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Health: हीटर व ब्लोअर चलाने से पहले जान लीजिए यह बात, नहीं तो जा सकती है जान, बचाव के लिए यह करें
Fri, 28 Nov 2025 10:40 AM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Fri, 28 Nov 2025 10:40 AM IST
सार
यदि आप सर्दी से बचने के लिए कमरे में अंगीठी, हीटर व ब्लोअर चलाते हैं, तो सावधानी बरतें। रोशनदान खोलकर रखें अन्यथा जान खतरे में पड़ सकती है। यही नहीं, अचानक बाहर निकलने पर हृदयाघात भी हो सकता है।
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रूम हीटर
- फोटो : Longway
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विस्तार
यदि आप सर्दी से बचने के लिए कमरे में अंगीठी, हीटर व ब्लोअर चलाते हैं, तो सावधानी बरतें। रोशनदान खोलकर रखें अन्यथा जान खतरे में पड़ सकती है। यही नहीं, अचानक बाहर निकलने पर हृदयाघात भी हो सकता है।
कार्बन मोनोआक्साइड गैस का बढ़ जाता है स्तर
मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभागाध्यक्ष डाॅ. रामबाबू सिंह का कहना है कि लोग सर्दी से बचने के लिए कमरे में अंगीठी, हीटर व ब्लोअर चलाते हैं। ठंडी हवा कमरे में न आए, इसलिए खिड़की, दरवाजे, रोशनदान आदि भी बंद कर लेते हैं। सर्दी से राहत मिलने पर लोग सो जाते हैं मगर भूल जाते हैं कि ऐसा करना उनकी जान पर भारी पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि इनके उपयोग से न सिर्फ हवा पूरी तरह सूखी हो जाती है बल्कि कार्बन मोनोआक्साइड गैस भी बनती है। इससे सोते हुए लोगों को बेहोशी आती है। जब गैस का स्तर बढ़ जाता है तो जान भी चली जाती है।
यह सावधानी है जरूरी
मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आलोक शर्मा बताते हैं कि लोगों को घर से बाहर निकलने से दो घंटे पहले उक्त उपकरण बंद कर देना चाहिए ताकि धीरे-धीरे तापमान सामान्य हो। यदि कोई ऐसा नहीं करता है और सीधे घर से बाहर निकलता है तो तापमान में बड़े बदलाव से हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती है। खासतौर पर बुजुर्गों अथवा हृदय रोगियों को इनका इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतनी चाहिए।
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कार्बन मोनोआक्साइड गैस का बढ़ जाता है स्तर
मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभागाध्यक्ष डाॅ. रामबाबू सिंह का कहना है कि लोग सर्दी से बचने के लिए कमरे में अंगीठी, हीटर व ब्लोअर चलाते हैं। ठंडी हवा कमरे में न आए, इसलिए खिड़की, दरवाजे, रोशनदान आदि भी बंद कर लेते हैं। सर्दी से राहत मिलने पर लोग सो जाते हैं मगर भूल जाते हैं कि ऐसा करना उनकी जान पर भारी पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि इनके उपयोग से न सिर्फ हवा पूरी तरह सूखी हो जाती है बल्कि कार्बन मोनोआक्साइड गैस भी बनती है। इससे सोते हुए लोगों को बेहोशी आती है। जब गैस का स्तर बढ़ जाता है तो जान भी चली जाती है।
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यह सावधानी है जरूरी
मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आलोक शर्मा बताते हैं कि लोगों को घर से बाहर निकलने से दो घंटे पहले उक्त उपकरण बंद कर देना चाहिए ताकि धीरे-धीरे तापमान सामान्य हो। यदि कोई ऐसा नहीं करता है और सीधे घर से बाहर निकलता है तो तापमान में बड़े बदलाव से हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती है। खासतौर पर बुजुर्गों अथवा हृदय रोगियों को इनका इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतनी चाहिए।
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