्पदंश के शिकार होते रहते हैं। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 21 फरवरी से 20 मार्च तक सात, 21 मार्च से 20 अप्रैल तक 17 तथा 21 अप्रैल से 20 मई तक 15 लोग सर्पदंश के भर्ती हो चुके हैं। यहां सभी की जान बचा ली गई। इसके अलावा तमाम ऐसे भी लोग हैं, जो सर्पदंश का उपचार कराने के लिए मेडिकल कॉलेज नहीं आए हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बारिश के मौसम में कितने लोग सर्पदंश के शिकार होते हैं। मेडिकल कॉलेज में सर्पदंश के शिकार लोगों का बेहतर उपचार होता है मगर जरूरत जल्द से जल्द उपचार के लिए लाने की है। सीएमएस डॉ. सचिन माहुर ने बताया कि सर्पदंश के रोगी को इधर-उधर झाड़-फूंक कराने से बेहतर है कि सीधे उपचार के लिए लेकर आएं। मेडिकल कॉलेज में समुचित उपचार किया जाता है, जिससे अधिकांश का जीवन बचता है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। पठारी क्षेत्र की वजह से बुंदेलखंड में सांप ज्यादा है। लोग अक्सर सर्पदंश का शिकार होते हैं। बारिश में सर्पदंश के मामले बढ़ जाते हैं। सर्पदंश का मेडिकल कॉलेज में बेहतर उपचार है। सर्पदंश के रोगी को झाड़-फूंक कराने के बजाए सीधे मेडिकल कॉलेज में उपचार कराने के लिए लाएं।
बुंदेलखंड में करैत और कोबरा जैसे विषैले सांप निकलते रहते हैं, जो आएदिन लोगों को शिकार बनाते हैं। कहते हैं कि गर्मी के मौसम में सांप बिल में छिपे रहते हैं और बारिश के मौसम में पानी भर जाने पर बाहर निकलते हैं। बुंदेलखंड में गर्मी में भी लोग सर्पदंश के शिकार होते रहते हैं। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 21 फरवरी से 20 मार्च तक सात, 21 मार्च से 20 अप्रैल तक 17 तथा 21 अप्रैल से 20 मई तक 15 लोग सर्पदंश के भर्ती हो चुके हैं। यहां सभी की जान बचा ली गई। इसके अलावा तमाम ऐसे भी लोग हैं, जो सर्पदंश का उपचार कराने के लिए मेडिकल कॉलेज नहीं आए हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बारिश के मौसम में कितने लोग सर्पदंश के शिकार होते हैं। मेडिकल कॉलेज में सर्पदंश के शिकार लोगों का बेहतर उपचार होता है मगर जरूरत जल्द से जल्द उपचार के लिए लाने की है। सीएमएस डॉ. सचिन माहुर ने बताया कि सर्पदंश के रोगी को इधर-उधर झाड़-फूंक कराने से बेहतर है कि सीधे उपचार के लिए लेकर आएं। मेडिकल कॉलेज में समुचित उपचार किया जाता है, जिससे अधिकांश का जीवन बचता है।
विज्ञापन