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लॉकडाउन का नियम नहीं मानेंगे झांसी को भी खतरा
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if not petronage lockdown cotona attack in jhansi
झांसी। झांसी से महज 100 किलोमीटर दूरी तक कोरोना वायरस आ चुका है। जालौन में डॉक्टर के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद अब झांसी को भी खतरा महसूस होने लगा है। खासकर झांसी में रहने वाले जालौन में तैनात डॉक्टरों, पुलिस कर्मियों व स्वास्थ्य कर्मचारियों को लॉकडाउन और क्वारंटीन के नियमों का पालन करना होगा। ड्यूटी पास दिखाकर एक से दूसरे शहरों की सीमाएं लांघने पर रोक लगानी होगी।
मंडल का ही जिला होने की वजह से झांसी के रहने वाले कई डॉक्टरों व कर्मचारियों की तैनाती जालौन में है। कुछ डॉक्टर व कर्मचारी, पुलिस कर्मी तो प्रतिदिन जालौन से झांसी आते-जाते हैं। अमर उजाला इस मुद्दे को पहले भी उठा चुका है। चूंकि, अब जालौन में एक डॉक्टर ही कोरोना संक्रमित मिल गया है। ऐसे में लॉकडाउन का उल्लंघन कर सीमाएं पार करने वालों से झांसी को भी खतरा हो गया है। वैसे तो सामान्य लोगों को एक से दूसरे जिले में जाने से रोक है लेकिन ये लोग ड्यूटी पास दिखाकर सीमाएं लांघ रहे हैं। झांसी में भी डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ व अन्य कर्मचारियों को ड्यूटी के बाद घर जाने के बजाए क्वारंटीन सेंटर में रहने का नियम है। पुलिस-प्रशासन को भी जिले की सीमाओं पर डॉक्टरों के आने-जाने पर प्रतिबंध लगाना होगा। वरना झांसी को भी खतरा हो सकता है।
दो सप्ताह में दो डॉक्टर हुए क्वारंटीन
पिछले दो सप्ताह में मेडिकल कॉलेज प्रशासन एक सीनियर और एक जूनियर डॉक्टर को क्वारंटीन कर चुका है। मामले की जानकारी होने पर सीएमओ ने मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को पत्र लिखकर कहा है कि लॉकडाउन का पालन करना अनिवार्य है। ऐसे में डॉक्टर व अन्य स्टाफ को निर्देशित कर दिया जाए कि वे जनपद से बाहर न जाएं। यदि मुख्यालय से बाहर जाना है तो प्रशासन के माध्यम से लॉकडाउन पास प्राप्त करने के बाद ही प्रस्थान करें। यदि किसी भी डॉक्टर व अन्य कर्मचारी द्वारा आदेश की अवहेलना की जाती है तो मुकदमा दर्ज कराते हुए एपेडेमिक एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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वर्जन..
सीमाओं पर सख्ती और बढ़ाई जाएगी। बेवजह सीमाएं लांघने की अनुमति किसी को नहीं है। यदि किसी के भी एक से दूसरे जिले में जाने की जानकारी मिलती है तो कार्रवाई होगी। - आंद्रा वामसी, डीएम।
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मंडल का ही जिला होने की वजह से झांसी के रहने वाले कई डॉक्टरों व कर्मचारियों की तैनाती जालौन में है। कुछ डॉक्टर व कर्मचारी, पुलिस कर्मी तो प्रतिदिन जालौन से झांसी आते-जाते हैं। अमर उजाला इस मुद्दे को पहले भी उठा चुका है। चूंकि, अब जालौन में एक डॉक्टर ही कोरोना संक्रमित मिल गया है। ऐसे में लॉकडाउन का उल्लंघन कर सीमाएं पार करने वालों से झांसी को भी खतरा हो गया है। वैसे तो सामान्य लोगों को एक से दूसरे जिले में जाने से रोक है लेकिन ये लोग ड्यूटी पास दिखाकर सीमाएं लांघ रहे हैं। झांसी में भी डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ व अन्य कर्मचारियों को ड्यूटी के बाद घर जाने के बजाए क्वारंटीन सेंटर में रहने का नियम है। पुलिस-प्रशासन को भी जिले की सीमाओं पर डॉक्टरों के आने-जाने पर प्रतिबंध लगाना होगा। वरना झांसी को भी खतरा हो सकता है।
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दो सप्ताह में दो डॉक्टर हुए क्वारंटीन
पिछले दो सप्ताह में मेडिकल कॉलेज प्रशासन एक सीनियर और एक जूनियर डॉक्टर को क्वारंटीन कर चुका है। मामले की जानकारी होने पर सीएमओ ने मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को पत्र लिखकर कहा है कि लॉकडाउन का पालन करना अनिवार्य है। ऐसे में डॉक्टर व अन्य स्टाफ को निर्देशित कर दिया जाए कि वे जनपद से बाहर न जाएं। यदि मुख्यालय से बाहर जाना है तो प्रशासन के माध्यम से लॉकडाउन पास प्राप्त करने के बाद ही प्रस्थान करें। यदि किसी भी डॉक्टर व अन्य कर्मचारी द्वारा आदेश की अवहेलना की जाती है तो मुकदमा दर्ज कराते हुए एपेडेमिक एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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सीमाओं पर सख्ती और बढ़ाई जाएगी। बेवजह सीमाएं लांघने की अनुमति किसी को नहीं है। यदि किसी के भी एक से दूसरे जिले में जाने की जानकारी मिलती है तो कार्रवाई होगी। - आंद्रा वामसी, डीएम।