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Jhansi News: ड्रोन से कीटनाशक के साथ खाद का छिड़काव कर बढ़ाई उपज

Mon, 02 Jun 2025 01:33 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 02 Jun 2025 01:33 AM IST
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Increased yield by spraying fertilizer with pesticides using drones

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संवाद न्यूज एजेंसी



झांसी। जनपद की पहली महिला शक्ति जिसने खेती के नजरिये को बदल कर रख दिया। सरकार की ओर से मिले ड्रोन की मदद से घंटों में पूरा होने वाले काम को वह मिनटों में कर दे रही हैं। इससे उनकी उपज अच्छी हो रही है तो दूसरी ओर आय भी बढ़ाई है। इतना ही नहीं, इसकी मदद से सैकड़ों लीटर पानी की भी बचत कर रही हैं।

किसानों को अपनी आय बढ़ाने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार उन्हें आधुनिक तरीके से खेती करने के लिए प्रेरित कर रही है। इसके साथ ही उपयोग में आने वाले यंत्र भी प्रदान कर रही है। रानी झांसी जनपद की पहली महिला हैं, जो आधुनिक खेती से अपनी आय को बढ़ा रही हैं। बड़ागांव ब्लॉक के गढ़मऊ निवासी रानी अहिरवार जिन्होंने इस साल अपने खेतों में ड्रोन से कीटनाशक का छिड़काव कर फसलों को नष्ट होने से बचाया। नैनो डीएपी का भी छिड़काव कर अपनी उपज को बढ़ाया है। इससे उनकी आय भी बढ़ी है।
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इस साल उन्होंने ड्रोन का उपयोग दो एकड़ में बोई गई मूंगफली और मटर की फसल में किया था। अब धान की फसल में वह इसका उपयोग करेंंगी। यही कारण रहा कि पिछले साल के मुकाबले इस साल उनकी पैदावार कई गुना अधिक हुई। यह ड्रोन उन्हें हिंदुस्तान उर्वरक रासायनिक लिमिटेड ने निशुल्क प्रदान किया है। उन्होंने बताया कि उन्हें ड्रोन प्रदान करने से पहले 10 दिन का प्रशिक्षण दिया गया था। तीन दिन का प्रशिक्षण प्रयागराज में भी लिया था।
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एक हजार लीटर पानी के साथ समय की बचत

उन्होंने बताया कि दो एकड़ जमीन पर कीटनाशक छिड़काव करने के लिए करीब एक हजार लीटर पानी का इस्तेमाल होता है। हाथ वाली मशीन से दो एकड़ में छिड़काव करने में करीब 10 दिन लग जाते हैं, लेकिन यही काम ड्रोन से सिर्फ 40 से 50 मिनट किया जा सकता है। 30 लीटर पानी में रसायन मिलाकर दो एकड़ की फसल में छिड़काव किया जाता है।



सौ रुपये प्रति एकड़ बुकिंग चार्ज, जोखिम हो जाता है कम

रानी ने बताया कि एक एकड़ खेती में कीटनाशक छिड़काव के लिए वह 100 रुपये शुल्क लेती हैं। उन्होंने बताया कि किसानों को खेत में (खासकर धान) उर्वरक या कीटनाशक के छिड़काव के लिए पानी भरे खेत में उतरना पड़ता है। ऐसे में विषैले जीव के डसने की आशंका रहती है। इसलिए किसान अब ड्रोन की बुकिंग करा रहे हैं।




ग्रीन जोन में ड्रोन उड़ाने का समय तय



महिला किसान ने बताया कि ड्रोन को उड़ाने का समय और जोन निर्धारित किए गए हैं। ड्रोन उड़ाने का समय सुबह छह से 10 बजे तक और शाम को तीन से छह बजे तक है। इसके अलावा, ग्रीन जोन में ही इसे उड़ाने की अनुमति है। ग्रीन जोन में सिर्फ खेत होते हैं, जबकि येलो जाने में आवासीय के साथ खेत आते हैं। ऐसे में तहसील स्तर से अनुमति ली जाती है। रेड जोन में सेना का क्षेत्र, रेलवे क्षेत्र आदि आते हैं। यहां ड्रोन उड़ाना पूर्ण प्रतिबंधित है।

ड्रोन के उपयोग के कई फायदे मिल रहे हैं। आय बढ़ने के साथ ही कम समय में काम पूरा हो रहा है। - रानी अहिरवार, महिला किसान
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