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महामाई के दर पर महामहिम
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 11 Jun 2017 12:20 AM IST
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rasthpti, jhansi news
- फोटो : demo
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दतिया। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी के साथ शनिवार को पीतांबरा पीठ स्थित बगलामुखी के दर्शन किए। इस दौरान मंदिर उन्होंने परिसर में स्थित वनखंडेश्वर मंदिर में भोलेनाथ का अभिषेक किया। धूमावती माता के पट बंद होने के कारण राष्ट्रपति उनके दर्शन नहीं कर सके।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी दोपहर दो बजे विशेष विमान से ग्वालियर स्थित वायुसेना की हवाई पट्टी महाराजपुरा पहुंचे। यहां मध्य प्रदेश सरकार की मंत्री माया देवी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद 2.15 बजे राष्ट्रपति हेलीकॉप्टर से दतिया हवाई पट्टी उतरे। यहां पर राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, मप्र. शासन के जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम दास मिश्रा, क्षेत्रीय सांसद व विधायक ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह 2.45 पर दतिया स्थित पीतांबरा पीठ गए। यहां उन्होंने बगलामुखी माता के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
शनिवार को धूमावती माता मंदिर के पट बंद होने के कारण वह माता के दर्शन नहीं कर सके। मंदिर में पुजारी पंडित ओम नारायण शास्त्री आचार्य, पंडित श्रीराम पंडा आचार्य, विष्णुकांत मुड़िया, शैलेंद्र दूरवार, कृष्ण प्रकाश अंगल एवं कमलेश दुबे ने पूजा अर्चना कराई। इसके बाद अमृतेश्वर महादेव (समाधि) में पुजारी दीपक पुरोहित ने पुष्प अर्पण कराए। वनखंडेश्वर महादेव पर पंडित यज्ञवल्क्य द्विवेदी, डॉ. चंद्रमोहन दीक्षित, डॉ. संजय शर्मा एवं दिनेश पाठक ने राष्ट्रपति को जलाभिषेक कराया।
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पूजा करने के बाद राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने जन प्रतिनिधियों, प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट की। इस दौरान पीतांबरा पीठ ट्रस्ट की अध्यक्ष वसुंधरा राजे सिंधिया ने राष्ट्रपति का ट्रस्ट की ओर से शॉल, श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। साथ ही उन्होंने मां पीतांबरा माई की तस्वीर भेंट की। इस मौके पर मंदिर परिसर में सेंवढ़ा विधायक प्रदीप अग्रवाल, भांडेर विधायक घनश्याम पिरौनिया, पूर्व मंत्री ध्यानेंद्र सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी रावत, नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष अग्रवाल, आईजी उमेश जोगा, डीआईज अनिल शर्मा, कमिश्नर एसएन रूपला, कलेक्टर मदन कुमार, पुलिस अधीक्षक इरशाद वली उपस्थित रहे।
सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रहे
राष्ट्रपति के आगमन को लेकर विशेष सुरक्षा के बंदोबस्त किए गए थे। पीतांबरा पीठ में अन्य भक्तों का प्रवेश रोक दिया गया। उनकी सुरक्षा के लिए एसपी स्तर के चार, एएसपी स्तर आठ, डीएसपी स्तर अठारह, टीआई स्तर के पच्चीस, उपनिरीक्षक पचास, सौ ट्रैफिक पुलिस तथा एक हजार प्रधान आरक्षक स्तर के कर्मचारियों को लगाया है।
मां धूमावती के नहीं कर सके दर्शन
दतिया। पीतांबरा पीठ में प्रणब मुखर्जी यहां मां धूमावती के दर्शन नहीं कर सके। मंदिर के समय के अनुसार शनिवार को शाम पांच बजे से रात आठ बजे तक ही धूमावती मां के दर्शन करना निर्धारित है। राष्ट्रपति ने मां धूमावती के मंदिर की चौखट पर माथा टेककर अन्य मंदिरों में दर्शन किए।
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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी दोपहर दो बजे विशेष विमान से ग्वालियर स्थित वायुसेना की हवाई पट्टी महाराजपुरा पहुंचे। यहां मध्य प्रदेश सरकार की मंत्री माया देवी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद 2.15 बजे राष्ट्रपति हेलीकॉप्टर से दतिया हवाई पट्टी उतरे। यहां पर राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, मप्र. शासन के जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम दास मिश्रा, क्षेत्रीय सांसद व विधायक ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह 2.45 पर दतिया स्थित पीतांबरा पीठ गए। यहां उन्होंने बगलामुखी माता के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
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शनिवार को धूमावती माता मंदिर के पट बंद होने के कारण वह माता के दर्शन नहीं कर सके। मंदिर में पुजारी पंडित ओम नारायण शास्त्री आचार्य, पंडित श्रीराम पंडा आचार्य, विष्णुकांत मुड़िया, शैलेंद्र दूरवार, कृष्ण प्रकाश अंगल एवं कमलेश दुबे ने पूजा अर्चना कराई। इसके बाद अमृतेश्वर महादेव (समाधि) में पुजारी दीपक पुरोहित ने पुष्प अर्पण कराए। वनखंडेश्वर महादेव पर पंडित यज्ञवल्क्य द्विवेदी, डॉ. चंद्रमोहन दीक्षित, डॉ. संजय शर्मा एवं दिनेश पाठक ने राष्ट्रपति को जलाभिषेक कराया।
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पूजा करने के बाद राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने जन प्रतिनिधियों, प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट की। इस दौरान पीतांबरा पीठ ट्रस्ट की अध्यक्ष वसुंधरा राजे सिंधिया ने राष्ट्रपति का ट्रस्ट की ओर से शॉल, श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। साथ ही उन्होंने मां पीतांबरा माई की तस्वीर भेंट की। इस मौके पर मंदिर परिसर में सेंवढ़ा विधायक प्रदीप अग्रवाल, भांडेर विधायक घनश्याम पिरौनिया, पूर्व मंत्री ध्यानेंद्र सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी रावत, नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष अग्रवाल, आईजी उमेश जोगा, डीआईज अनिल शर्मा, कमिश्नर एसएन रूपला, कलेक्टर मदन कुमार, पुलिस अधीक्षक इरशाद वली उपस्थित रहे।
सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रहे
राष्ट्रपति के आगमन को लेकर विशेष सुरक्षा के बंदोबस्त किए गए थे। पीतांबरा पीठ में अन्य भक्तों का प्रवेश रोक दिया गया। उनकी सुरक्षा के लिए एसपी स्तर के चार, एएसपी स्तर आठ, डीएसपी स्तर अठारह, टीआई स्तर के पच्चीस, उपनिरीक्षक पचास, सौ ट्रैफिक पुलिस तथा एक हजार प्रधान आरक्षक स्तर के कर्मचारियों को लगाया है।
मां धूमावती के नहीं कर सके दर्शन
दतिया। पीतांबरा पीठ में प्रणब मुखर्जी यहां मां धूमावती के दर्शन नहीं कर सके। मंदिर के समय के अनुसार शनिवार को शाम पांच बजे से रात आठ बजे तक ही धूमावती मां के दर्शन करना निर्धारित है। राष्ट्रपति ने मां धूमावती के मंदिर की चौखट पर माथा टेककर अन्य मंदिरों में दर्शन किए।