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ड्यूटी के लिए भी चलता पैसा...होमगार्ड महकमे में चल रहा एक नेटवर्क ऐसा
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ड्यूटी के लिए भी चलता पैसा...होमगार्ड महकमे में चल रहा एक नेटवर्क ऐसा
झांसी। सूबे में ड्यूटी घोटाले का हल्ला यूं ही नहीं मचा। इस समय हर होमगार्ड घूस के इस नेटवर्क से परेशान है। ड्यूटी चाहिए तो पैसा देना ही पड़ता है। वरना किसी अधिकारी की कोठी पर चाकरी करनी होगी। इस पूरे खेल में होमगार्ड विभाग ही नहीं बल्कि कई दूसरे अफसरों की भी मिलीभगत होती है। अमर उजाला की पड़ताल में जो तस्वीर सामने आई वह वाकई चौंकाने वाली है। कुछ होमगार्ड ने तो यहां तक कहा (इनकी बातचीत की रिकार्डिंग हमारे पास है) कि उनका तो हर कोई शोषण करता है। बड़े चौराहों पर ड्यूटी के लिए बाकायदा हिस्सा तय कर लिया जाता है। महानगर में सबसे ज्यादा रेट इलाइट चौराहा व दूसरे नंबर बस स्टैंड का है।
एक होमगार्ड ने बताया कि ड्यूटियों में बड़ा खेल चल रहा है। उसने भी कई बार पैसे दिए हैं। तब कहीं जाकर उसे ड्यूटी मिल सकी। होमगार्ड अधिकारियों के तानाशाही रवैये से परेशान हैं। जो रकम नहीं देता, उसे मनपसंद ड्यूटी नहीं मिलती। बातचीत में जो पता चला है उसके अनुसार पुलिस के साथ ड्यूटी करने वाले होमगार्ड भी शोषण का शिकार होते हैं। पुलिस वाले इनके जरिए वसूली कराते हैं। पड़ताल में एक बात और निकलकर सामने आई है कि पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के भी कई होमगार्ड इस कदर चहेते बन गए हैं कि वर्षों से उनकी ड्यूटी उनके ही साथ चली आ रही है। किसी प्रकार के ड्यूटी रोस्टर का पालन नहीं हो रहा है। एक होमगार्ड ने बताया कि एक हजार से लेकर पांच सौ रुपये ड्यूटी के एवज में लिया जाता है। किसी से इसकी शिकायत भी नहीं कर सकते, क्योंकि जांच भी अधिकारियों को ही करना है। ऐसे में किसी से कुछ कहने का फायदा भी नहीं।
गड़बड़ी करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे, मंडलीय कमांडेंट
झांसी। होमगार्ड के मंडलीय कमांडेंट आरके आजाद का कहना है कि गड़बड़ी की कहीं कोई गुंजाइश ही नहीं बनती। अब सारी ड्यूटियां आनलाइन लगाई जाती हैं। अगर फिर भी किसी को कोई शिकायत है तो वह जांच करा लेंगे। प्रदेश के सभी जिलों में ड्यूटियों की जांच चल रही है। इसके चलते कुछ होमगार्ड का वेतन भी रोका गया है। जांच के बाद वेतन जारी कर दिया जाएगा।
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588 होमगार्ड को दो माह से वेतन नहीं मिला
झांसी। होमगार्ड ड्यूटी घोटाले का हल्ला मचने के बाद कुल 588 होमगार्ड का वेतन रोक दिया गया है। स्थिति यह है कि यह लोग वेतन के लिए अफसरों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इन लोगों का कहना है कि अफसरों से कहा जाता है तो कह दिया जाता है कि अभी जांच चल रही है।
यह भी जान लीजिए
झांसी में 82 स्थानों पर होमगार्ड की ड्यूटियां चल रही हैं
जिले में 1372 होमगार्ड हैं
566 होमगार्ड महानगर में तैनात हैं
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झांसी। सूबे में ड्यूटी घोटाले का हल्ला यूं ही नहीं मचा। इस समय हर होमगार्ड घूस के इस नेटवर्क से परेशान है। ड्यूटी चाहिए तो पैसा देना ही पड़ता है। वरना किसी अधिकारी की कोठी पर चाकरी करनी होगी। इस पूरे खेल में होमगार्ड विभाग ही नहीं बल्कि कई दूसरे अफसरों की भी मिलीभगत होती है। अमर उजाला की पड़ताल में जो तस्वीर सामने आई वह वाकई चौंकाने वाली है। कुछ होमगार्ड ने तो यहां तक कहा (इनकी बातचीत की रिकार्डिंग हमारे पास है) कि उनका तो हर कोई शोषण करता है। बड़े चौराहों पर ड्यूटी के लिए बाकायदा हिस्सा तय कर लिया जाता है। महानगर में सबसे ज्यादा रेट इलाइट चौराहा व दूसरे नंबर बस स्टैंड का है।
एक होमगार्ड ने बताया कि ड्यूटियों में बड़ा खेल चल रहा है। उसने भी कई बार पैसे दिए हैं। तब कहीं जाकर उसे ड्यूटी मिल सकी। होमगार्ड अधिकारियों के तानाशाही रवैये से परेशान हैं। जो रकम नहीं देता, उसे मनपसंद ड्यूटी नहीं मिलती। बातचीत में जो पता चला है उसके अनुसार पुलिस के साथ ड्यूटी करने वाले होमगार्ड भी शोषण का शिकार होते हैं। पुलिस वाले इनके जरिए वसूली कराते हैं। पड़ताल में एक बात और निकलकर सामने आई है कि पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के भी कई होमगार्ड इस कदर चहेते बन गए हैं कि वर्षों से उनकी ड्यूटी उनके ही साथ चली आ रही है। किसी प्रकार के ड्यूटी रोस्टर का पालन नहीं हो रहा है। एक होमगार्ड ने बताया कि एक हजार से लेकर पांच सौ रुपये ड्यूटी के एवज में लिया जाता है। किसी से इसकी शिकायत भी नहीं कर सकते, क्योंकि जांच भी अधिकारियों को ही करना है। ऐसे में किसी से कुछ कहने का फायदा भी नहीं।
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गड़बड़ी करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे, मंडलीय कमांडेंट
झांसी। होमगार्ड के मंडलीय कमांडेंट आरके आजाद का कहना है कि गड़बड़ी की कहीं कोई गुंजाइश ही नहीं बनती। अब सारी ड्यूटियां आनलाइन लगाई जाती हैं। अगर फिर भी किसी को कोई शिकायत है तो वह जांच करा लेंगे। प्रदेश के सभी जिलों में ड्यूटियों की जांच चल रही है। इसके चलते कुछ होमगार्ड का वेतन भी रोका गया है। जांच के बाद वेतन जारी कर दिया जाएगा।
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588 होमगार्ड को दो माह से वेतन नहीं मिला
झांसी। होमगार्ड ड्यूटी घोटाले का हल्ला मचने के बाद कुल 588 होमगार्ड का वेतन रोक दिया गया है। स्थिति यह है कि यह लोग वेतन के लिए अफसरों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इन लोगों का कहना है कि अफसरों से कहा जाता है तो कह दिया जाता है कि अभी जांच चल रही है।
यह भी जान लीजिए
झांसी में 82 स्थानों पर होमगार्ड की ड्यूटियां चल रही हैं
जिले में 1372 होमगार्ड हैं
566 होमगार्ड महानगर में तैनात हैं