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एलएचबी कोचों में नहीं लगे पंखे
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एलएचबी कोच में नहीं लगे पंखे
झांसी। जर्मनी तकनीक के नए एलएचबी (लिंक हाफमैन बुश) कोच अब बनने लगे हैं। अब पुराने कोचों का निर्माण बंद कर दिया है लेकिन एलएचबी कोच में पंखे नहीं हैं। ऐसे में अगर कोच का एसी खराब हो जाए तो यात्रियों को पंखे की हवा तक नहीं मिल पाती है। पिछले दिनों केरल एक्सप्रेस में यात्रियों को ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ा।
रेट पटरियों पर अभी आधे से अधिक आईसीएफ (इंट्रीगल कोच फैक्ट्री) कोच (सवारी डिब्बे) दौड़ रहे हैं। आईसीएफ कोच में दो डिब्बों की कपलिंग के बीच एक लोहे की रॉड डाल दी जाती है। दुर्घटना होने पर इन डिब्बों के एक दूसरे पर चढ़ने की संभावना रहती है। मगर, पिछले दो साल से इन कोचों का निर्माण बंद कर दिया गया है। इनकी जगह अब सभी फैक्ट्रियों में एलएचबी कोच बनाए जा रहे हैं। नई तकनीक की कपलिंग में डिब्बों के एक-दूसरे पर चढ़ने की संभावना कम होती है। मगर, एलएचबी में आईसीएफ की तरह एसी कोचों में पंखों की व्यवस्था नहीं है। ऐसी स्थिति में अगर एसी खराब हो जाए तो यात्रियों को पंखे की हवा तक नहीं मिलती है। ऐसे में यात्री ज्यादा असहज हो जाते हैं। इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि एलएचबी कोचों की बनावट इस तरह तैयार की गई है कि एसी फेल होने पर अधिक गर्मी का अहसास नहीं होगा।
मालूम हो कि, 25 मई से 10 जून के बीच नई दिल्ली से विशाखापटनम जाने वाली आंध्र प्रदेश एसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक बरेली एक्सप्रेस, समर स्पेशल, भोपाल प्रतापगढ़ एक्सप्रेस, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, नागपुर अमृतसर एक्सप्रेस, समता एक्सप्रेस, तिरुपति संपर्क क्रांति के एसी खराब हो गए थे। इससे एसी कोचों में सफर करने वाले मुसाफिरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा था।
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झांसी। जर्मनी तकनीक के नए एलएचबी (लिंक हाफमैन बुश) कोच अब बनने लगे हैं। अब पुराने कोचों का निर्माण बंद कर दिया है लेकिन एलएचबी कोच में पंखे नहीं हैं। ऐसे में अगर कोच का एसी खराब हो जाए तो यात्रियों को पंखे की हवा तक नहीं मिल पाती है। पिछले दिनों केरल एक्सप्रेस में यात्रियों को ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ा।
रेट पटरियों पर अभी आधे से अधिक आईसीएफ (इंट्रीगल कोच फैक्ट्री) कोच (सवारी डिब्बे) दौड़ रहे हैं। आईसीएफ कोच में दो डिब्बों की कपलिंग के बीच एक लोहे की रॉड डाल दी जाती है। दुर्घटना होने पर इन डिब्बों के एक दूसरे पर चढ़ने की संभावना रहती है। मगर, पिछले दो साल से इन कोचों का निर्माण बंद कर दिया गया है। इनकी जगह अब सभी फैक्ट्रियों में एलएचबी कोच बनाए जा रहे हैं। नई तकनीक की कपलिंग में डिब्बों के एक-दूसरे पर चढ़ने की संभावना कम होती है। मगर, एलएचबी में आईसीएफ की तरह एसी कोचों में पंखों की व्यवस्था नहीं है। ऐसी स्थिति में अगर एसी खराब हो जाए तो यात्रियों को पंखे की हवा तक नहीं मिलती है। ऐसे में यात्री ज्यादा असहज हो जाते हैं। इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि एलएचबी कोचों की बनावट इस तरह तैयार की गई है कि एसी फेल होने पर अधिक गर्मी का अहसास नहीं होगा।
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मालूम हो कि, 25 मई से 10 जून के बीच नई दिल्ली से विशाखापटनम जाने वाली आंध्र प्रदेश एसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक बरेली एक्सप्रेस, समर स्पेशल, भोपाल प्रतापगढ़ एक्सप्रेस, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, नागपुर अमृतसर एक्सप्रेस, समता एक्सप्रेस, तिरुपति संपर्क क्रांति के एसी खराब हो गए थे। इससे एसी कोचों में सफर करने वाले मुसाफिरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा था।
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