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हरे-भरे और ऐतिहासिक स्वरूप में दिखेगी झांसी
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झांसी। महानगर की 2031 महायोजना को लेकर बृहस्पतिवार को झांसी विकास प्राधिकरण की बैठक हुई, जिसमें जनप्रतिनिधियों से सुझाव मांगे। इस दौरान कहा गया कि महानगर का विकास इसके ऐतिहासिक स्वरूप को ध्यान में रखते हुए किया जाए। हरा-भरा और सुनियोजित झांसी तैयार किया जाए।
झांसी विकास प्राधिकरण द्वारा महायोजना 2031 बनाई जा रही है। जेडीए की सीमा में शामिल किए गए 62 गांवों को भी महायोजना में शामिल किया गया है। इनका सेटेलाइट सर्वे शासन द्वारा नामित कंपनी स्पार्क एंड सिटीयानों द्वारा किया जा रहा है। कंपनी को ही मास्टर प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसे लेकर बृहस्पतिवार को एक होटल में बैठक आयोजित की गई, जिसमें कंपनी की ओर से बताया गया कि 47 गांवों का सर्वे किया जा चुका है। कृषि, आवासीय, औद्योगिक, सड़क, पार्क के लिए भूमि चिह्नित की गई है। इस अवसर पर महापौर रामतीर्थ सिंघल ने कहा कि प्लान में महायोजना 2031 में झांसी को हरा-भरा बनाने की दिशा में काम किया जाए। इसके लिए नगर निगम से जमीन भी उपलब्ध कराई जाएगी। खाली पड़ी सरकारी जमीन पर पार्क बनाए जाएं। नियोजन विभाग के एनके पुष्कर्णा ने कहा कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए महायोजना तैयार की जा रही है। भूमि का उपयोग अलग-अलग वर्गीकृत किया जा रहा है, जो डिजिटल भी देखा जा सकेगा।
इस दौरान जेडीए सदस्य संजीव श्रृंगीऋषि ने कहा कि झांसी रेलवे और कैंट से घिरा हुआ है। इसे ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान बनाया जाए। सुबोध गुबरेले ने कहा कि झांसी के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इसका विकास किया जाए। सुधीर सिंह ने कहा कि विवाह घर शहर से बाहर बनाए जाए। इसके अलावा पुराने बाजारों के लिए अलग से प्लान तैयार किया जाए।
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झांसी विकास प्राधिकरण द्वारा महायोजना 2031 बनाई जा रही है। जेडीए की सीमा में शामिल किए गए 62 गांवों को भी महायोजना में शामिल किया गया है। इनका सेटेलाइट सर्वे शासन द्वारा नामित कंपनी स्पार्क एंड सिटीयानों द्वारा किया जा रहा है। कंपनी को ही मास्टर प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसे लेकर बृहस्पतिवार को एक होटल में बैठक आयोजित की गई, जिसमें कंपनी की ओर से बताया गया कि 47 गांवों का सर्वे किया जा चुका है। कृषि, आवासीय, औद्योगिक, सड़क, पार्क के लिए भूमि चिह्नित की गई है। इस अवसर पर महापौर रामतीर्थ सिंघल ने कहा कि प्लान में महायोजना 2031 में झांसी को हरा-भरा बनाने की दिशा में काम किया जाए। इसके लिए नगर निगम से जमीन भी उपलब्ध कराई जाएगी। खाली पड़ी सरकारी जमीन पर पार्क बनाए जाएं। नियोजन विभाग के एनके पुष्कर्णा ने कहा कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए महायोजना तैयार की जा रही है। भूमि का उपयोग अलग-अलग वर्गीकृत किया जा रहा है, जो डिजिटल भी देखा जा सकेगा।
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इस दौरान जेडीए सदस्य संजीव श्रृंगीऋषि ने कहा कि झांसी रेलवे और कैंट से घिरा हुआ है। इसे ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान बनाया जाए। सुबोध गुबरेले ने कहा कि झांसी के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इसका विकास किया जाए। सुधीर सिंह ने कहा कि विवाह घर शहर से बाहर बनाए जाए। इसके अलावा पुराने बाजारों के लिए अलग से प्लान तैयार किया जाए।
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