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थाली पर पड़ा असर, 80 पर टमाटर
amarujala
Updated Sat, 22 Jul 2017 12:23 AM IST
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tomato jhansi news
- फोटो : demo
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लोगों की थाली का जायका एक बार फिर बिगड़ गया है। मांग के मुताबिक आपूर्ति नहीं होने की वजह से टमाटर के दाम एकदम से उछाल मार गए हैं। दो महीने पहले तक चार-पांच रुपये किलो बिकने वाले टमाटर अब 80 रुपये पर पहुंच गया है। प्रदेश के औसत थोक भाव भी पिछले साल की तुलना में 665 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ गया है। इसका मुख्य कारण नासिक में अधिक बारिश से आमद कम होना माना जा रहा है।
झ् कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार निदेशालय ने भी माना है कि टमाटर के मासिक औसत थोक भाव में जून के चौथे सप्ताह से अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश का औसत थोक भाव जुलाई 2016 में जहां औसत 2929 रुपये प्रति क्विंटल था, वो इस साल जुलाई के दूसरे सप्ताह में 3594 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया है। निदेशालय का यह भी मानना है कि कुछ व्यक्तियों और समूहों द्वारा ज्यादा लाभ कमाने का प्रयास हो रहा है। इसके मद्देनजर शासन ने निर्देश दिया है कि टमाटर के भाव स्थिर करने के लिए व्यापारी, व्यापार मंडल, उत्पादक, उत्पादक संघ, उपभोक्ता संघ के साथ बैठक कर चर्चा की जाए। साथ ही कर्मचारी कल्याण निगम या सरकारी, अर्द्धसरकारी संस्था से समन्वय बनाकर स्थानीय स्तर पर इसकी खरीद कर उचित मूल्य पर जनता को उपलब्ध करवाएं। जिला विपणन अधिकारी धनंजय सिंह ने बताया टमाटर उत्पादक नासिक व अन्य क्षेत्रों में अधिक बारिश के कारण ऐसे हालात बन गए हैं। मांग के मुताबिक टमाटर की आपूर्ति नहीं होने से कारण दाम बढ़े हैं।
पाव के हिसाब से टमाटर
सब्जी विक्रेता पुनीत ने बताया कि दो महीने पहले तक जहां 100 में औसतन 85 लोग एक किलो टमाटर खरीदते थे, अब यह संख्या सिर्फ दस फीसदी रह गई है। 90 फीसदी खरीददार 250 अथवा 500 ग्राम ही टमाटर खरीद रहे हैं।
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सोशल मीडिया पर भी छाया
टमाटर इन दिनों सोशल मीडिया पर भी छाया हुआ है। टमाटर को लेकर कई चुटकुले, दोहे बनाए जा रहे हैं। एक दोहा का मैसेज खूब चलने में है, जिसकी प्रमुख लाइनें हैं- ‘बिना टमाटर के नहीं, अच्छी लगे सलाद। भोजन का बेकार सब, बिना टमाटर स्वाद। जब सड़ते थे टमाटर, तब ना समझा मोल। आज टमाटर हो गया, साब किचन से गोल।’
सब्जियां भी पीछे नहीं
सब्जी अभी एक माह पूर्व
बैंगन 40 10-15
शिमला मिर्च 80 50-60
भिंडी 80 10-15
गोभी 100 10-12
तरोई 30 20
लौकी 20 5-10
प्याज 10 10
आलू 10 10
घुइयां 30 30
धनिया 100 150
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लोगों की थाली का जायका एक बार फिर बिगड़ गया है। मांग के मुताबिक आपूर्ति नहीं होने की वजह से टमाटर के दाम एकदम से उछाल मार गए हैं। दो महीने पहले तक चार-पांच रुपये किलो बिकने वाले टमाटर अब 80 रुपये पर पहुंच गया है। प्रदेश के औसत थोक भाव भी पिछले साल की तुलना में 665 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ गया है। इसका मुख्य कारण नासिक में अधिक बारिश से आमद कम होना माना जा रहा है।
झ् कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार निदेशालय ने भी माना है कि टमाटर के मासिक औसत थोक भाव में जून के चौथे सप्ताह से अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश का औसत थोक भाव जुलाई 2016 में जहां औसत 2929 रुपये प्रति क्विंटल था, वो इस साल जुलाई के दूसरे सप्ताह में 3594 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया है। निदेशालय का यह भी मानना है कि कुछ व्यक्तियों और समूहों द्वारा ज्यादा लाभ कमाने का प्रयास हो रहा है। इसके मद्देनजर शासन ने निर्देश दिया है कि टमाटर के भाव स्थिर करने के लिए व्यापारी, व्यापार मंडल, उत्पादक, उत्पादक संघ, उपभोक्ता संघ के साथ बैठक कर चर्चा की जाए। साथ ही कर्मचारी कल्याण निगम या सरकारी, अर्द्धसरकारी संस्था से समन्वय बनाकर स्थानीय स्तर पर इसकी खरीद कर उचित मूल्य पर जनता को उपलब्ध करवाएं। जिला विपणन अधिकारी धनंजय सिंह ने बताया टमाटर उत्पादक नासिक व अन्य क्षेत्रों में अधिक बारिश के कारण ऐसे हालात बन गए हैं। मांग के मुताबिक टमाटर की आपूर्ति नहीं होने से कारण दाम बढ़े हैं।
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पाव के हिसाब से टमाटर
सब्जी विक्रेता पुनीत ने बताया कि दो महीने पहले तक जहां 100 में औसतन 85 लोग एक किलो टमाटर खरीदते थे, अब यह संख्या सिर्फ दस फीसदी रह गई है। 90 फीसदी खरीददार 250 अथवा 500 ग्राम ही टमाटर खरीद रहे हैं।
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सोशल मीडिया पर भी छाया
टमाटर इन दिनों सोशल मीडिया पर भी छाया हुआ है। टमाटर को लेकर कई चुटकुले, दोहे बनाए जा रहे हैं। एक दोहा का मैसेज खूब चलने में है, जिसकी प्रमुख लाइनें हैं- ‘बिना टमाटर के नहीं, अच्छी लगे सलाद। भोजन का बेकार सब, बिना टमाटर स्वाद। जब सड़ते थे टमाटर, तब ना समझा मोल। आज टमाटर हो गया, साब किचन से गोल।’
सब्जियां भी पीछे नहीं
सब्जी अभी एक माह पूर्व
बैंगन 40 10-15
शिमला मिर्च 80 50-60
भिंडी 80 10-15
गोभी 100 10-12
तरोई 30 20
लौकी 20 5-10
प्याज 10 10
आलू 10 10
घुइयां 30 30
धनिया 100 150