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गुझिया हुई तैयार, बस चखने की दरकार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Mar 2016 01:18 AM IST
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gujhiya jhansi hindi news
- फोटो : amarujala
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झांसी। भारतीय समाज में प्रत्येक पर्व से जुडे़ खास पकवान होते हैं, जिनका स्वाद न सिर्फ पर्व क ी खुशी दुगुनी कर देती है, बल्कि उसे चखने के लिए आमतौर पर लोगों को पूरे वर्ष इंतजार करना पड़ता है। इन्हीं पकवानों में से एक है होली की गुझिया।
क्रिसमस में केक, ईद में सिंवईं एवं होली में मैदा व खोया से बनी गुझिया लोगों के मुंह में पानी लाने के लिए काफी है। अगर इन पर्वों पर यह मिठाईयां खाने को न मिलीं तो मानो त्योहार अधूरा रह गया। वहीं, भागदौड़ भरी जिदंगी में पकवानों को कैसे तैयार किया जाए यह समस्या लगभग हर घरों में रहती है, जिसे बाजार भी पहचान चुका है। ऐसे में महानगर के लगभग सभी प्रमुख बाजारों में रेडीमेड गुझिया व पपड़िया बनकर तैयार हो चुकी है।
शुद्ध देशी घी से लेकर रिफाइंड तेल में बनने वाले यह पकवान परंपरागत स्वरूप व स्वाद लिए हमारे जीभों पर सजने को बेताब हैं।
मिशन कंपाउंड स्थित मिष्ठान विक्रेता आशीष, बिसाती बाजार स्थित राजेंद्र कुमार के मुताबिक गुझियों की किनारी पर डिजाइन वैसी ही है, जैसे होली पर बनती है। वहीं, बादामी कलर में यानि खैरी एवं बिना खैरी गुझिया खासी पसंद की जा रही है।
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दुकानदारों के मुताबिक पिछले कुछेक वर्षों से रेडीमेड गुझियों की मांग बढ़ी है। वर्तमान में यह 260 रुपये किलो से प्रारंभ है। वहीं, मैदा एवं बेसन से निर्मित पपड़ियां, कस्तूरी मैथी, अजवायन एवं मैदा की मठरी की मांग भी जोरों पर है।
कई स्थानों पर आज होगा होलिका दहन
झांसी। मंगलवार को नगर में कई स्थानों पर होली जलाई जाएगी। सोमवार को लोग इसकी तैयारियों में जुटे रहे। होलिका दहन के लिए लकड़ी का इंतजाम हुआ। बाजार में रंग-पिचकारी की जमकर खरीदारी हुई।
होलिका दहन को लेकर विद्वानों के अलग-अलग मत हैं। होलिका दहन के लिए बुधवार का मुहूर्त बताया जा रहा है। जबकि, कुछ विद्वान मंगलवार के मुहूर्त को भी शुभ बता रहे हैं। बड़ाबाजार स्थित मुरली मनोहर मंदिर के पुजारी पं. वसंत विष्णु गोलवलकर ने बताया कि मंगलवार को होलिका दहन रात्रि 11.10 से 12.05 बजे तक होगा। इस दौरान पुच्छ भद्रा नक्षत्र है, जिसमें दोष नहीं माना जाता है। खंडेराव गेट हनुमान मंदिर के पुजारी पं. कृष्ण चंद्र शर्मा ने बताया कि होलिका दहन मंगलवार को होगा। पंचकुइयां स्थित शीतला माता मंदिर पर भी होली मंगलवार को जलाई जाएगी।
आज होगा होली मिलन समारोह
उधर, सैंयर गेट बाहर स्थित महाकालेश्वर मंदिर में होलिका दहन से पूर्व मंगलवार को होली मिलन समारोह आयोजित किया जाएगा। वहीं, श्री कृष्ण संकीर्तन एवं सेवा समाज के महामंत्री लखन लाल पुरोहित ने बताया कि कारगिल पार्क स्थित श्री कृष्ण सत्संग मंदिर में 23 मार्च को सायं चार बजे होली मिलन समारोह होगा। वहीं, सोमवार को बल्लमपुर स्थित मंदिर पर श्री हनुमान सेना के जिलाध्यक्ष रिषभ झा की अध्यक्षता में हुई बैठक में होली-मिलन समारोह के आयोजन की रूप-रेखा तय की गई। इस अवसर पर शिवम प्रजापति, अभिषेक कुमार, राहुल शाक्या, अमित पाल, रोहित झा, आकाश राय, विनय, विकास, अजय, जितेंद्र व हेमंत आदि उपस्थित रहे। आभार भानु प्रकाश झा ने जताया।
होली पर बही काव्य धारा
झांसी। होलिका दहन की पूर्व संध्या पर सोमवार को बुंदेलखंड साहित्य संगीत कला संस्थान के तत्वावधान में कवि सम्मेलन हुआ।
पत्रकार भवन में आयोजित सम्मेलन में डॉ. गौरीशंकर उपाध्याय, महाकवि अवधेश, सुखराम चतुर्वेदी, राजेंद्र तिवारी, काशीराम सेन, सुमन मिश्रा, रामप्रकाश गोस्वामी, अखिलेश नारायण त्रिपाठी, मुबीन कोंचवी, डॉ. ओमप्रकाश हयारण, कृष्ण मुरारी श्रीवास्तव, नाथूराम शर्मा, मोहन सोनी आदि ने काव्य पाठ किया।
इस मौके पर मनमोहन गेड़ा, आचार्य हरिओम पाठक, पं. कालीचरण जारौलिया, डॉ. चंद्रशेखर शर्मा, अखिलेश पांडेय, अंकुर अग्रवाल, बाबूलाल जारौलिया, महेश उपाध्याय, मोतीलाल वर्मा आदि मौजूद रहे।
होली गीत सुना किया मंत्रमुग्ध
झांसी। संस्कार भारती के तत्वावधान में सोमवार को समिति के सह-संयोजक डॉ. गौतम के हंसारी स्थित आवास पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान कलाकारों ने होली गीत सुनाकर सभी को मंत्र-मुग्ध कर दिया।
मुख्य अतिथि डॉ. हरीहर प्रसाद रहे। संगोष्टी में युवा कलाकार रसैल खान ने बंदिशें, राग-बसंत व चारुकोंसी व मधुवंती आदि शास्त्रीय गीत प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। वहीं, ग्वालियर से आए डॉ. नीतू प्रसाद, महेशराज, वंदना गौतम, हरीराम वर्मा, घनश्याम दास बिदुआ, दयाराम वर्मा, रवि सक्सेना, पवन गौतम, संतोष पाठक व महमूद आदि ने गजलों की शानदार प्रस्तुति दी। अंत में सभी कलाकारों को अंगवस्त्र व श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। आभार डॉ. विदेश्वरी प्रसाद ने जताया।
दोस्ती जब भी करो दिल से करो...
झांसी। बुंदेलखंड प्रगतिशील साहित्यकार संस्थान के तत्वावधान में सोमवार को पुष्प होली महोत्सव की पूर्व संध्या पर मानिक चौक स्थित समिति के कार्यालय पर काव्यगोष्ठी का आयोजन हुआ।
काव्य पाठ की शुरूआत करते शायर सैय्यद इकरार अली ने ‘मजलिसें करो महफिलें करो जलसे करो, दोस्ती जब भी करो दिल से करो’ सुनाकर मोहब्बत को पैगाम दिया। वहीं, कवि पं. अखिलेश त्रिपाठी ने बुंदेली फाग ‘होली-मिलन त्योहार सा लगे है, पर गले मिलन में डर सा लगे है’ प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी।
इसके अलावा रामप्रकाश वर्मा, प्रेमनारायण साहू, अरविंद कुमार नायक, उज्ज्वल विद्रोही, श्याम नारायण नायक व जेपी वर्मा आदि ने भी रचनाएं प्रस्तुत कर प्रशंसा पाई। अध्यक्षता श्यामलता सक्सेना ने की। आभार समिति के प्रचार मंत्री मौलाना सागर कादरी ने जताया।
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मिशन कंपाउंड स्थित मिष्ठान विक्रेता आशीष, बिसाती बाजार स्थित राजेंद्र कुमार के मुताबिक गुझियों की किनारी पर डिजाइन वैसी ही है, जैसे होली पर बनती है। वहीं, बादामी कलर में यानि खैरी एवं बिना खैरी गुझिया खासी पसंद की जा रही है।
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दुकानदारों के मुताबिक पिछले कुछेक वर्षों से रेडीमेड गुझियों की मांग बढ़ी है। वर्तमान में यह 260 रुपये किलो से प्रारंभ है। वहीं, मैदा एवं बेसन से निर्मित पपड़ियां, कस्तूरी मैथी, अजवायन एवं मैदा की मठरी की मांग भी जोरों पर है।
कई स्थानों पर आज होगा होलिका दहन
झांसी। मंगलवार को नगर में कई स्थानों पर होली जलाई जाएगी। सोमवार को लोग इसकी तैयारियों में जुटे रहे। होलिका दहन के लिए लकड़ी का इंतजाम हुआ। बाजार में रंग-पिचकारी की जमकर खरीदारी हुई।
होलिका दहन को लेकर विद्वानों के अलग-अलग मत हैं। होलिका दहन के लिए बुधवार का मुहूर्त बताया जा रहा है। जबकि, कुछ विद्वान मंगलवार के मुहूर्त को भी शुभ बता रहे हैं। बड़ाबाजार स्थित मुरली मनोहर मंदिर के पुजारी पं. वसंत विष्णु गोलवलकर ने बताया कि मंगलवार को होलिका दहन रात्रि 11.10 से 12.05 बजे तक होगा। इस दौरान पुच्छ भद्रा नक्षत्र है, जिसमें दोष नहीं माना जाता है। खंडेराव गेट हनुमान मंदिर के पुजारी पं. कृष्ण चंद्र शर्मा ने बताया कि होलिका दहन मंगलवार को होगा। पंचकुइयां स्थित शीतला माता मंदिर पर भी होली मंगलवार को जलाई जाएगी।
आज होगा होली मिलन समारोह
उधर, सैंयर गेट बाहर स्थित महाकालेश्वर मंदिर में होलिका दहन से पूर्व मंगलवार को होली मिलन समारोह आयोजित किया जाएगा। वहीं, श्री कृष्ण संकीर्तन एवं सेवा समाज के महामंत्री लखन लाल पुरोहित ने बताया कि कारगिल पार्क स्थित श्री कृष्ण सत्संग मंदिर में 23 मार्च को सायं चार बजे होली मिलन समारोह होगा। वहीं, सोमवार को बल्लमपुर स्थित मंदिर पर श्री हनुमान सेना के जिलाध्यक्ष रिषभ झा की अध्यक्षता में हुई बैठक में होली-मिलन समारोह के आयोजन की रूप-रेखा तय की गई। इस अवसर पर शिवम प्रजापति, अभिषेक कुमार, राहुल शाक्या, अमित पाल, रोहित झा, आकाश राय, विनय, विकास, अजय, जितेंद्र व हेमंत आदि उपस्थित रहे। आभार भानु प्रकाश झा ने जताया।
होली पर बही काव्य धारा
झांसी। होलिका दहन की पूर्व संध्या पर सोमवार को बुंदेलखंड साहित्य संगीत कला संस्थान के तत्वावधान में कवि सम्मेलन हुआ।
पत्रकार भवन में आयोजित सम्मेलन में डॉ. गौरीशंकर उपाध्याय, महाकवि अवधेश, सुखराम चतुर्वेदी, राजेंद्र तिवारी, काशीराम सेन, सुमन मिश्रा, रामप्रकाश गोस्वामी, अखिलेश नारायण त्रिपाठी, मुबीन कोंचवी, डॉ. ओमप्रकाश हयारण, कृष्ण मुरारी श्रीवास्तव, नाथूराम शर्मा, मोहन सोनी आदि ने काव्य पाठ किया।
इस मौके पर मनमोहन गेड़ा, आचार्य हरिओम पाठक, पं. कालीचरण जारौलिया, डॉ. चंद्रशेखर शर्मा, अखिलेश पांडेय, अंकुर अग्रवाल, बाबूलाल जारौलिया, महेश उपाध्याय, मोतीलाल वर्मा आदि मौजूद रहे।
होली गीत सुना किया मंत्रमुग्ध
झांसी। संस्कार भारती के तत्वावधान में सोमवार को समिति के सह-संयोजक डॉ. गौतम के हंसारी स्थित आवास पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान कलाकारों ने होली गीत सुनाकर सभी को मंत्र-मुग्ध कर दिया।
मुख्य अतिथि डॉ. हरीहर प्रसाद रहे। संगोष्टी में युवा कलाकार रसैल खान ने बंदिशें, राग-बसंत व चारुकोंसी व मधुवंती आदि शास्त्रीय गीत प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। वहीं, ग्वालियर से आए डॉ. नीतू प्रसाद, महेशराज, वंदना गौतम, हरीराम वर्मा, घनश्याम दास बिदुआ, दयाराम वर्मा, रवि सक्सेना, पवन गौतम, संतोष पाठक व महमूद आदि ने गजलों की शानदार प्रस्तुति दी। अंत में सभी कलाकारों को अंगवस्त्र व श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। आभार डॉ. विदेश्वरी प्रसाद ने जताया।
दोस्ती जब भी करो दिल से करो...
झांसी। बुंदेलखंड प्रगतिशील साहित्यकार संस्थान के तत्वावधान में सोमवार को पुष्प होली महोत्सव की पूर्व संध्या पर मानिक चौक स्थित समिति के कार्यालय पर काव्यगोष्ठी का आयोजन हुआ।
काव्य पाठ की शुरूआत करते शायर सैय्यद इकरार अली ने ‘मजलिसें करो महफिलें करो जलसे करो, दोस्ती जब भी करो दिल से करो’ सुनाकर मोहब्बत को पैगाम दिया। वहीं, कवि पं. अखिलेश त्रिपाठी ने बुंदेली फाग ‘होली-मिलन त्योहार सा लगे है, पर गले मिलन में डर सा लगे है’ प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी।
इसके अलावा रामप्रकाश वर्मा, प्रेमनारायण साहू, अरविंद कुमार नायक, उज्ज्वल विद्रोही, श्याम नारायण नायक व जेपी वर्मा आदि ने भी रचनाएं प्रस्तुत कर प्रशंसा पाई। अध्यक्षता श्यामलता सक्सेना ने की। आभार समिति के प्रचार मंत्री मौलाना सागर कादरी ने जताया।