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दरबार में भी नहीं आ रहे ‘सरकार’
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 16 Jul 2017 01:19 AM IST
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bjp, jhansi news
- फोटो : demo
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तय हुआ था कि भाजपा दफ्तर में बड़े पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि क्रमानुसार नियमित जनता दरबार लगाएंगे, समस्याएं, शिकायतें सुनेंगे और इनका निपटारा करेंगे, ताकि पार्टी की छवि बने और लोगों को राहत मिले, पर ऐसा हो नहीं रहा है। विधायक तो अभी तक उपलब्ध ही नहीं हुए।
भाजपा ने लोगों ने की शिकायतों का निस्तारण करने और केंद्र की योजनाएं को घर-घर तक पहुंचाने के लिए जनता दरबार की शुरूआत की है। महानगर कार्यालय में 18 जून और जिला कार्यालय में दस जून से यह व्यवस्था लागू हुई। व्यवस्था के तहत हर दिन अलग-अलग पदाधिकारियों की ड्यूटी सुबह दस बजे से दोपहर बाद दो बजे तक लगाई गई है। इन पदाधिकारियों को लोगों की समस्या सुनने के बाद संबंधित विभाग में बात करनी है और पीड़ित का प्रार्थना पत्र संबंधित विधायक या विभाग तक पहुंचाना है, ताकि समस्या का निस्तारण शीघ्र हो सके। लेकिन यह दरबार केवल कार्यालय प्रभारियों तक सीमित रह गया है। पदाधिकारी कभी- कभी ही कार्यालय में बैठते हैं।
शनिवार को अमर उजाला संवाददाता इसकी पड़ताल करने पहुंचे तो देखा कि जिन पदाधिकारियों को आना था, वे कार्यालय नहीं पहुंचे। यहां जिला कार्यालय प्रभारी दिनेश सिंह परिहार और महानगर कार्यालय प्रभारी लखन कुशवाहा, कमलेश परिहार बैठे थे। संवाददाता के पहुंचने का पता जब जिलाध्यक्ष संजय दुबे को लगा तो वे खुद आकर कुछ समय के लिए कार्यालय में बैठे।
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‘शनिवार को विधायक राजीव सिंह पारीछा, अखिलेश गुप्ता और बृजेंद्र राजपूत को कार्यालय में बैठना था। लेकिन तीनों लखनऊ गए हैं। इस बात का पता लगते ही मैं समस्याएं सुनने के लिए खुद कार्यालय आ गया। ध्यान रखा जा रहा कि पदाधिकारी जरूर आकर बैठे, ताकि किसी भी पीड़ित को निराश होकर न लौटना पड़े।’
संजय दुबे, जिलाध्यक्ष।
ये आ रहीं समस्याएं
भाजपा कार्यालय पर सबसे अधिक लोग प्लाट पर कब्जा, बीपीएल कार्ड होने के बाद भी उज्ज्वला योजना में कनेक्शन न मिलने, बिजली कनेक्शन, पानी, नाली, सड़क जैसी समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं।
इनकी ड्यूटी तय
जिला कार्यालय में सोमवार को विधायक बिहारी लाल आर्य, गजराज सिंह यादव, अरुण सिंह, राजेंद्र चतुर्वेदी, मंगलवार को विनोद सहगल, जिनेंद्र जैन, लालता पांचाल, बुधवार को सांसद प्रतिनिधि डॉ. जगदीश सिंह चौहान, कृष्ण कुमार पुरवार, विनोद नायक, डॉ. अनिल राज, बृहस्पतिवार को विधायक जवाहर लाल राजपूत, अतुल जैन, यशपाल सिंह गुर्जर, शुक्रवार को प्रमोद कुमारी राजपूत, करुणेश वाजपेई, दीपक सिंह और शनिवार को विधायक राजीव सिंह पारीछा, अखिलेश गुप्ता और बृजेंद्र राजपूत को बैठना है। इसी तरह महानगर कार्यालय में सोमवार को संतोष गुप्ता, मुकेश मिश्रा, मनोज श्रीवास्तव, संजय आनंद, मंगलवार को किरण वर्मा, रजनी सेंगर, सुमन पुरोहित, किशोर वर्मा, बुधवार को सांसद प्रतिनिधि डॉ. जगदीश सिंह चौहान, नंदकिशोर भिलवारे, शैलेंद्र प्रताप सिंह, संजीव लाला, बृहस्पतिवार को सुबोध गुबरेले, राजकांतेश वर्मा, नरेंद्र नामदेव, संजय वाल्मीकि, शुक्रवार को महानगर अध्यक्ष प्रदीप सरावगी, डॉ. कंचन जायसवाल, किशोरी रायकवार, प्रियांशु डे, शनिवार को संजीव श्रृंगीऋषि, अमित साहू, बलराम गुप्ता, रानू देवलिया और रविवार को विधायक रवि शर्मा, संजीव तिवारी, मृदुल श्रीवास्तव, प्रमिला झा को बैठना है।
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तय हुआ था कि भाजपा दफ्तर में बड़े पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि क्रमानुसार नियमित जनता दरबार लगाएंगे, समस्याएं, शिकायतें सुनेंगे और इनका निपटारा करेंगे, ताकि पार्टी की छवि बने और लोगों को राहत मिले, पर ऐसा हो नहीं रहा है। विधायक तो अभी तक उपलब्ध ही नहीं हुए।
भाजपा ने लोगों ने की शिकायतों का निस्तारण करने और केंद्र की योजनाएं को घर-घर तक पहुंचाने के लिए जनता दरबार की शुरूआत की है। महानगर कार्यालय में 18 जून और जिला कार्यालय में दस जून से यह व्यवस्था लागू हुई। व्यवस्था के तहत हर दिन अलग-अलग पदाधिकारियों की ड्यूटी सुबह दस बजे से दोपहर बाद दो बजे तक लगाई गई है। इन पदाधिकारियों को लोगों की समस्या सुनने के बाद संबंधित विभाग में बात करनी है और पीड़ित का प्रार्थना पत्र संबंधित विधायक या विभाग तक पहुंचाना है, ताकि समस्या का निस्तारण शीघ्र हो सके। लेकिन यह दरबार केवल कार्यालय प्रभारियों तक सीमित रह गया है। पदाधिकारी कभी- कभी ही कार्यालय में बैठते हैं।
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शनिवार को अमर उजाला संवाददाता इसकी पड़ताल करने पहुंचे तो देखा कि जिन पदाधिकारियों को आना था, वे कार्यालय नहीं पहुंचे। यहां जिला कार्यालय प्रभारी दिनेश सिंह परिहार और महानगर कार्यालय प्रभारी लखन कुशवाहा, कमलेश परिहार बैठे थे। संवाददाता के पहुंचने का पता जब जिलाध्यक्ष संजय दुबे को लगा तो वे खुद आकर कुछ समय के लिए कार्यालय में बैठे।
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‘शनिवार को विधायक राजीव सिंह पारीछा, अखिलेश गुप्ता और बृजेंद्र राजपूत को कार्यालय में बैठना था। लेकिन तीनों लखनऊ गए हैं। इस बात का पता लगते ही मैं समस्याएं सुनने के लिए खुद कार्यालय आ गया। ध्यान रखा जा रहा कि पदाधिकारी जरूर आकर बैठे, ताकि किसी भी पीड़ित को निराश होकर न लौटना पड़े।’
संजय दुबे, जिलाध्यक्ष।
ये आ रहीं समस्याएं
भाजपा कार्यालय पर सबसे अधिक लोग प्लाट पर कब्जा, बीपीएल कार्ड होने के बाद भी उज्ज्वला योजना में कनेक्शन न मिलने, बिजली कनेक्शन, पानी, नाली, सड़क जैसी समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं।
इनकी ड्यूटी तय
जिला कार्यालय में सोमवार को विधायक बिहारी लाल आर्य, गजराज सिंह यादव, अरुण सिंह, राजेंद्र चतुर्वेदी, मंगलवार को विनोद सहगल, जिनेंद्र जैन, लालता पांचाल, बुधवार को सांसद प्रतिनिधि डॉ. जगदीश सिंह चौहान, कृष्ण कुमार पुरवार, विनोद नायक, डॉ. अनिल राज, बृहस्पतिवार को विधायक जवाहर लाल राजपूत, अतुल जैन, यशपाल सिंह गुर्जर, शुक्रवार को प्रमोद कुमारी राजपूत, करुणेश वाजपेई, दीपक सिंह और शनिवार को विधायक राजीव सिंह पारीछा, अखिलेश गुप्ता और बृजेंद्र राजपूत को बैठना है। इसी तरह महानगर कार्यालय में सोमवार को संतोष गुप्ता, मुकेश मिश्रा, मनोज श्रीवास्तव, संजय आनंद, मंगलवार को किरण वर्मा, रजनी सेंगर, सुमन पुरोहित, किशोर वर्मा, बुधवार को सांसद प्रतिनिधि डॉ. जगदीश सिंह चौहान, नंदकिशोर भिलवारे, शैलेंद्र प्रताप सिंह, संजीव लाला, बृहस्पतिवार को सुबोध गुबरेले, राजकांतेश वर्मा, नरेंद्र नामदेव, संजय वाल्मीकि, शुक्रवार को महानगर अध्यक्ष प्रदीप सरावगी, डॉ. कंचन जायसवाल, किशोरी रायकवार, प्रियांशु डे, शनिवार को संजीव श्रृंगीऋषि, अमित साहू, बलराम गुप्ता, रानू देवलिया और रविवार को विधायक रवि शर्मा, संजीव तिवारी, मृदुल श्रीवास्तव, प्रमिला झा को बैठना है।