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‘बेघर’ नहीं मांग रहे ‘घर’

Sat, 28 Nov 2015 12:44 AM IST
ब्यूरो
ब्यूरो Updated Sat, 28 Nov 2015 12:44 AM IST
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'Homeless' not seeking 'home'
झांसी। गरीबों के लिए अपना घर दिवास्वप्न के समान है। आवासहीन गरीबों के लिए अपने घर का सपना सच करने वाली आसरा योजना को गुरसरांय व एरच में बेघरों का इंतजार है। दोनों स्थानों पर बिल्डिंग निर्माण की गति तो संतोषजनक है, लेकिन आवासविहीनों के आवेदन की रफ्तार धीमी है। दोनों ही स्थानों पर भवनों की कुल संख्या के मुताबिक आवेदन नहीं आए हैं।
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दिन-रात मेहनत करने के बाद भी अपने परिवार का भरण पोषण करने के संघर्ष से जूझ रहे आम आदमी के सामने बढ़ती महंगाई में मकान बनाना एवरेस्ट पर चढ़ने जितना ही कठिन है। ऐसे में मजदूरी कर अपना पेट पालने वालों के लिए तो मकान बनाना संभव नहीं है। इन स्थितियों में गरीब हालातों से समझौता करके संतोष कर लेता है।
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राज्य सरकार ने नगरीय सीमा में रहने वाले ऐसे आवासविहीन गरीबों को अपना घर देने के लिए आसरा योजना संचालित की है। आसरा योजना में 25 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में दो कमरे, किचन, शौचालय बनाकर दिए जा रहे हैं, ताकि गरीब अपने परिवार के साथ सुख से जीवन गुजार सकें । झांसी जनपद के गुरसरांय नगरीय क्षेत्र में 14 करोड़ 65 लाख 37 हजार रुपये की लागत से 372 आवास सीएंडडीएस बनवा रहा है।
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मऊरानीपुर नगरीय इलाके में 13 करोड़ 26 लाख 39 हजार रुपये से 348 आवासों का निर्माण करवा रहा है। झांसी में 120 आवास 6 करोड़ 25 लाख 21 हजार रुपये की लागत से बनाए जा रहे हैं। वहीं एरच नगरीय क्षेत्र में 11 करोड़ 60 लाख 96 हजार रुपये की लागत से 228 आवासों का निर्माण कराया जा रहा है।

शासन के दिशा-निर्देशों के पश्चात सीएंडडीएस आला अधिकारियों की निगरानी में इन आवासों के निर्माण संतोषजनक चल रही है। शासन ने लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया को भी गति दे दी। सभी नगरीय निकायों को आवेदन फार्म काफी दिनों पहले भेज दिए गए थे। साथ डूडा में भी आवेदन फार्म उपलब्ध हैं। झांसी व मऊरानीपुर में आवेदनों की संख्या संतोषजनक है। निर्माणाधीन कुल भवनों से कहीं अधिक आवेदन दोनों स्थानों पर आ चुके हैं।

लेकिन, गुरसरांय और एरच में इस योजना को गरीब आवासविहीनों का इंतजार है। गुरसरांय में 372 आवासों के सापेक्ष महज 250 आवेदन फार्म अधिकारियों को प्राप्त हुए हैं। एरच की स्थिति तो और दयनीय है। यहां 228 भवनों की तुलना में सिर्फ एक सैकड़ा आवेदन ही प्राप्त हुए हैं। इस स्थिति को लेकर अधिकारी भी चिंतित हैं।

इस तरह लाभार्थियों का किया जाएगा चयन
आसरा योजना के तहत लाभार्थी को चुनने के लिए कुछ नियम बनाए गए हैं, इनमें सबसे प्रमुख आय है। शासन के दिशा-निर्देशों के मुताबिक छह हजार रुपये महीने तक की आय वालों को ही आसरा योजना के तहत भवन आवंटित किए जाएंगे, इससे अधिक आय वालों को आवास मुहैया नहीं कराए जाएंगे।


झांसी में एक हजार व मऊरानीपुर में सात सौ आवेदन
गुरसरांय व एरच के अलावा झांसी तथा मऊरानीपुर पर नजर डाली जाए तो यहां आवेदनकर्ताओं की भरमार है। हर रोज लोग आसरा पाने के लिए आवेदन कर रहे हैं। झांसी में 120 आवासों के लिए अब तक एक हजार से अधिक लोग आवेदन कर चुके हैं। वहीं मऊरानीपुर में 348 भवनों के लिए सात सौ से अधिक लोग आवेदन कर चुके हैं। आने वाले दिनों में और आवेदनों की उम्मीद जताई जा रही है।
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