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स्टेशन के पास बन रही हरित पट्टी
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रेलवे स्टेशन के सामने ग्रीन कॉरिडोर के लिए तैयार किया जा रहा है स्ट्रक्चर। संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। रेल प्रशासन नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण) के मानकों को ध्यान में रखकर झांसी और ग्वालियर स्टेशन को चमकाने में लगा है। 24 मानकों पर खरा उतरते ही इन स्टेशनों को ‘ग्रीन स्टेशन’ का दर्जा मिल जाएगा। इसी पहल के तहत दांडी चौराहा से स्टेशन मार्ग के दोनों तरफ हरित पट्टी बनाई जा रही है। इसके लिए शेड बनाया जा रहा है, जिसमें अलग- अलग पौधे लगाए जाएंगे।
रेलवे स्टेशन पर पानी और बिजली की आवश्यकता के हिसाब से ऑडिट कराया जा रहा है। प्लेटफार्मों पर सूखा और गीला कचरा अलग- अलग डालने के लिए डस्टबिन रखे गए हैं। सूखा कूड़ा नगर निगम के डंपिंग जोन में भेजा जा रहा है। साथ ही गीले कचरा का खाद बनाने में उपयोग होगा। स्टेशन पर यांत्रिक मशीनों से सफाई की जा रही है। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। वहीं पानी को बर्बाद होने से बचाने के लिए वाटर रिसाइकलिंग प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। गंदे पानी की निकासी के लिए नए सिरे से ड्रेनेज सिस्टम बनाया जा रहा है। इसी योजना के तहत दांडी चौराहा से स्टेशन मार्ग के दोनों तरफ हरित पट्टिका बनाने का काम शुरू हो गया है। इसमें गमलों और जमीन पर पौधे लगाए जाएंगे।
स्टेशन पर इस वक्त 24 में 22 मानकों पर काम चल रहा है। अभी झांसी से संबंधित जानकारी के लिए वेबसाइट और गीले कचरे से खाद बनाने का काम बाकी रह गया है। इस संबंध में मंडल वाणिज्य प्रबंधक अखिल शुक्ला ने बताया कि जनवरी तक हरित पट्टी बनकर तैयार हो जाएगी।
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दूसरे चरण में शामिल स्टेशन
रेल मंडल के दस और स्टेशनों को दूसरे चरण में ग्रीन स्टेशन का दर्जा दिलाया जाएगा। इनमें बांदा, महोबा, खजुराहो, चित्रकूट धाम कर्वी, उरई, मुरैना, दतिया, डबरा, बबीना और ललितपुर स्टेशन शामिल हैं।
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रेलवे स्टेशन पर पानी और बिजली की आवश्यकता के हिसाब से ऑडिट कराया जा रहा है। प्लेटफार्मों पर सूखा और गीला कचरा अलग- अलग डालने के लिए डस्टबिन रखे गए हैं। सूखा कूड़ा नगर निगम के डंपिंग जोन में भेजा जा रहा है। साथ ही गीले कचरा का खाद बनाने में उपयोग होगा। स्टेशन पर यांत्रिक मशीनों से सफाई की जा रही है। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। वहीं पानी को बर्बाद होने से बचाने के लिए वाटर रिसाइकलिंग प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। गंदे पानी की निकासी के लिए नए सिरे से ड्रेनेज सिस्टम बनाया जा रहा है। इसी योजना के तहत दांडी चौराहा से स्टेशन मार्ग के दोनों तरफ हरित पट्टिका बनाने का काम शुरू हो गया है। इसमें गमलों और जमीन पर पौधे लगाए जाएंगे।
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स्टेशन पर इस वक्त 24 में 22 मानकों पर काम चल रहा है। अभी झांसी से संबंधित जानकारी के लिए वेबसाइट और गीले कचरे से खाद बनाने का काम बाकी रह गया है। इस संबंध में मंडल वाणिज्य प्रबंधक अखिल शुक्ला ने बताया कि जनवरी तक हरित पट्टी बनकर तैयार हो जाएगी।
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दूसरे चरण में शामिल स्टेशन
रेल मंडल के दस और स्टेशनों को दूसरे चरण में ग्रीन स्टेशन का दर्जा दिलाया जाएगा। इनमें बांदा, महोबा, खजुराहो, चित्रकूट धाम कर्वी, उरई, मुरैना, दतिया, डबरा, बबीना और ललितपुर स्टेशन शामिल हैं।