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बिना अनुमति दुकान की मरम्मत कराने पर 50 हजार का जुर्माना
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झांसी। बिना अनुमति के नगर निगम की दुकानों के स्वरूप बदलने वालों से अब जुर्माना वसूला जाएगा। निगम प्रशासन उनसे पचास हजार रुपये जुर्माना वसूलेगा। इसके अलावा दुकानों का नामांतरण कराने वालों से सर्किल रेट के मुताबिक पैसा लेकर उनको नियमित किया जाएगा।
नगर निगम सदन ने 22 मार्च की बैठक के निगम की कुल 1279 दुकानों को नियमित करने के साथ ही उनके किराए वृद्धि, नामांतरण समेत अन्य फैसले लिए थे। उस निर्णय का निगम प्रशासन ने अनुपालन आरंभ करा दिया है। उपनगर आयुक्त एवं प्रभारी संपत्ति के मुताबिक दुकान की मरम्मत कराने के लिए 50 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से धनराशि जमा कराने पर ही इसकी अनुमति मिलेगी। किराए में पचास फीसदी की वृद्धि की जाएगी। बिना अनुमति मरम्मत कराने वालों से 50 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। नामांतरण अगर ब्लड रिलेशन के आधार पर किया जाता है तब उसे वर्तमान सर्किल रेट के मुताबिक नियमित किया जाएगा। इस पर दस फीसदी की दर से नामांतरण शुल्क भी चुकाना होगा। ब्लड रिलेशन से बाहर के व्यक्ति को दुकान देने पर सर्किल रेट के अलावा छह माह का किराया जमा करना होगा। इनसे नामांतरण शुल्क सर्किल रेट की दर से लिया जाएगा। इसी तरह जिन दुकानदारों ने गलत तरीके से बेसमेंट बना लिया है, उनसे सख्ती की जाएगी। नियमों के विपरीत बने ऐसे बेसमेंट धारकों से सर्किल रेट के आधार पर अतिरिक्त क्षेत्रफल की धनराशि दंड स्वरूप वसूली जाएगी। किराया भी नई दर से लिया जाएगा। अगर अब कोई भी किराएदार बिना अनुमति के संपत्ति का स्वरूप बदलता है अथवा अतिरिक्त जगह पर कब्जा करता है तब उसके अतिरिक्त कब्जे नष्ट किए जाएंगे। अपर नगर आयुक्त शादाब असलम के मुताबिक सदन के फैसले के मुताबिक ही कार्रवाई की जा रही है।
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नगर निगम सदन ने 22 मार्च की बैठक के निगम की कुल 1279 दुकानों को नियमित करने के साथ ही उनके किराए वृद्धि, नामांतरण समेत अन्य फैसले लिए थे। उस निर्णय का निगम प्रशासन ने अनुपालन आरंभ करा दिया है। उपनगर आयुक्त एवं प्रभारी संपत्ति के मुताबिक दुकान की मरम्मत कराने के लिए 50 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से धनराशि जमा कराने पर ही इसकी अनुमति मिलेगी। किराए में पचास फीसदी की वृद्धि की जाएगी। बिना अनुमति मरम्मत कराने वालों से 50 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। नामांतरण अगर ब्लड रिलेशन के आधार पर किया जाता है तब उसे वर्तमान सर्किल रेट के मुताबिक नियमित किया जाएगा। इस पर दस फीसदी की दर से नामांतरण शुल्क भी चुकाना होगा। ब्लड रिलेशन से बाहर के व्यक्ति को दुकान देने पर सर्किल रेट के अलावा छह माह का किराया जमा करना होगा। इनसे नामांतरण शुल्क सर्किल रेट की दर से लिया जाएगा। इसी तरह जिन दुकानदारों ने गलत तरीके से बेसमेंट बना लिया है, उनसे सख्ती की जाएगी। नियमों के विपरीत बने ऐसे बेसमेंट धारकों से सर्किल रेट के आधार पर अतिरिक्त क्षेत्रफल की धनराशि दंड स्वरूप वसूली जाएगी। किराया भी नई दर से लिया जाएगा। अगर अब कोई भी किराएदार बिना अनुमति के संपत्ति का स्वरूप बदलता है अथवा अतिरिक्त जगह पर कब्जा करता है तब उसके अतिरिक्त कब्जे नष्ट किए जाएंगे। अपर नगर आयुक्त शादाब असलम के मुताबिक सदन के फैसले के मुताबिक ही कार्रवाई की जा रही है।
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