{"_id":"604d1e708ebc3ec39d613922","slug":"homeguard-dead-for-heart-attack-jhansi-news-jhs190796919","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल का दौरा पड़ने से होमगार्ड की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल का दौरा पड़ने से होमगार्ड की मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। बरुआसागर थाने में तैनात एक होमगार्ड की शुक्रवार रात दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।
थाना बड़ागांव के गोरारी गांव निवासी कोमल सिंह (52) होमगार्ड थे। वर्तमान में उनकी तैनाती बरुआसागर थाने में थी। शुक्रवार रात वह थाने में ड्यूटी कर रहे थे, तभी अचानक दिल का दौरा पड़ने से हालत बिगड़ गई। उपचार के लिए उन्हें मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया।
चला गया घर का कमाऊ पूत
झांसी। होमगार्ड कोमल सिंह की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। वह घर के अकेले कमाऊ पूत थे। ऐसी में उनकी मौत के बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
रिश्तेदारों ने बताया कि नौ साल कोमल सिंह के बड़े बेटे शोभरन को घर में काम करते समय दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। शोभरन की चार बेटियां हैं। अपने परिवार के साथ-साथ बेटे की बहू व बच्चों की जिम्मेदारी भी उन पर आ गई थी। नौ साल से वह अपने पुत्र की मौत का गम भूला नहीं पा रहे थे। शुक्रवार की रात अचानक हुए हादसे के बाद पूरा परिवार सदमे में है। अब सभी को परिवार की चिंता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
थाना बड़ागांव के गोरारी गांव निवासी कोमल सिंह (52) होमगार्ड थे। वर्तमान में उनकी तैनाती बरुआसागर थाने में थी। शुक्रवार रात वह थाने में ड्यूटी कर रहे थे, तभी अचानक दिल का दौरा पड़ने से हालत बिगड़ गई। उपचार के लिए उन्हें मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया।
चला गया घर का कमाऊ पूत
झांसी। होमगार्ड कोमल सिंह की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। वह घर के अकेले कमाऊ पूत थे। ऐसी में उनकी मौत के बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
विज्ञापन
रिश्तेदारों ने बताया कि नौ साल कोमल सिंह के बड़े बेटे शोभरन को घर में काम करते समय दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। शोभरन की चार बेटियां हैं। अपने परिवार के साथ-साथ बेटे की बहू व बच्चों की जिम्मेदारी भी उन पर आ गई थी। नौ साल से वह अपने पुत्र की मौत का गम भूला नहीं पा रहे थे। शुक्रवार की रात अचानक हुए हादसे के बाद पूरा परिवार सदमे में है। अब सभी को परिवार की चिंता है।
विज्ञापन