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आयकर विभाग ने कर दाताओं पर और कसा शिकंजा
ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Wed, 08 Jul 2015 02:08 AM IST
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झांसी। आयकर विभाग अपने कर दाताओं पर शिकंजा कसता जा रहा है। इस बार फार्म में करदाताओं को कई नई जानकारियां भरनी हाेंगी। आयकर दाता को अपने सभी चालू बैंक खातों, आधार नंबर, पासपोर्ट नंबर आदि की जानकारी देनी होगी।
केंद्रीय आयकर प्रत्यक्ष बोर्ड ने निश्चित राशि से अधिक संपत्ति, सामान की खरीद फरोख्त, निवेश या किसी को सेवाएं प्रदान करने पर आवश्यक रूप से टैक्स काटने के निर्देश दिए हैं। इस बार कर दाताओं को फार्म में कई नई जानकारियां भरनी हाेंगी। कर दाता को अपने सभी चालू खातों का एकाउंट नंबर आईएफएस कोड के साथ भरना होगा। अगर कर दाता अपने चालू खातों के बारे में जानकारी छुपाता है तो पता लगने पर विभाग धारा 154 के तहत नोटिस जारी कर जवाब तलब कर सकता है। इसी तरह करदाता को आधार नंबर (अगर हो तो) भी भरना होगा। पासपोर्ट बना है तो उसका नंबर भी भरना होगा। आयकर विभाग ने आईटीआर टू ए नया फार्म जारी किया है। इस फार्म को उन करदाताओं को भरना है जिनके पास वेतन (सैलरी) के अलावा दो घर या इससे अधिक हैं। एक घर के अलावा अन्य घरों से आय अर्जित हो रही हो या ब्याज से आय प्राप्त हो रही हो। ऐसे कर दाताओं को यह फार्म भरना होगा।
आधार नंबर भरने पर यह होगा लाभ
अभी रिटर्न दाखिल करने पर संबंधित फार्म सर्किल के अफसर के हस्ताक्षर होने के बाद बंगलूरू स्थित सीपीसी विभाग में पुष्टि के लिए भेजा जाता है। इस प्रक्रिया में अगर 120 दिन से अधिक का समय लग जाए तो वह रिटर्न मान्य नहीं होता है। खासकर रिफंड के मामलों में। चूंकि, आधार नंबर बायो मैट्रिक होता है, इस कारण फार्म में आधार नंबर भरने पर इसकी पुष्टि आवश्यक नहीं होती है। इससे करदाताओं को उनका रिफंड अथवा रिटर्न सही दाखिल होने की जानकारी तत्काल हो सकेगी।
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आयकर रिटर्न दाखिल करने की तिथि बढ़ी
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने इस बार रिटर्न दाखिल (बिना आडिट वालों की) करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर इकतीस अगस्त कर दी है। इसी तरह आडिट कर दाताओं के लिए रिटर्न जमा करने की अंतिम तिथि तीस सितंबर है।
हर एक को भरना चाहिए रिटर्न
चार्टर्ड एकाउंटेंट नीमेष खन्ना का कहना है कि वर्तमान समय में हरेक को आयकर रिटर्न भरना आवश्यक है। रिटर्न ही व्यक्ति की पहचान बन गई है। हर खरीद बिक्री, लोन लेने आदि में रिटर्न की आवश्यकता पड़ती है। आयकर विभाग ने पुरुष व महिलाओं को ढाई लाख रुपये, वरिष्ठ नागरिकों को तीन लाख रुपये व 80 वर्ष से ऊपर के सुपर वरिष्ठ नागरिकों को पांच लाख तक की आय पर टैक्स में छूट प्रदान कर रखी हैं। विभाग ने पांच लाख से ऊपर की आय व रिफंड पाने वालों के लिए ई फायलिंग आवश्यक कर रखी है। पांच लाख से कम आय वाले भी ई रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
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केंद्रीय आयकर प्रत्यक्ष बोर्ड ने निश्चित राशि से अधिक संपत्ति, सामान की खरीद फरोख्त, निवेश या किसी को सेवाएं प्रदान करने पर आवश्यक रूप से टैक्स काटने के निर्देश दिए हैं। इस बार कर दाताओं को फार्म में कई नई जानकारियां भरनी हाेंगी। कर दाता को अपने सभी चालू खातों का एकाउंट नंबर आईएफएस कोड के साथ भरना होगा। अगर कर दाता अपने चालू खातों के बारे में जानकारी छुपाता है तो पता लगने पर विभाग धारा 154 के तहत नोटिस जारी कर जवाब तलब कर सकता है। इसी तरह करदाता को आधार नंबर (अगर हो तो) भी भरना होगा। पासपोर्ट बना है तो उसका नंबर भी भरना होगा। आयकर विभाग ने आईटीआर टू ए नया फार्म जारी किया है। इस फार्म को उन करदाताओं को भरना है जिनके पास वेतन (सैलरी) के अलावा दो घर या इससे अधिक हैं। एक घर के अलावा अन्य घरों से आय अर्जित हो रही हो या ब्याज से आय प्राप्त हो रही हो। ऐसे कर दाताओं को यह फार्म भरना होगा।
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आधार नंबर भरने पर यह होगा लाभ
अभी रिटर्न दाखिल करने पर संबंधित फार्म सर्किल के अफसर के हस्ताक्षर होने के बाद बंगलूरू स्थित सीपीसी विभाग में पुष्टि के लिए भेजा जाता है। इस प्रक्रिया में अगर 120 दिन से अधिक का समय लग जाए तो वह रिटर्न मान्य नहीं होता है। खासकर रिफंड के मामलों में। चूंकि, आधार नंबर बायो मैट्रिक होता है, इस कारण फार्म में आधार नंबर भरने पर इसकी पुष्टि आवश्यक नहीं होती है। इससे करदाताओं को उनका रिफंड अथवा रिटर्न सही दाखिल होने की जानकारी तत्काल हो सकेगी।
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आयकर रिटर्न दाखिल करने की तिथि बढ़ी
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने इस बार रिटर्न दाखिल (बिना आडिट वालों की) करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर इकतीस अगस्त कर दी है। इसी तरह आडिट कर दाताओं के लिए रिटर्न जमा करने की अंतिम तिथि तीस सितंबर है।
हर एक को भरना चाहिए रिटर्न
चार्टर्ड एकाउंटेंट नीमेष खन्ना का कहना है कि वर्तमान समय में हरेक को आयकर रिटर्न भरना आवश्यक है। रिटर्न ही व्यक्ति की पहचान बन गई है। हर खरीद बिक्री, लोन लेने आदि में रिटर्न की आवश्यकता पड़ती है। आयकर विभाग ने पुरुष व महिलाओं को ढाई लाख रुपये, वरिष्ठ नागरिकों को तीन लाख रुपये व 80 वर्ष से ऊपर के सुपर वरिष्ठ नागरिकों को पांच लाख तक की आय पर टैक्स में छूट प्रदान कर रखी हैं। विभाग ने पांच लाख से ऊपर की आय व रिफंड पाने वालों के लिए ई फायलिंग आवश्यक कर रखी है। पांच लाख से कम आय वाले भी ई रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।