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Jhansi News: ट्रेन में भूख से बिलखा मासूम... रेल अफसर ने आधी रात में घर से मंगाकर कोच में पहुंचाया दूध

Tue, 27 Feb 2024 01:34 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी Updated Tue, 27 Feb 2024 01:34 AM IST
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Innocent child crying due to hunger in the train... Railway officer brought milk from home and delivered it in the coach at midnight
संवाद न्यूज एजेंसी
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झांसी। दो दिन पहले ट्रेन में जहां ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए एक बुजुर्ग यात्री को रेलवे अफसरों की संवेदनहीनता का सामना करना पड़ा, तो वहीं रविवार रात को रेलवे ने एक छह माह के मासूम की मदद के लिए संवेदनशीलता दिखाई। ट्रेन में भूख से बिलख रहे मासूम के लिए जब स्टेशन पर दूध का इंतजाम नहीं हो सका, तो रेलवे अफसर ने आधी रात को अपने घर से मंगाकर दूध दिया। बच्चे की रोने की आवाज से गूंज रहे कोच में जब रेलवे अफसर दूध लेकर पहुंचे तो हर यात्री ने सराहना की।
जम्मूतवी से चलकर नांदेड़ जाने वाली नांदेड़ एक्सप्रेस के कोच बी-13 की सीट नंबर 39 पर महाराष्ट्र के पूर्णा निवासी अविनाश जाधव अपने परिवार और छह माह के बेटे श्रेयस के साथ पठानकोट से पूर्णा के लिए यात्रा कर रहे थे। वे रविवार सुबह 9:51 बजे पठानकोट से ट्रेन में सवार हुए। उनके पास बच्चे के लिए पर्याप्त दूध था। ट्रेन रास्ते में तीन घंटा लेट हो गई। ट्रेन रात 11:30 बजे आगरा कैंट पहुंची। तब तक बच्चे का दूध खत्म हो गया। ट्रेन आगरा से चलकर धौलपुर पहुंची तो बच्चा भूख के चलते रोने लगा। अविनाश जाधव ने बताया कि उम्मीद थी कि ग्वालियर पर दूध मिल जाएगा। ट्रेन रविवार रात 1:07 बजे ग्वालियर पहुंची। यहां उन्होंने स्टेशन पर उतरकर दूध खोजा, लेकिन किसी भी स्टॉल और कैंटीन पर दूध नहीं मिल सका। ट्रेन सात मिनट के ठहराव के बाद ग्वालियर से 1:14 बजे झांसी के लिए रवाना हो गई। इधर, भूख के चलते बच्चा तेज-तेज बिलखने लगा। कोच में बच्चे की रोने की आवाज सुनकर अन्य यात्री उनकी सीट के पास आ गए। इसके बाद उन्होंने रेलवे के 139 नंबर पर कॉल करके मदद मांगी।
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यात्री का संदेश रेलवे कंट्रोल रूम के जरिए झांसी रेलवे स्टेशन पर पहुंचा। यहां तैनात डिप्टी एसएस एसके नरवरिया ने मेसेज का संज्ञान लिया और स्टेशन पर बच्चे के लिए दूध की व्यवस्था शुरू की। मगर काफी रात हो जाने के चलते स्टेशन की कैंटीन में भी दूध नहीं मिल सका। इस पर डिप्टी एसएस ने अपने घर फोन करके बेटे से दूध मंगवाया। ट्रेन जब देर रात तीन बजे झांसी पहुंची तो डिप्टी एसएस खुद कोच में दूध लेकर पहुंचे। दूध पहुंचने पर यात्री ने अफसर की सराहना की। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने कहा कि यात्री सेवा में मंडल हमेशा तत्पर है। इमरजेंसी में यात्री के लिए यह व्यवस्था की गई है।
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