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आयुष डॉक्टरों को ऑपरेशन की अनुमति के विरोध में आईएमए करेगा हड़ताल
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झांसी। आयुष डॉक्टरों को ऑपरेशन करने की छूट देने के विरोध में झांसी इंडियन मेडिकल एसोसिएशन शुक्रवार को सुबह छह बजे से 24 घंटे तक हड़ताल पर रहेगा। इस दौरान ओपीडी समेत सभी कार्य बंद रहेंगे। सिर्फ आपातकालीन सेवाएं ही चालू रहेंगी।
भारत सरकार ने एक अधिसूचना जारी की है, जिसके तहत आयुर्वेद के विशिष्ट क्षेत्र में परास्नातक चिकित्सकों को ऑपरेशन करने का प्रशिक्षण देने की अनुमति दी गई है। ताकि, वे सामान्य ट्यूमर, गैंग्रीन का विच्छेद और नाक व मोतियाबिंद का ऑपरेशन कर सकें। इसका राष्ट्रीय स्तर पर एलोपैथ चिकित्सक विरोध कर रहे हैं। आईएमए सचिव डॉ. अनु निगम ने बताया कि बृहस्पतिवार को हुई बैठक में हड़ताल के संबंध में एसोसिएशन के सदस्यों ने चर्चा की, इसमें आयुर्वेदिक चिकित्सकों को ऑपरेशन की अनुमति देने संबंधित अधिसूचना पर कड़ी नाराजगी जताई गई। चिकित्सकों ने कहा कि हर पद्धति अपने आप में पूर्ण है। सरकार आयुर्वेदिक पद्धतियों का विकास करे, लेकिन इसमें दूसरी पद्धति का मिश्रण करना ठीक नहीं है। सरकार द्वारा छह माह के डिप्लोमा धारकों को सर्जरी की अनुमति देना तर्क संगत नहीं है। इससे चिकित्सा का स्तर एवं गुणवत्ता प्रभावित होगी। सरकार की उक्त अधिसूचना के विरोध में आज सुबह छह बजे से कल सुबह छह बजे तक सभी आईएमए चिकित्सक नर्सिंगहोम, क्लीनिक आदि में ओपीडी में मरीज नहीं देखेंगे। सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं ही चालू रखी जाएंगी।
नीमा सरकार के समर्थन में
नेशनल इंटीग्रेटिड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) झांसी और अन्य आयुर्वेदिक चिकित्सकों से अपील की है कि आईएमए के आयुर्वेदिक पीजी चिकित्सकों को सरकार के फैसले द्वारा दिए गए सर्जरी अधिकार के अधिकार के विरोध में 11 दिसंबर को देशव्यापी हड़ताल में नीमा एवं आयुर्वेदिक चिकित्सक सरकार के समर्थन में हैं। नीमा सचिव डॉ. देवेश रावत का कहना है कि नीमा ने फैसला लिया है कि एसोसिएशन के सभी चिकित्सक अपने क्लीनिक, अस्पताल में नर्सिंगहोम खुले रखेंगे। सभी लोगों की सुविधा के लिए सभी चिकित्सक रोगियों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान करें। सरकार के समर्थन और आईएमए के विरोध में नीमा के सभी डॉक्टर पिंक रिबन बांधकर अपनी सेवाएं देंगे। आईएमए के विरोध में स्लोगन अथवा पोस्टर बैनर लगाकर अपनी क्लीनिक में कार्य करेंगे।
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भारत सरकार ने एक अधिसूचना जारी की है, जिसके तहत आयुर्वेद के विशिष्ट क्षेत्र में परास्नातक चिकित्सकों को ऑपरेशन करने का प्रशिक्षण देने की अनुमति दी गई है। ताकि, वे सामान्य ट्यूमर, गैंग्रीन का विच्छेद और नाक व मोतियाबिंद का ऑपरेशन कर सकें। इसका राष्ट्रीय स्तर पर एलोपैथ चिकित्सक विरोध कर रहे हैं। आईएमए सचिव डॉ. अनु निगम ने बताया कि बृहस्पतिवार को हुई बैठक में हड़ताल के संबंध में एसोसिएशन के सदस्यों ने चर्चा की, इसमें आयुर्वेदिक चिकित्सकों को ऑपरेशन की अनुमति देने संबंधित अधिसूचना पर कड़ी नाराजगी जताई गई। चिकित्सकों ने कहा कि हर पद्धति अपने आप में पूर्ण है। सरकार आयुर्वेदिक पद्धतियों का विकास करे, लेकिन इसमें दूसरी पद्धति का मिश्रण करना ठीक नहीं है। सरकार द्वारा छह माह के डिप्लोमा धारकों को सर्जरी की अनुमति देना तर्क संगत नहीं है। इससे चिकित्सा का स्तर एवं गुणवत्ता प्रभावित होगी। सरकार की उक्त अधिसूचना के विरोध में आज सुबह छह बजे से कल सुबह छह बजे तक सभी आईएमए चिकित्सक नर्सिंगहोम, क्लीनिक आदि में ओपीडी में मरीज नहीं देखेंगे। सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं ही चालू रखी जाएंगी।
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नीमा सरकार के समर्थन में
नेशनल इंटीग्रेटिड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) झांसी और अन्य आयुर्वेदिक चिकित्सकों से अपील की है कि आईएमए के आयुर्वेदिक पीजी चिकित्सकों को सरकार के फैसले द्वारा दिए गए सर्जरी अधिकार के अधिकार के विरोध में 11 दिसंबर को देशव्यापी हड़ताल में नीमा एवं आयुर्वेदिक चिकित्सक सरकार के समर्थन में हैं। नीमा सचिव डॉ. देवेश रावत का कहना है कि नीमा ने फैसला लिया है कि एसोसिएशन के सभी चिकित्सक अपने क्लीनिक, अस्पताल में नर्सिंगहोम खुले रखेंगे। सभी लोगों की सुविधा के लिए सभी चिकित्सक रोगियों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान करें। सरकार के समर्थन और आईएमए के विरोध में नीमा के सभी डॉक्टर पिंक रिबन बांधकर अपनी सेवाएं देंगे। आईएमए के विरोध में स्लोगन अथवा पोस्टर बैनर लगाकर अपनी क्लीनिक में कार्य करेंगे।
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