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स्टार्ट अप, युवा उद्यम को बढ़ावा देने में मदद करेगा इंक्यूबेशन सेंटर
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झांसी। स्टार्ट अप और युवा उद्यम को बढ़ावा देने के लिए बीआईईटी में इंक्यूबेशन सेंटर बनाया जा रहा है। इसके तहत खोज व अनुसंधानों को बाजार और आम जन तक पहुंचाने का काम होगा। नए आविष्कार करने वाले छात्र-छात्राओं को आगे बढ़ने का मौका मिल सकेगा। अप्रैल से ये सेंटर शुरू हो जाएगा।
शासन के निर्देश पर कई शिक्षण संस्थानों में इंक्यूबेशन सेंटर खोले जा रहे हैं। इसके तहत बीआईईटी में ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट बिल्डिंग में सेंटर की स्थापना की जा रही है। सेंटर में छात्र और शिक्षक अपने नए-नए सुझाव दे सकेंगे। झांसी और बुंदेलखंड क्षेत्र में बिजनेस शुरू करने की सोच रखने वाले युवाओं को तकनीकी और वित्तीय मदद मिलेगी। सेंटर में जानकारी परक कई कार्यक्रम भी होंगे। नवाचार को लेकर प्रतियोगिताएं भी कराई जाएंगी, ताकि नए आइडिया निकलकर सामने आएं। बौद्धिक संपदा को सुरक्षित करने के लिए भी छात्र, शिक्षक को मदद मिलेगी। पेंटेंट की फीस भी शासन द्वारा दी जाएगी। जिसका विचार पसंद आएगा, उस इंक्यूबेटर्स का चयन सेंटर की समिति करेगी। शुरूआती मदद के लिए 15 हजार रुपये आर्थिक मदद इंक्यूबेटर को महीने दी जा सकती है।
ये मिलेगी सुविधा
सेंटर में आकर छात्र, शिक्षक डिजाइन बना सकते हैं। यहां लैब की व्यवस्था की जा रही है। एक साथ दस लोग लैब में बैठकर काम कर सकते हैं। प्रोडक्ट तैयार हो जाता है तो फिर अपनी कंपनी खोल सकते हैं।
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संस्थान में इंक्यूबेशन सेंटर का काम तेजी से चल रहा है। अप्रैल तक ये संचालित हो जाएगा। इसके जरिए छात्र-छात्राओं को उद्यम स्थापित करने में मदद मिलेगी। उनके आइडिया की मार्केटिंग की जाएगी। - डॉ. अतुल द्विवेदी, सह प्रभारी, इंक्यूबेशन सेंटर, बीआईईटी।
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शासन के निर्देश पर कई शिक्षण संस्थानों में इंक्यूबेशन सेंटर खोले जा रहे हैं। इसके तहत बीआईईटी में ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट बिल्डिंग में सेंटर की स्थापना की जा रही है। सेंटर में छात्र और शिक्षक अपने नए-नए सुझाव दे सकेंगे। झांसी और बुंदेलखंड क्षेत्र में बिजनेस शुरू करने की सोच रखने वाले युवाओं को तकनीकी और वित्तीय मदद मिलेगी। सेंटर में जानकारी परक कई कार्यक्रम भी होंगे। नवाचार को लेकर प्रतियोगिताएं भी कराई जाएंगी, ताकि नए आइडिया निकलकर सामने आएं। बौद्धिक संपदा को सुरक्षित करने के लिए भी छात्र, शिक्षक को मदद मिलेगी। पेंटेंट की फीस भी शासन द्वारा दी जाएगी। जिसका विचार पसंद आएगा, उस इंक्यूबेटर्स का चयन सेंटर की समिति करेगी। शुरूआती मदद के लिए 15 हजार रुपये आर्थिक मदद इंक्यूबेटर को महीने दी जा सकती है।
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ये मिलेगी सुविधा
सेंटर में आकर छात्र, शिक्षक डिजाइन बना सकते हैं। यहां लैब की व्यवस्था की जा रही है। एक साथ दस लोग लैब में बैठकर काम कर सकते हैं। प्रोडक्ट तैयार हो जाता है तो फिर अपनी कंपनी खोल सकते हैं।
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संस्थान में इंक्यूबेशन सेंटर का काम तेजी से चल रहा है। अप्रैल तक ये संचालित हो जाएगा। इसके जरिए छात्र-छात्राओं को उद्यम स्थापित करने में मदद मिलेगी। उनके आइडिया की मार्केटिंग की जाएगी। - डॉ. अतुल द्विवेदी, सह प्रभारी, इंक्यूबेशन सेंटर, बीआईईटी।