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Jhansi News: तीन घंटे पहले मिल जाएगी आपदा की जानकारी
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। दैवीय आपदा आने से तीन घंटे पहले उसकी जानकारी मिल जाएगी। इसके लिए झांसी में प्रदेश का दूसरा डॉपलर रडार सिस्टम लगाया जा रहा है। यह सिस्टम यहां से 300 किमी की परिधि में वातावरण में होने वाली हलचल पर नजर रखेगा।
बारिश के मौसम में बुंदेलखंड में गाज गिरना आम है। इसके अलावा यहां के लोगों को अक्सर अतिवृष्टि व ओलावृष्टि का सामना करना पड़ जाता है। पहले से सूचना होने पर इन दैवीय आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। इसके लिए यहां मौसम विभाग लखनऊ और प्रदेश के राहत आयुक्त की ओर से डॉपलर रडार सिस्टम लगाया जा रहा है। प्रदेश में अभी यह सिस्टम केवल लखनऊ में ही लगा हुआ है।
डॉपलर रडार सिस्टम लगाने के लिए यहां गरियागांव और सैंयर में जमीन चिह्नित की गई है। बृहस्पतिवार को लखनऊ से आए वैज्ञानिक अधिकारी शिव दीक्षित और वैज्ञानिक सहायक ज्ञानप्रकाश ने दोनों जमीनों का निरीक्षण किया था। इनमें से किसी एक स्थान पर 2500 वर्गमीटर जमीन चयनित कर सिस्टम लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
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झांसी में डॉपलर रडार सिस्टम लग जाने से केवल बुंदेलखंड ही नहीं, बल्कि आसपास के इलाकों को भी लाभ मिलेगा। इसके जरिये दैवीय आपदा की सूचना तीन घंटे पहले मिल जाएगी। इसके लिए दो जगहों पर जमीनें चिह्नित की गई हैं, जिनका लखनऊ से आई टीम निरीक्षण कर चुकी है। जमीन तय होते ही इसे लगाने का काम शुरू हो जाएगा।
- वरुण कुमार पांडेय, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)
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झांसी। दैवीय आपदा आने से तीन घंटे पहले उसकी जानकारी मिल जाएगी। इसके लिए झांसी में प्रदेश का दूसरा डॉपलर रडार सिस्टम लगाया जा रहा है। यह सिस्टम यहां से 300 किमी की परिधि में वातावरण में होने वाली हलचल पर नजर रखेगा।
बारिश के मौसम में बुंदेलखंड में गाज गिरना आम है। इसके अलावा यहां के लोगों को अक्सर अतिवृष्टि व ओलावृष्टि का सामना करना पड़ जाता है। पहले से सूचना होने पर इन दैवीय आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। इसके लिए यहां मौसम विभाग लखनऊ और प्रदेश के राहत आयुक्त की ओर से डॉपलर रडार सिस्टम लगाया जा रहा है। प्रदेश में अभी यह सिस्टम केवल लखनऊ में ही लगा हुआ है।
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डॉपलर रडार सिस्टम लगाने के लिए यहां गरियागांव और सैंयर में जमीन चिह्नित की गई है। बृहस्पतिवार को लखनऊ से आए वैज्ञानिक अधिकारी शिव दीक्षित और वैज्ञानिक सहायक ज्ञानप्रकाश ने दोनों जमीनों का निरीक्षण किया था। इनमें से किसी एक स्थान पर 2500 वर्गमीटर जमीन चयनित कर सिस्टम लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
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झांसी में डॉपलर रडार सिस्टम लग जाने से केवल बुंदेलखंड ही नहीं, बल्कि आसपास के इलाकों को भी लाभ मिलेगा। इसके जरिये दैवीय आपदा की सूचना तीन घंटे पहले मिल जाएगी। इसके लिए दो जगहों पर जमीनें चिह्नित की गई हैं, जिनका लखनऊ से आई टीम निरीक्षण कर चुकी है। जमीन तय होते ही इसे लगाने का काम शुरू हो जाएगा।
- वरुण कुमार पांडेय, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)