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Jhansi News: भाप के जरिए मिलेगी हीट थेरेपी, सर्वाइकल के दर्द में मिलेगी राहत
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। सर्वाइकल के दर्द से परेशान लोगों के लिए जल्द ही नई सर्वाइकल बेल्ट बाजार में आने वाली है। इसमें भाप के जरिए हीट थेरेपी का प्रावधान किया गया है। मांसपेशियों का खिंचाव कम होने से दर्द में राहत मिलेगी। गर्दन की हड्डी के आंतरिक चाल को बेहतर करने में भी मदद मिलेगी। ये आविष्कार पैरामेडिकल कॉलेज के फिजियोथेरेपी विभाग ने किया है। इसे संजीवनी सर्वाइकल पिलो नाम दिया गया है। इसका पेटेंट कराने के लिए भी आवेदन कर दिया गया है।
अब तक बाजार में जो हीटिंग पैड उपलब्ध हैं, उनमें भाप के जरिए हीट थेरेपी का प्रावधान नहीं है। सिर्फ ड्राई हीट थेरेपी का प्रावधान है। इसके अलावा बेल्ट को पहनने पर गर्दन को मोड़ने में भी दिक्कत आती है। पैरामेडिकल कॉलेज के फिजियोथेरेपी विभाग में नई डिजाइन के सर्वाइकल ऑर्थोसिस (बेल्ट) का आविष्कार किया है। विभागीय शिक्षकों ने बताया कि इसका प्रयोग गर्दन के दर्द से पीड़ित मरीजों के इलाज में किया जाएगा। फिजियोथेरेपी विभाग के शिक्षकों द्वारा पट्टे की ऐसी डिजाइन विकसित की गई है, जिससे मरीज की गर्दन की हड्डी को सहारा देने के साथ-साथ सिर के पिछले हिस्से, पीठ के ऊपरी भाग और कंधों के ऊपरी भाग को भी सपोर्ट मिले। इसमें एक मेकेनिकल यूनिट का प्रावधान दिया गया है, जो गर्दन की हड्डी (सर्वाइकल स्पाइन) के आंतरिक चाल को बेहतर करने में मदद करेगा। मरीज की गर्दन की चाल दर्द रहित हो सकेगी। इस बेल्ट में भाप के जरिए हीट थेरेपी का प्रावधान किया गया है, जो मरीज अपनी सुविधा अनुसार प्रयोग कर सकता है। अभी ज्यादातर तकिया को कंपनी बिना किसी चिकित्सकीय अनुसंधान के बना रही हैं। इनके इस्तेमाल से कई बार मरीजों को दर्द बढ़ जाता है। बताया गया कि इसकी कीमत डेढ़ हजार से दो हजार रुपये होगी। मरीज घर में बैठकर और काम करते हुए भी इसका इस्तेमाल कर सकता है। सामान्य पावर बैंक से इसे चार्ज किया जा सकेगा।
शोध में ये हैं शामिल
पैरामेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. अंशुल जैन, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. पारस गुप्ता, फिजियोथेरेपी विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव सक्सेना, छात्र अंकिता यादव, अरुण कुमार, निखिल, रोहित कुमार, दिव्या गौर, शुभी पांडेय इस शोध में शामिल हैं।
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पैरामेडिकल कॉलेज में हर विभाग को कम से कम दो नए अनुसंधान का लक्ष्य दिया गया है। पिछले महीने भी नर्सिंग विभाग द्वारा एक नए ड्रिप सेट का आविष्कार कर पेटेंट दाखिल किया गया है। अब संजीवनी सर्वाइकल पिलो का आविष्कार किया गया है। - डॉ. अंशुल जैन, निदेशक, पैरामेडिकल कॉलेज।
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झांसी। सर्वाइकल के दर्द से परेशान लोगों के लिए जल्द ही नई सर्वाइकल बेल्ट बाजार में आने वाली है। इसमें भाप के जरिए हीट थेरेपी का प्रावधान किया गया है। मांसपेशियों का खिंचाव कम होने से दर्द में राहत मिलेगी। गर्दन की हड्डी के आंतरिक चाल को बेहतर करने में भी मदद मिलेगी। ये आविष्कार पैरामेडिकल कॉलेज के फिजियोथेरेपी विभाग ने किया है। इसे संजीवनी सर्वाइकल पिलो नाम दिया गया है। इसका पेटेंट कराने के लिए भी आवेदन कर दिया गया है।
अब तक बाजार में जो हीटिंग पैड उपलब्ध हैं, उनमें भाप के जरिए हीट थेरेपी का प्रावधान नहीं है। सिर्फ ड्राई हीट थेरेपी का प्रावधान है। इसके अलावा बेल्ट को पहनने पर गर्दन को मोड़ने में भी दिक्कत आती है। पैरामेडिकल कॉलेज के फिजियोथेरेपी विभाग में नई डिजाइन के सर्वाइकल ऑर्थोसिस (बेल्ट) का आविष्कार किया है। विभागीय शिक्षकों ने बताया कि इसका प्रयोग गर्दन के दर्द से पीड़ित मरीजों के इलाज में किया जाएगा। फिजियोथेरेपी विभाग के शिक्षकों द्वारा पट्टे की ऐसी डिजाइन विकसित की गई है, जिससे मरीज की गर्दन की हड्डी को सहारा देने के साथ-साथ सिर के पिछले हिस्से, पीठ के ऊपरी भाग और कंधों के ऊपरी भाग को भी सपोर्ट मिले। इसमें एक मेकेनिकल यूनिट का प्रावधान दिया गया है, जो गर्दन की हड्डी (सर्वाइकल स्पाइन) के आंतरिक चाल को बेहतर करने में मदद करेगा। मरीज की गर्दन की चाल दर्द रहित हो सकेगी। इस बेल्ट में भाप के जरिए हीट थेरेपी का प्रावधान किया गया है, जो मरीज अपनी सुविधा अनुसार प्रयोग कर सकता है। अभी ज्यादातर तकिया को कंपनी बिना किसी चिकित्सकीय अनुसंधान के बना रही हैं। इनके इस्तेमाल से कई बार मरीजों को दर्द बढ़ जाता है। बताया गया कि इसकी कीमत डेढ़ हजार से दो हजार रुपये होगी। मरीज घर में बैठकर और काम करते हुए भी इसका इस्तेमाल कर सकता है। सामान्य पावर बैंक से इसे चार्ज किया जा सकेगा।
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शोध में ये हैं शामिल
पैरामेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. अंशुल जैन, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. पारस गुप्ता, फिजियोथेरेपी विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव सक्सेना, छात्र अंकिता यादव, अरुण कुमार, निखिल, रोहित कुमार, दिव्या गौर, शुभी पांडेय इस शोध में शामिल हैं।
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पैरामेडिकल कॉलेज में हर विभाग को कम से कम दो नए अनुसंधान का लक्ष्य दिया गया है। पिछले महीने भी नर्सिंग विभाग द्वारा एक नए ड्रिप सेट का आविष्कार कर पेटेंट दाखिल किया गया है। अब संजीवनी सर्वाइकल पिलो का आविष्कार किया गया है। - डॉ. अंशुल जैन, निदेशक, पैरामेडिकल कॉलेज।