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सरकार के फैसले से छोटे दुकानदारों को मिलेगा लाभ

Sat, 12 Jan 2019 01:05 AM IST
jhansi Published by: देवेंद्र कुमार Updated Sat, 12 Jan 2019 01:05 AM IST
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goverment order, small shopkeepar benifit
shopes - फोटो : demo
जीएसटी परिषद के एक अप्रैल 2019 से 40 लाख रुपये तक के सालाना कारोबार करने वाले कारोबारियों को टैक्स से मुक्त रखने के फैसले से छोटे दुकानदारों को लाभ होगा। हालांकि, समाधान योजना की सीमा डेढ़ करोड़ होने से व्यापारियों को कोई फायदा होने वाला नहीं है, क्योंकि इस योजना का लाभ लेने वाले व्यापारियों को वैसे ही एक मुश्त टैक्स जमा करना पड़ता है।  
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अभी जीएसटी परिषद ने 20 लाख तक के कारोबारियों को टैक्स देने से मुक्त कर रखा है। हालांकि, इस दायरे में आने वाले कारोबारियों को भी पंजीकरण लेकर ही व्यापार करना पड़ता है। दरअसल, छोटे दुकानदारों को बड़े व्यापारी उसी शर्त पर माल देते हैं, जब उनके पास जीएसटी नंबर होता है। बिना जीएसटी वाले को माल देने पर बडे़ व्यापारी के लिए हिसाब देना मुश्किल हो जाता है। वाणिज्य कर अधिकारी रास्ते में छोटे दुकानदारों का माल पकड़ ले तो उनको समझाना भी मुश्किल होता है। ऐसे में 40 लाख तक के सालाना टर्नओवर वाले कारोबारियों का इसका लाभ मिल सकेगा, यह आगे ही पता चल सकेगा। इन फैसलों को लेकर व्यापारियों की अलग- अलग राय है।   
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समाधान की राशि बढ़ाना अच्छा कदम
 समाधान योजना में डेढ़ करोड़ की सीमा तय करना भी अच्छा कदम है। मगर, इससे छोटे व्यापारियों को राहत नहीं है। रिटर्न भरने की जटिल प्रक्रिया होने के कारण छोटे व्यापारी भी सीए और अधिवक्ताओं के चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं।
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संजय दोसाज, दवा व्यापारी।

ई-पे बिल के नाम पर हो रहा शोषण
व्यापारी टैक्स तो देना चाहता है पर उनको अभी तक व्यवहारिक ज्ञान नहीं हो सका है। इसको सरल करना चाहिए। ई-पे बिल के नाम पर भी व्यापारियों का शोषण हो रहा है। सरकार ने कह रखा है कि पचास हजार तक के माल पर ई-पे बिल लगाना जरूरी नहीं है, इसके बाद भी परेशान किया जा रहा है।
दिनेश कुमार अग्रवाल, इलेक्ट्रानिक कारोबारी।

जीएसटी से हुआ फायदा
मेरा मानना है कि जीएसटी एक अच्छी कर प्रणाली है। पिछले दो साल में मेरा व्यापार बढ़ा है। पहले हर प्रांत में अलग टैक्स की दरें होने से व्यापार करने में दिक्कतें होती थीं। अब ऐसा नहीं है। हालांकि, रिटर्न भरने में जरूर दिक्कतें आ रही हैं।

प्रदीप अग्रवाल, पाइप कारोबारी।


निचले स्तर पर न हो उत्पीड़न
सरकार के इस फैसले से लाखों दुकानदारों को फायदा होगा , बशर्ते निचले स्तर पर उनका उत्पीड़न न हो। सरकार को निचले स्तर पर भी सरकारी मशीनरी को सुधारना चाहिए, तभी व्यापारी स्वच्छ वातावरण में व्यापार कर सकेगा।
संजय पटवारी, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल।

ये भी दिए सुझाव

- जीएसटी पोर्टल का सर्वर ठीक से काम करे।
- सूचनाओं को साझा करें अधिकारी।
- व्यापारी और अधिकारियों के बीच नियमित बैठक हो।
- व्यापारिक संगठन को दिए जाएं फेशिलेटर सेंटर।
- व्यापारी को मिले टैक्स कलेक्टर का दर्जा।
- समस्याओं के समाधान के लिए जानकर अफसरों को बिठाया जाए।
- ई-पे बिल न होने पर दोनों पक्षों को नोटिस भेजकर पूछताछ की जाए।
- ऑनलाइन कारोबार पर अंकुश लगना चाहिए।
 
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