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कोरोना काल के बाद पुरुषों में 20 फीसदी तक बढ़ा बांझपन
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झांसी। कोरोना काल के बाद पुरुषों में 20 फीसदी तक बांझपन बढ़ गया है। जांच के दौरान कई पुरुषों में शुक्राणु न बनने या कम बनने की समस्या आ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना संक्रमित हो चुके कई रोगियों में भी इस तरह की समस्या आ रही है। इसके पीछे तनाव, मधुमेह, शराब-धूम्रपान करना भी वजह है।
पुरुषों में पाए जाने वाले वाई क्रोमोसोम (गुणसूत्र) में कई जीन होते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक ये शुक्राणु (स्पर्म) बनाते हैं और उसकी गुणवत्ता नियंत्रित रखते हैं। वाई क्रोमोसोम में ये जींस जब गायब या नष्ट होने लगते हैं, तब शुक्राणु कम बनने लगते हैं। इस वजह से बांझपन की समस्या बढ़ने लगती है। डॉक्टरों का कहना है कि वायरल इंफेक्शन गल सुआ से 20 प्रतिशत लोगों को बांझपन की समस्या हो जाती है। चूंकि, कोरोना भी वायरल इंफेक्शन है, इस कारण कोविड संक्रमित रह चुके कई पुरुषों में भी बांझपन की समस्या आ रही है। इसके अलावा भी पुरुष बांझपन के कई कारण होते हैं। इसमें वीर्य में खराबी, शुक्राणु के असामान्य कार्य से लेकर मार्ग में रुकावट जो शुक्राणु के वितरण को रोकते हैं। इस तरह की रुकावटें जनानांग पथ में चोट या संक्रमण के कारण होती हैं। इसके अलावा धूम्रपान, अधिक शराब का सेवन, खराब आहार का सेवन, व्यायाम की कमी, मोटापा, तनाव से लेकर मधुमेह रोगी भी इस समस्या की वजह है।
कोरोना काल के बाद पुरुषों में बांझपन की समस्या 15 से 20 फीसदी बढ़ी है। कोरोना काल में लोगों को तनाव बहुत हुआ। जबकि, तनाव, शराब व धूम्रपान ही बांझपन का 25 फीसदी कारण हैं। जल्दी इलाज शुरू कराने पर ये समस्या ठीक भी हो जाती है। - डॉ. संजया शर्मा, वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ।
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पुरुषों में बांझपन होने का एक कारण कोरोना भी है। गल सुआ की तरह कोविड भी वायरल इंफेक्शन है, इसलिए संक्रमित होने वाले कई पुरुषों में भी शुक्राणु न बनने या कम बनने की समस्या आई है। 20 फीसदी तक पुरुषों में ये समस्या बढ़ी है। - डॉ. सुरक्षा शुक्ला, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ।
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पुरुषों में पाए जाने वाले वाई क्रोमोसोम (गुणसूत्र) में कई जीन होते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक ये शुक्राणु (स्पर्म) बनाते हैं और उसकी गुणवत्ता नियंत्रित रखते हैं। वाई क्रोमोसोम में ये जींस जब गायब या नष्ट होने लगते हैं, तब शुक्राणु कम बनने लगते हैं। इस वजह से बांझपन की समस्या बढ़ने लगती है। डॉक्टरों का कहना है कि वायरल इंफेक्शन गल सुआ से 20 प्रतिशत लोगों को बांझपन की समस्या हो जाती है। चूंकि, कोरोना भी वायरल इंफेक्शन है, इस कारण कोविड संक्रमित रह चुके कई पुरुषों में भी बांझपन की समस्या आ रही है। इसके अलावा भी पुरुष बांझपन के कई कारण होते हैं। इसमें वीर्य में खराबी, शुक्राणु के असामान्य कार्य से लेकर मार्ग में रुकावट जो शुक्राणु के वितरण को रोकते हैं। इस तरह की रुकावटें जनानांग पथ में चोट या संक्रमण के कारण होती हैं। इसके अलावा धूम्रपान, अधिक शराब का सेवन, खराब आहार का सेवन, व्यायाम की कमी, मोटापा, तनाव से लेकर मधुमेह रोगी भी इस समस्या की वजह है।
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कोरोना काल के बाद पुरुषों में बांझपन की समस्या 15 से 20 फीसदी बढ़ी है। कोरोना काल में लोगों को तनाव बहुत हुआ। जबकि, तनाव, शराब व धूम्रपान ही बांझपन का 25 फीसदी कारण हैं। जल्दी इलाज शुरू कराने पर ये समस्या ठीक भी हो जाती है। - डॉ. संजया शर्मा, वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ।
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पुरुषों में बांझपन होने का एक कारण कोरोना भी है। गल सुआ की तरह कोविड भी वायरल इंफेक्शन है, इसलिए संक्रमित होने वाले कई पुरुषों में भी शुक्राणु न बनने या कम बनने की समस्या आई है। 20 फीसदी तक पुरुषों में ये समस्या बढ़ी है। - डॉ. सुरक्षा शुक्ला, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ।