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ग्वालियर रोड क्रासिंग: ट्रेन यात्रियों को राहत, गाड़ियों वालों को आफत

Tue, 15 Dec 2020 02:26 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 15 Dec 2020 02:26 AM IST
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gwalior road railway crossing issue very traveled
झांसी। कोरोना काल में ग्वालियर रोड क्रॉसिंग पर डबल ट्रैक पर ट्रेनों की संख्या बढ़ने के साथ ही रेल यात्रियों को तो सुविधा हो गई है, लेकिन वाहन चालकों की समस्या और बढ़ गई है। यहां जब भी दोनों लाइनों से ट्रेन गुजरती हैं, तब लोगों को 15 से 20 मिनट तक खड़े रहना पड़ता है। वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे जाम लग जाता है। इस क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाने के लिए तीन साल से कार्ययोजना राज्य सरकार के पास अटकी है।
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कोरोना काल में ग्वालियर रोड क्रासिंग पर जाम लगने की समस्या फिर खड़ी हो गई है। वर्तमान में झांसी- कानपुर डबल ट्रैक पर प्रतिदिन अप और डाउन की 15 सवारी व 30 से अधिक मालगाड़ियां गुजर रहीं हैं। नतीजतन क्रासिंग 24 में से दस घंटे बंद रहती है। इस सड़क पर वाहनों का काफी आवागमन है। उन्नाव- बालाजी मार्ग नया बनने के बाद से आवागमन और बढ़ गया है। इससे क्रॉसिंग पर हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। डबल ट्रैक पर यातायात चालू होने से दिक्कत और बढ़ गई है। यहां ओवरब्रिज बनाने की कार्ययोजना तीन साल से प्रदेश सरकार के पास फाइल में फंसी है। रेलवे ने यहां ओवरब्रिज के लिए स्वीकृति दे रखी है, लेकिन राज्य सरकार की मुहर लगना अभी बाकी है। क्योंकि राज्य और रेलवे दोनों को ओवरब्रिज पर पैसा खर्च करना होगा। संबंधित विभागों के एस्टीमेट की सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। छह सौ मीटर लंबे पुल के निर्माण के लिए सौ करोड़ रुपये का बजट मांगा गया है।
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- ओवरब्रिज के निर्माण में लगने वाली लागत को राज्य व रेलवे दोनों को साझा करना है। राज्य सरकार को बजट की स्वीकृति देनी है। राज्य सरकार से स्वीकृति मिलते ही रेलवे अपना काम शुरू कर देगा।
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मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी।
एक माह में गुजरते हैं 3.85 लाख वाहन
शासन को भेजे गए प्रस्ताव के साथ रेलवे का ट्रैफिक ट्रेन व्हीकल यूनिट का सर्वे भी शामिल किया गया। रेलवे हर तीन साल के अंतराल में रेलवे क्रॉसिंग से गुजरने वाले वाहनों का सर्वे कराता है। 24 घंटे में रेलवे क्रॉसिंग से कितने वाहन गुजरे (पैदल यात्री को छोड़कर), यहां तक कि साइकिल सवार को भी सर्वे में जोड़ा जाता है। प्रस्ताव में सर्वे का हवाला देते हुए बताया गया कि अभी इस क्रॉसिंग से एक महीने में 3.85 लाख वाहन गुजरते हैं।
ग्वालियर रोड क्रासिंग पर अक्सर शाम के वक्त ट्रेनें गुजरने पर जाम लग जाता है। जाम जल्द खुल सके, इसके लिए पुलिस भी तैनात नहीं रहती है।
भारत राजपूत।
आईटीआई अंडरब्रिज की तरह ही ग्वालियर रोड क्रासिंग पर अंडर पास बन जाए तो काफी हद तक समस्या दूर हो जाएगी।
पंजाब सिंह।
सबसे ज्यादा परेशानी अप और डाउन दोनों ट्रैकों पर गाड़ियां आने से होता है। उस समय क्रासिंग खुलने में 20 से 25 मिनट का समय लग जाता है।
अर्जुन।
क्रासिंग पर ओवरब्रिज बनना बेहद जरूरी है। राज्य सरकार को लोगों की इस समस्या को समझना चाहिए। जनप्रतिनिधियों को भी गंभीर होना पड़ेगा।
राजीव।
क्रासिंग गेट पर जब तक ओवरब्रिज नहीं बन जाता है, तब तक गेट के दोनों तरफ नियमित रूप से पुलिस की तैनाती होनी चाहिए।
हेमंत कुमार।
सरकार एक तरफ विकास की बात करती है तो वही योजनाएं सालों स्वीकृति के लिए लंबित पड़ी रहती है। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है।
अनूप कुमार।
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