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सटोरियों की ध्मकी से परेशान कारोबारी ने लगाई थी फांसी
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hanging sucide threatened by threat
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सटोरिये की धमकी से परेशान होकर कारोबारी ने लगाई थी फांसी
झांसी। थाना सीपरी बाजार के न्यूटन कंपाउंड निवासी नितिन ने क्रिकेट के सटोरियों की धमकी से परेशान होकर फांसी लगाई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उसके मोबाइल से नितिन से रुपये मांगने के व्हाट्सएप मेसेज भी मिले हैं। पुलिस ने दूसरे आरोपी की भी तलाश शुरू कर दी है।
थाना सीपरी बाजार स्थित न्यूटन कंपाउंड निवासी विनोद अग्रवाल की चमनगंज में अग्रवाल एंड संस के नाम से हार्डवेयर की दुकान है। 12 जुलाई की सुबह उनके पुत्र नितिन अग्रवाल उर्फ गोलू (32) ने दुकान में जाकर बोरिंग वाले तार के सहारे छत के कुंडे से लटककर फांसी लगाकर जान दे दी थी। सुबह कर्मचारियों के पहुंचने पर घटना की जानकारी पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की थी। परिजनों ने क्रिकेट के सट्टे में ये कदम उठाने की बात कही थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक का मोबाइल भी कब्जे में लिया था। परिजनों की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर हुआ था।
विवेचना की जांच मसीहा गंज चौकी इंचार्ज अनुपम मिश्रा कर रहे थे। मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालने के बाद पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारियां मिली थीं। पड़ताल के दौरान नानकगंज निवासी रीतेश अग्रवाल का नाम सामने आया था। पुलिस ने रीतेश को हिरासत में लेकर पूछताछ कर उसका मोबाइल खंगाला, जिसमें आईपीएल मैच के दौरान लगे सट्टे में 23 हजार रुपये लेने की बात सामने आई है। रुपये मांगने को लेकर रीतेश दबाव बना रहा था। वहीं, इस मामले में प्रेमनगर निवासी हरीराम का भी नाम सामने आया है, जो 56,350 रुपये लेने के लिए नितिन पर दबाव बना रहा था। वहीं, पता चला है कि महानगर के और भी सटोरिये मैच के सट्टे को लेकर दबाव बना रहे थे। ऐसे में लाखों का कर्जा होने व दबाव के चलते नितिन ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। पुलिस ने हरीराम की भी तलाश शुरू कर दी है।
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कई सटोरियों के नाम भी आ रहे सामने
पुलिस की विवेचना में महानगर के कई सटोरियों के नाम सामने आ रहे हैं, जो नितिन को सट्टा खिलवाते थे। इसके एवज में कई गुना रकम भी वसूल करते थे। ऐसे में वह सटोरियों का कर्जदार होता चला गया। कर्र्जा उतारने के एवज में वह सटोरियों के चंगुल में फंसकर बड़े पैमाने पर सट्टा लगाने लगा था।
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झांसी। थाना सीपरी बाजार के न्यूटन कंपाउंड निवासी नितिन ने क्रिकेट के सटोरियों की धमकी से परेशान होकर फांसी लगाई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उसके मोबाइल से नितिन से रुपये मांगने के व्हाट्सएप मेसेज भी मिले हैं। पुलिस ने दूसरे आरोपी की भी तलाश शुरू कर दी है।
थाना सीपरी बाजार स्थित न्यूटन कंपाउंड निवासी विनोद अग्रवाल की चमनगंज में अग्रवाल एंड संस के नाम से हार्डवेयर की दुकान है। 12 जुलाई की सुबह उनके पुत्र नितिन अग्रवाल उर्फ गोलू (32) ने दुकान में जाकर बोरिंग वाले तार के सहारे छत के कुंडे से लटककर फांसी लगाकर जान दे दी थी। सुबह कर्मचारियों के पहुंचने पर घटना की जानकारी पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की थी। परिजनों ने क्रिकेट के सट्टे में ये कदम उठाने की बात कही थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक का मोबाइल भी कब्जे में लिया था। परिजनों की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर हुआ था।
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विवेचना की जांच मसीहा गंज चौकी इंचार्ज अनुपम मिश्रा कर रहे थे। मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालने के बाद पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारियां मिली थीं। पड़ताल के दौरान नानकगंज निवासी रीतेश अग्रवाल का नाम सामने आया था। पुलिस ने रीतेश को हिरासत में लेकर पूछताछ कर उसका मोबाइल खंगाला, जिसमें आईपीएल मैच के दौरान लगे सट्टे में 23 हजार रुपये लेने की बात सामने आई है। रुपये मांगने को लेकर रीतेश दबाव बना रहा था। वहीं, इस मामले में प्रेमनगर निवासी हरीराम का भी नाम सामने आया है, जो 56,350 रुपये लेने के लिए नितिन पर दबाव बना रहा था। वहीं, पता चला है कि महानगर के और भी सटोरिये मैच के सट्टे को लेकर दबाव बना रहे थे। ऐसे में लाखों का कर्जा होने व दबाव के चलते नितिन ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। पुलिस ने हरीराम की भी तलाश शुरू कर दी है।
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कई सटोरियों के नाम भी आ रहे सामने
पुलिस की विवेचना में महानगर के कई सटोरियों के नाम सामने आ रहे हैं, जो नितिन को सट्टा खिलवाते थे। इसके एवज में कई गुना रकम भी वसूल करते थे। ऐसे में वह सटोरियों का कर्जदार होता चला गया। कर्र्जा उतारने के एवज में वह सटोरियों के चंगुल में फंसकर बड़े पैमाने पर सट्टा लगाने लगा था।