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UP: मड़ावरा में पकड़ा खूंखार घायल, 20 घंटे कड़ी मशक्कत... रातभर तेंदुए की दहाड़ों से डरे ग्रामीण; ऐसे मिली सफलता

Thu, 12 Jun 2025 05:35 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: अनुज कुमार Updated Thu, 12 Jun 2025 05:35 PM IST
सार

चेकडैम में पनाह के लिये छिपे बैठे घायल तेंदुए को आखिरकार 20 घंटे के बाद रेस्क्यू टीम ने पकड़ा है। पिंजरा रख रातभर तेंदुए को पिंजरे में लाने की कोशिश हुई।

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injured leopard hiding for shelter in check dam rescued after 20 hours
तेंदुआ (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

चेकडैम में पनाह के लिये छिपे बैठे घायल तेंदुए का 20 घंटे के बाद रेस्क्यू कर लिया गया। वनविभाग के अधिकारियों द्वारा तथाकथित रेस्क्यू ऑपरेशन को सफल कहा जा रहा है। वहीं स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि घायल तेंदुए को रातभर प्रताड़ना झेलनी पड़ी। गौरतलब है कि बुधवार को दोपहर को चरवाहों द्वारा मड़ावरा वनक्षेत्र के मदनपुर पश्चिमी बीट के ग्राम भौंती में तालाब के बांध पर बने चैकडेम के स्पिलवे में एक घायल तेंदुआ देखा गया।

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रातभर चला तेंदुए को पकड़ने का रेस्क्यू
जिसके पिछले पैर काम नहीं कर रहे थे जो चैकडेम की पुलिया में पनाह लिये था। जानकारी मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और प्रभारी डीएफओ के निर्देशन में देरशाम रेस्क्यू ऑपरेशन प्रारम्भ हो सका। बताया गया है कि पुलिया के दोनों ओर लोहे के पिंजरे रखकर रातभर तेंदुए को पिंजरे में लाने की कोशिश की गई, जिसके लिये तेंदुए पर पानी की तीव्र धारा छोड़ी गई, लंबे बांस में मशाल बांधकर डराया गया, खाने के लिये मुर्गे रखे गये फिर भी सफलता नहीं मिली।

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ऐसे पकड़ा गया तेंदुआ
बृहस्पतिवार को तेंदुए को बेहोश करने के लिये ट्रेंकुलाइज करने का निर्णय लिया गया जिसके लिये कानपुर स्थित वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ नासिर भी मौके पर पहुंचे जिनकी सूझबूझ से तेंदुए को बगैर बेहोश किये पैर में रस्सी का फंदा डालकर उसे पिंजरे तक लाया गया। जनपद में वन्यजीवों की सुरक्षा एवं बचाव के लिये संसाधनों एवं प्रशिक्षित कार्मिकों की कमी होने के चलते घायल तेंदुए को सुरक्षित बचाने में काफी समय लग गया जिसके चलते तेंदुआ काफी तनाव में दिख रहा था। 

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दहाड़ों से रहा ग्रामीणों में भय का माहौल
पुलिया के नीचे छिपा तेंदुआ आसपास मानवीय गतिविधियां होने से रातभर दहाड़ता रहा। तेंदुए की तेज गर्जना से ग्रामीणों में भय का माहौल रहा। अगली दोपहर तेंदुए को पकड़े जाने की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों द्वारा चैन की सांस ली। 

तेंदुए का किया जायेगा गहन परीक्षण 
कानपुर चिड़ियाघर से पहुंचे पशु चिकित्सक डॉ ने बताया कि प्रथम दृष्टया तेंदुए का पिछले धड़ में समस्या लग रही है, उसके घायल होने के पीछे क्या कारण है उसके एक्सरे, ब्लड टेस्ट एवं अन्य गहन परीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
 

कानपुर भेजा गया घायल तेंदुआ
प्रभारी डीएफओ डॉ शिरीन ने बताया बचाया गया तेंदुआ नर है जिसकी उम्र लगभग साढ़े पांच वर्ष होगी उसे चिकित्सीय परीक्षण एवं उपचार हेतु कानपुर भेजा गया है, स्वस्थ होने और आवश्यक मानकों के आधार पर तेंदुए को किसी संरक्षित वनक्षेत्र अथवा चिड़ियाघर में रखा जायेगा।

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