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Jhansi News: तीन माह से नहीं मिला मानदेय, चतुर्थ श्रेणी आउटसोर्स कर्मियों ने काम किया ठप

Sat, 01 Mar 2025 01:46 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 01 Mar 2025 01:46 AM IST
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Honorarium not received for three months, fourth class outsourced workers stopped working

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अमर उजाला ब्यूरो



झांसी। तीन माह से मानदेय नहीं मिलने पर मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्स पर कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मियों (वार्ड बॉय व सफाईकर्मियों) ने शुक्रवार को कामकाज ठप कर दिया। गेट नंबर-एक के पास धरना-प्रदर्शन किया।
कॉलेज प्रशासन और सेवा प्रदाता के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ देर में पूर्व केंद्रीय मंत्री पहुंचे और धरने में शामिल हो गए। इसकी सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी व नवाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। देर रात तक धरना-प्रदर्शन जारी था।
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मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्स पर 750 चतुर्थ श्रेणी व सफाईकर्मी कार्यरत हैं। इन्हें तीन माह से मानदेय नहीं मिला है। शुक्रवार को इनका गुस्सा फूट पड़ा। सुबह 8 बजे ड्यूटी पर आए कर्मी गेट नंबर-एक के पास बहुउद्देशीय हाॅल के पास एकत्रित हो गए। सभी ने कामकाज ठप करके एकजुट होकर धरना-प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। इसकी सूचना मिलने पर सेवा प्रदाता कंपनी के सुपरवाइजर मौके पर पहुंचे मगर आंदोलित कर्मी तीन माह का वेतन दिलवाने की मांग पर अड़े रहे।
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सूचना पर नवाबाद थाना पुलिस पहुंच गई। कुछ देर बाद कॉलेज प्राचार्य, एसपी सिटी और सीओ सिटी ने मौके पर पहुंचकर समझाने का प्रयास किया मगर कर्मी वेतन मांगते रहे। करीब 11 बजे पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य मौके पर पहुंचे और मौजूद अधिकारियों से मानदेय दिलवाने की मांग की। काफी जद्दोजहद के बाद सेवा प्रदाता एजेंसी के सुपरवाइजर ने एक माह का मानदेय दिलाने का भरोसा दिया मगर चंद ही कर्मियों को मानदेय मिला। इससे कर्मियों में आक्रोश और फैल गया। उन्होंने तीन माह का मानदेय मिलने के बाद ही काम पर लौटने का एलान कर दिया।

बोलीं प्रदर्शनकारी महिलाएं



तीन माह से मानदेय नहीं मिला है जिसकी वजह से परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा है। बच्चों की स्कूली की फीस तक जमा नहीं हो रही है। - डौली

किराया नहीं देने की वजह से मकान मालिक ने मकान खाली करने के लिए कह दिया है। समझ नहीं आ रहा कि कहां से मकान का किराया दें। - पुष्पा देवी

अफसरों को मोटा वेतन मिल रहा है, इसलिए उन पर असर नहीं पड़ता है। तीन माह से वेतन नहीं मिलने से घर में आर्थिक संकट पैदा हो गया है। - भावना

तीन माह से मानदेय नहीं मिलने की वजह से परिवार में गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। दुकानदारों ने उधारी देने तक बंद कर दिया है। - विजय लक्ष्मी

0- वर्जन आमने-सामने

मेडिकल कॉलेज ने नवंबर का भुगतान किया है। जब कॉलेज की तरफ से भुगतान मिलेगा, तभी कर्मियों को दिया जा सकेगा। कंपनी अपने स्तर से भी भुगतान करने का प्रयास कर रही है। - सुरेंद्र सिंह, सुपरवाइजर



मानदेय नहीं मिलने की वजह से सफाईकर्मियों व वार्ड बॉय ने कामकाज ठप कर दिया है। इसको लेकर सेवा प्रदाता कंपनी को आदेश दिया है कि तुरंत भुगतान सुनिश्चित करें, नहीं तो ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। - डॉ. मयंक सिंह, प्राचार्य

नर्सिंग स्टॉफ भी मुखर



मेडिकल कॉलेज आउटसोर्स पर करीब 300 नर्सिंग स्टॉफ कार्यरत हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के धरना-प्रदर्शन करने की सूचना से इनके भी स्वर मुखर हो गए। सभी एकजुट होकर सीएमएस को ज्ञापन सौंपकर तीन दिन के मानदेय दिलवाने की मांगा। इन्होंने बताया कि तीन माह से मानदेय नहीं मिलने की वजह से परिवार को चलाने में काफी दिक्कत हो रही है। कई बार सेवा प्रदाता कंपनी से अधिकारियों से बात की है मगर सिर्फ कोरे आश्वासन मिल रहे हैं। सीएमएस डॉ. सचिन माहुर ने बताया नर्सिंग स्टॉफ की मांग से अवगत कराते हुए सेवा प्रदाता एजेंसी को जल्द से जल्द मानदेय देने के लिए कहा गया है।


पहले ही दिन पसरी गंदगी

सफाईकर्मियों एवं वार्ड बॉय के कामकाज ठप करने से पहले ही दिन मेडिकल कॉलेज में गंदगी नजर आने लगे। सबसे बुरे हालात वार्डों के शौचालयों में पैदा हो गए। दुर्गंध की वजह से लोगों का सांस लेना दूभर हो गया। कॉलेज के पर्चा काउंटर से लेकर इमरजेंसी, वार्डों, ओपीडी और आवागमन के रास्तों पर सफाई नहीं होने ने गंदगी के ढेर दिखे।
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